VB-G RAM G Act: विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी, गाँव में 1 जुलाई से 125 दिन रोज़गार की गारंटी
Preeti Nahar | May 11, 2026, 13:51 IST
ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव आ रहा है। 1 जुलाई 2026 से नया 'विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन' लागू होगा। यह मनरेगा की जगह लेगा और 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देगा। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। मजदूरी भुगतान साप्ताहिक होगा और देरी पर मुआवजा मिलेगा। पारदर्शिता के लिए फेस रिकॉग्निशन से हाजिरी लगेगी।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025
केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए “विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025” (VB-G RAM G Act) की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के मुताबिक यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसके लागू होने के बाद Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (मनरेगा) को समाप्त कर दिया जाएगा। हालांकि मनरेगा के तहत पहले से चल रहे कार्य बंद नहीं होंगे, बल्कि उन्हें नए अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूरा किया जाएगा ताकि सार्वजनिक परिसंपत्तियां अधूरी न रहें और ग्रामीणों को रोजगार मिलता रहे।
सरकार ने बताया कि इस नए कानून का उद्देश्य ग्रामीण विकास को विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप बनाना है। इसके तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, उन्हें एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। यह मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति मिलेगी।
यदि कोई ग्रामीण परिवार रोजगार के लिए आवेदन करता है तो उसे आवेदन की तारीख से 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर रोजगार नहीं दिया जाता है तो संबंधित श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। पहले 30 दिनों के लिए अधिसूचित मजदूरी दर का एक-चौथाई और उसके बाद शेष अवधि के लिए मजदूरी दर का आधा भुगतान राज्य सरकार को करना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को तुरंत परेशान होने की जरूरत नहीं है। जिन श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, उनके पुराने जॉब कार्ड तब तक वैध रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। नए परिवार भी ग्राम पंचायत में आवेदन देकर पंजीकरण करा सकेंगे।
मजदूरी भुगतान को लेकर भी नए प्रावधान किए गए हैं। श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम दो सप्ताह के भीतर किया जाएगा। भुगतान सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजा जाएगा। अगर मजदूरी भुगतान में देरी होती है तो श्रमिकों को प्रति दिन 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा भी मिलेगा।
नए अधिनियम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को डिजिटल बनाया गया है। अब कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति फेस रिकॉग्निशन आधारित सिस्टम से दर्ज की जाएगी। हालांकि जहां नेटवर्क या तकनीकी समस्याएं होंगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इस योजना के तहत ठेकेदारों को अनुमति नहीं होगी और भारी मशीनों के उपयोग पर भी रोक रहेगी। अधिकतर कार्य श्रमिकों के जरिए ही कराए जाएंगे ताकि रोजगार के अवसर कम न हों।
इस अधिनियम के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आजीविका संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर और चरम मौसम से बचाव से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों को योजना के क्रियान्वयन में अहम भूमिका दी गई है। पंचायतें पंजीकरण, रोजगार आवेदन, कार्यों के संचालन और विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करने का काम करेंगी।
फंडिंग पैटर्न में भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का अनुपात 90:10 होगा, अन्य राज्यों के लिए 60:40, जबकि बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों को पूरी तरह केंद्र सरकार फंड देगी।
सरकार का कहना है कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँवों में टिकाऊ विकास, जल संरक्षण, स्थानीय बुनियादी ढांचे के निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाला यह नया कानून ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ी नीति बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
अब 100 नहीं, 125 दिन रोजगार
विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब VB - G RAM G के अंतर्गत 1 जुलाई से हमारे मजदूर भाई-बहनों को 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। pic.twitter.com/CUSJmUOV7p
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) May 11, 2026
15 दिनों में देना होगा काम
पुराने जॉब कार्ड रहेंगे वैध
मजदूरी भुगतान कैसे होगा?
नए अधिनियम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को डिजिटल बनाया गया है। अब कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति फेस रिकॉग्निशन आधारित सिस्टम से दर्ज की जाएगी। हालांकि जहां नेटवर्क या तकनीकी समस्याएं होंगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।