यूपी के गन्ना किसानों के लिए ‘रेड अलर्ट’, फसल पर इन खतरनाक कीटों का खतरा, सरकार ने जारी की एडवाइजरी
Gaon Connection | Apr 27, 2026, 12:56 IST
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए सतर्क रहने का समय है। योगी सरकार ने गन्ने की फसल पर मंडरा रहे अंकुर बेधक और चोटी बेधक कीटों के खतरे को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। अप्रैल से जून तक इन कीटों का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है।
गन्ने की फसल
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए सतर्क रहने का समय आ गया है। योगी सरकार ने फसल पर मंडरा रहे खतरनाक कीटों को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने चेतावनी दी है कि इस समय गन्ने की फसल पर अंकुर बेधक (अर्ली शूट बोरर) और चोटी बेधक (टॉप बोरर) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने न केवल अलर्ट जारी किया है, बल्कि फसल बचाने के उपाय भी विस्तार से बताए हैं।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच इन कीटों का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है। प्रदेश की कुछ चीनी मिल क्षेत्रों में इन कीटों की पहली पीढ़ी का असर भी देखा जा चुका है। ये सूंड़ियां पौधों के बीच की गोंफ को खाते हुए नीचे तक पहुंच जाती हैं, जिससे पौधे का मध्य हिस्सा सूख जाता है और आसानी से निकल जाता है। विभाग ने सलाह दी है कि प्रभावित पौधों को सूंड़ी और प्यूपा सहित जमीन की सतह से काटकर तुरंत नष्ट कर दिया जाए, ताकि संक्रमण आगे न फैले।
गन्ना विभाग के शोध वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते इन उपायों को अपनाएं, ताकि फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सके। सही समय पर दवाओं का छिड़काव, जैविक नियंत्रण और खेत की नियमित निगरानी से इन कीटों पर काबू पाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता से ही गन्ना किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अप्रैल से जून तक सबसे ज्यादा खतरा, समय पर बचाव जरूरी
ऐसे करें फसल की सुरक्षा (जरूरी उपाय)
- अंकुर बेधक और चोटी बेधक से प्रभावित पत्तियों या कल्लों पर मौजूद अंडों के समूह और सूंड़ियों को तोड़कर नष्ट करें।
- जैविक नियंत्रण के लिए ट्राइकोकार्ड का उपयोग 15 दिन के अंतराल पर करें।
- रासायनिक नियंत्रण के लिए फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% WG (500 ग्राम) या क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 8% + थायोमेथॉक्सम 17.5% (600 ग्राम) को 1000 लीटर पानी में मिलाकर ड्रेंचिंग करें।
- वयस्क कीटों को पकड़ने के लिए 25-30 मीटर की दूरी पर फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप लगाएं।
- गन्ने के अंदर की सूंड़ियों को नियंत्रित करने के लिए क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 18.5% SC (150 मिली) को 400 लीटर पानी में घोलकर जड़ों के पास ड्रेंचिंग करें।