यूपी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति को मिला बड़ा रिस्पॉन्स, ग्रामीण इलाकों में बढ़ी लोगों की रुचि, ऐसे कर सकते हैं अप्लाई

Gaon Connection | May 26, 2026, 17:53 IST
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उत्तर प्रदेश में होमस्टे और फार्मस्टे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण किफायती आवास की मांग बढ़ी है। यह नीति स्थानीय लोगों को आय का जरिया दे रही है। बुंदेलखंड से लेकर तराई तक ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
यूपी में तेजी से बढ़ रहा होमस्टे कारोबार
यूपी में तेजी से बढ़ रहा होमस्टे कारोबार
उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के बढ़ते दायरे के बीच अब योगी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट और होमस्टे नीति पर्यटन का नया चेहरा बनती दिखाई दे रही है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और अन्य धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के कारण राज्य में किफायती ठहरने की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी जरूरत को देखते हुए सरकार ने होमस्टे और फार्मस्टे मॉडल को बढ़ावा दिया है, जिससे पर्यटकों को कम खर्च में रहने की सुविधा मिल रही है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।

यूपी में तेजी से बढ़ रहा होमस्टे और फार्मस्टे कारोबार

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति लागू होने के बाद प्रदेश में होमस्टे और फार्मस्टे की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक राज्यभर से 3000 से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं, जबकि करीब 900 होमस्टे और फार्मस्टे रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2026 की शुरुआत से आवेदन संख्या में और तेजी आई है। इससे साफ है कि अब लोग पर्यटन आधारित कारोबार को लेकर ज्यादा भरोसा और रुचि दिखा रहे हैं।

बुंदेलखंड से लेकर तराई तक बढ़ रहा ग्रामीण पर्यटन

वाराणसी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज और लखनऊ जैसे शहरों में शहरी होमस्टे तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं ग्रामीण होमस्टे मॉडल में सबसे ज्यादा तेजी बुंदेलखंड क्षेत्र में देखने को मिल रही है। बांदा, महोबा, हमीरपुर और झांसी जैसे जिले अब नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इसके अलावा बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत और लखीमपुर जैसे जिले भी ग्रामीण पर्यटन की नई पहचान बना रहे हैं। मथुरा-वृंदावन और आगरा के ग्रामीण इलाकों में भी पर्यटक अब गांव के माहौल में रुकने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

खाली कमरे बन रहे कमाई का जरिया

यह नीति छोटे शहरों और गांवों में रहने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। कई परिवार अब अपने खाली कमरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। इससे लोगों को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन भी कम करना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यह मॉडल खासतौर पर बुजुर्ग दंपतियों, महिलाओं द्वारा संचालित परिवारों, रिटायर्ड लोगों और खाली घरों वाले परिवारों के लिए कमाई का बेहतर विकल्प बन रहा है।

पर्यटक अब गांव की संस्कृति और खान-पान का भी ले रहे अनुभव

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन का असली लाभ तब होता है, जब उसका फायदा सीधे गांवों और स्थानीय परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि होमस्टे और फार्मस्टे मॉडल के जरिए पर्यटक अब उत्तर प्रदेश की असली संस्कृति, ग्रामीण जीवन, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय परंपराओं को करीब से अनुभव कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पर्यटन का लाभ सिर्फ बड़े होटल और शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे।

ऑनलाइन और आसान है पंजीकरण प्रक्रिया

बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति के तहत पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान रखी गई है। नई और पहले से संचालित दोनों तरह की इकाइयां निर्धारित पोर्टल पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकती हैं।

आधिकारिक पोर्टल: up-tourismportal.in/application/bnb/login और up-tourismportal.in/application/bnb/login

क्या हैं होमस्टे और बीएंडबी के नियम?

शहरी होमस्टे के तहत ऐसे आवासीय भवन पात्र होंगे, जहां मालिक स्वयं रहता हो और उसके पास अतिरिक्त कमरे उपलब्ध हों। एक इकाई में अधिकतम 6 कमरे और कुल 12 बेड की अनुमति होगी। वहीं बेड एंड ब्रेकफास्ट यानी बीएंडबी इकाइयों में ऐसे भवन शामिल होंगे, जहां मालिक स्वयं नहीं रहता हो। यहां भी अधिकतम 6 कमरे और 12 बेड की अनुमति होगी और एक केयरटेकर रखना अनिवार्य होगा। ग्रामीण होमस्टे के तहत भी मालिक द्वारा स्वयं निवास किए जाने वाले घरों में अधिकतम 6 कमरे और 12 बेड तक पर्यटकों को उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

प्रशिक्षण, प्रचार और सब्सिडी का भी मिलेगा लाभ

इस नीति के तहत लोगों को कई अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जा रही हैं। बिजली बिल, जल कर, गृह कर और सीवर कर का भुगतान आवासीय दरों पर होगा। प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान की ओर से आठ सहायक कर्मचारियों को निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए होमस्टे और फार्मस्टे इकाइयों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
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