3 जुलाई से सजेगा यूपी आम महोत्सव 2026, CM योगी करेंगे उद्घाटन, निर्यात और ब्रांडिंग पर होगा विशेष फोकस
Gaon Connection | Jun 24, 2026, 12:17 IST
उत्तर प्रदेश सरकार 3 से 5 जुलाई तक लखनऊ में यूपी आम महोत्सव 2026 का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। महोत्सव में आम की सैकड़ों दुर्लभ और प्रसिद्ध किस्मों का प्रदर्शन होगा। साथ ही किसानों, बागवानों और निर्यातकों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। 4 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बायर-सेलर मीट भी आयोजित होगी।
आम उत्पादकों के लिए खुशख़बरी
उत्तर प्रदेश की पहचान केवल देश के सबसे बड़े आम उत्पादक राज्य के रूप में ही नहीं है, बल्कि यहाँ की दशहरी, लंगड़ा, चौसा और रटौल जैसी किस्में दुनिया भर में अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। प्रदेश के आम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अगले महीने लखनऊ में तीन दिवसीय यूपी आम महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। यह आयोजन आम उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि आम महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों, बागवानों, निर्यातकों और कृषि उद्यमियों के लिए नए अवसरों का मंच बनेगा। यहाँ आम की दुर्लभ किस्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ आधुनिक बागवानी तकनीकों, मूल्य संवर्धन और वैश्विक व्यापार संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे प्रदेश के आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026 का आयोजन 3 से 5 जुलाई तक लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जाएगा। वहीं 4 जुलाई को जन भवन में अंतरराष्ट्रीय बायर-सेलर मीट आयोजित होगी, जिसमें देश-विदेश के खरीदार, निर्यातक और कृषि उद्यमी भाग लेंगे। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की उद्यानिकी और कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महोत्सव में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के प्रगतिशील बागवान, कृषि विशेषज्ञ, निर्यातक और उद्यमी शामिल होंगे। यहाँ आम की सैकड़ों विशिष्ट और दुर्लभ प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल और लखनऊ सफेदा जैसी प्रसिद्ध किस्में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा आम से तैयार प्रसंस्कृत उत्पादों, मूल्य संवर्धन तकनीकों और निर्यात संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान आम की विभिन्न प्रजातियों, आम आधारित संरक्षित उत्पादों, आम से बने व्यंजनों, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और सर्वाधिक प्रदर्शन करने वाले बागवानों के लिए प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। किसानों और बागवानों को आधुनिक उत्पादन तकनीक, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जुड़ी जानकारी देने के लिए कार्यशालाएँ और तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएँगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उत्पादकों और बागवानों को सम्मानित किया जाएगा।
दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार देश में लगभग 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 235 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। वहीं उत्तर प्रदेश में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में 62 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जिसके साथ प्रदेश देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की समृद्ध आम संस्कृति, कृषि विरासत और बागवानी क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर होगा। साथ ही इससे किसानों, बागवानों और कृषि उद्यमियों को नए व्यापारिक अवसर मिलने की भी उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि आम महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों, बागवानों, निर्यातकों और कृषि उद्यमियों के लिए नए अवसरों का मंच बनेगा। यहाँ आम की दुर्लभ किस्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ आधुनिक बागवानी तकनीकों, मूल्य संवर्धन और वैश्विक व्यापार संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे प्रदेश के आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
3 से 5 जुलाई तक लखनऊ में होगा आयोजन
सैकड़ों किस्मों के आम होंगे आकर्षण का केंद्र
दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल और लखनऊ सफेदा जैसी प्रसिद्ध किस्में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा आम से तैयार प्रसंस्कृत उत्पादों, मूल्य संवर्धन तकनीकों और निर्यात संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।