यूपी के शिक्षकों के लिए खुशखबरी! मिलेगा 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, योजना के पोर्टल का ट्रायल शुरू

Gaon Connection | Jun 13, 2026, 18:44 IST
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उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही "मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना" शुरू करने जा रही है। इसके तहत शिक्षकों, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल का परीक्षण चल रहा है और अब तक 3.5 लाख से अधिक कर्मचारियों का डेटा जुटाया जा चुका है। तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद योजना लागू की जाएगी।

लाखों शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
लाखों शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
उत्तर प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए एक अच्छी ख़बर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही "मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना" शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ़्त इलाज (कैशलेस उपचार) की सुविधा मिलेगी। योजना के लिए बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल का शुरुआती परीक्षण यानी बीटा वर्ज़न का ट्रायल इस समय चल रहा है।

साढ़े तीन लाख से ज़्यादा कर्मचारियों का डेटा तैयार

स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज़) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना को पूरी तरह शुरू करने से पहले कर्मचारियों का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है और उसमें सुधार किया जा रहा है। पहले कई बार रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि, पहचान पत्र या परिवार के विवरण में ग़लती होने के कारण मेडिकल कार्ड बनने में दिक़्क़त आती थी और आवेदन अटक जाते थे। इस समस्या को ख़त्म करने के लिए इस बार डेटा को पूरी तरह सही करने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।

सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उठा सकेंगे फ़ायदा

साचीज़ के पोर्टल के ज़रिेये सभी कर्मचारियों और उनके परिवार का विवरण एक जैसे फ़ॉर्मेट में जुटाया जा रहा है। अब तक 3.5 लाख से अधिक कर्मचारियों का डेटा इकट्ठा किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि डेटा सही होने से कार्ड जल्दी बनेंगे और लोगों को योजना का लाभ तुरंत मिल सकेगा। इस योजना के तहत मिलने वाले कार्ड के ज़रिेये सरकारी और चुने हुए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराया जा सकेगा। इलाज का ख़र्च तय सीमा तक सीधे योजना के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे बीमारी के समय कर्मचारियों पर पैसों का बोझ नहीं पड़ेगा।

तकनीकी जांच के बाद होगी औपचारिक शुरुआत

अर्चना वर्मा ने बताया कि अभी पोर्टल के ट्रायल के दौरान कार्ड बनाने, लाभार्थियों की पहचान करने और अस्पतालों के साथ तालमेल बिठाने जैसी तकनीकी चीज़ों को परखा जा रहा है। यह ट्रायल सफल होने के बाद योजना को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और इलाज के भारी ख़र्च से बड़ी राहत मिलेगी।
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