SGPGI में यूपी का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट, दिल्ली से लाया गया दिल, महिला को मिला नया जीवन
Gaon Connection | Apr 16, 2026, 18:59 IST
लखनऊ के एसजीपीजीआई में राज्य का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ। दिल्ली से लाए गए दिल को 20 डॉक्टरों की टीम ने 5 घंटे में प्रत्यारोपित किया। 40 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है। मरीज की हालत स्थिर है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को बधाई दी है। इससे प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
SGPGI में यूपी का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां राज्य का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया, जिससे 40 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है। यह उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।
इस जटिल ऑपरेशन के लिए दिल दिल्ली के Dr. Ram Manohar Lohia Hospital से एयर ट्रांसपोर्ट के जरिए लखनऊ लाया गया। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों ने तेजी से पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया, ताकि हार्ट ट्रांसप्लांट सफल हो सके।
SGPGI के 20 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक अनुभवी हार्ट सर्जन की अगुवाई में करीब 5 घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम के समन्वय और आधुनिक तकनीक के चलते इसे सफल बनाया गया।
सर्जरी के बाद मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है और फिलहाल ICU में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिन मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
इस ऐतिहासिक सफलता पर राज्यपाल Anandiben Patel, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और स्वास्थ्य मंत्री Brajesh Pathak ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है। उन्होंने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
इस सफलता के साथ ही उत्तर प्रदेश में अब हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा सेवाओं का रास्ता खुल गया है। इससे गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों को राज्य के भीतर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा और उन्हें दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस जटिल ऑपरेशन के लिए दिल दिल्ली के Dr. Ram Manohar Lohia Hospital से एयर ट्रांसपोर्ट के जरिए लखनऊ लाया गया। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों ने तेजी से पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया, ताकि हार्ट ट्रांसप्लांट सफल हो सके।