17 सितंबर से यूपी में शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, गांव से शहर तक होंगे कई कार्यक्रम; जानिए एक महीने में क्या-क्या होगा
Gaon Connection | Sept 03, 2026, 18:09 IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा। योगी सरकार गांव से महानगर तक स्वच्छता, पौधरोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य परीक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करेगी। 7 अक्टूबर को सभी जिलों में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। अभियान के प्रदेश प्रभारी उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय होंगे।
पीएम मोदी के 25 साल के सफर को जनसेवा से जोड़ेगा यूपी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशभर में महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर होगी और यह 17 अक्टूबर तक चलेगा। सरकार इस दौरान ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों और महानगरों तक जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करेगी। स्वास्थ्य, स्वच्छता, रक्तदान, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को अभियान के केंद्र में रखा गया है। सरकार की कोशिश इसे केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों की भागीदारी वाला अभियान बनाने की है।
अभियान के जरिए योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से जुड़े कामों को लोगों तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ने पर जोर देगी। इसके लिए कार्यक्रमों का दायरा गांवों से लेकर शहरों तक रखा गया है। अभियान के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को दी गई है। अब संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और महीनेभर चलने वाले आयोजनों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक लोगों की भागीदारी से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। अभियान के दौरान अलग-अलग वर्गों को जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें ‘करोड़ों बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ शामिल हैं।
अभियान में जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला होगी। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत प्रदेश में स्वच्छता और पौधरोपण अभियान चलाए जाएंगे। घाटों, पार्कों और गोशालाओं की सफाई और सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
‘आरोग्य मेलों’ के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के मुताबिक दवाओं का वितरण भी किया जाएगा। बच्चों और युवाओं के लिए कार्यक्रमों के साथ नवाचार से जुड़े आयोजन भी होंगे। वहीं ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं और इस दौरान हुए बदलावों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
अभियान के दौरान 7 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। इस यात्रा के जरिए लोगों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा। सरकार की योजना अभियान को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखकर न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों तक ले जाने की है।
अभियान के प्रदेश प्रभारी और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय जल्द ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और उनके आयोजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सरकार की योजना 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के जरिए जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की है। इसके साथ ही नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
अभियान के जरिए योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से जुड़े कामों को लोगों तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ने पर जोर देगी। इसके लिए कार्यक्रमों का दायरा गांवों से लेकर शहरों तक रखा गया है। अभियान के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को दी गई है। अब संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और महीनेभर चलने वाले आयोजनों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी शुरुआत
स्वच्छता, पौधरोपण और रक्तदान से लेकर आरोग्य मेलों तक
‘आरोग्य मेलों’ के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के मुताबिक दवाओं का वितरण भी किया जाएगा। बच्चों और युवाओं के लिए कार्यक्रमों के साथ नवाचार से जुड़े आयोजन भी होंगे। वहीं ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं और इस दौरान हुए बदलावों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।