VB-GRAM-G: आज से लागू हुई नई ग्रामीण रोज़गार योजना, अब 125 दिन मिलेगा काम, जानिए किस राज्य में बढ़ी कितनी मज़दूरी?

Umang | Jul 01, 2026, 11:37 IST
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एक जुलाई से विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB-GRAM-G लागू हो गया है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक गारंटीकृत रोज़गार मिलेगा। राष्ट्रीय औसत दैनिक मज़दूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है। योजना में डिजिटल निगरानी, समय पर भुगतान, बेरोज़गारी भत्ता और कृषि सीज़न के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

आज से बदल जाएगी ग्रामीण रोज़गार की तस्वीर
आज से बदल जाएगी ग्रामीण रोज़गार की तस्वीर
देश में ग्रामीण रोज़गार व्यवस्था में आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। मनरेगा की जगह केंद्र सरकार की नई रोज़गार योजना विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB-GRAM-G एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई है। इसके लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले गारंटीकृत रोज़गार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। इसके अलावा मज़दूरों की दैनिक मज़दूरी में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोज़गार, समय पर भुगतान और पारदर्शी प्रणाली उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार नई योजना के तहत राष्ट्रीय औसत दैनिक मज़दूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है। यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। सभी 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मज़दूरी क्षेत्रों के लिए नए वेतन दर अधिसूचित कर दिए गए हैं। साथ ही 300 रुपये प्रतिदिन का अंतरिम आधार (बेस) वेतन भी तय किया गया है, ताकि किसी भी क्षेत्र में निर्धारित मज़दूरी इससे कम न रहे। सरकार का दावा है कि देशभर में औसतन 10 प्रतिशत से अधिक की वेतन वृद्धि हुई है।

125 दिन रोज़गार और बेरोज़गारी भत्ता

नई योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों तक मज़दूरी वाला रोज़गार कानूनी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में काम नहीं मिलता है तो 16वें दिन से दैनिक बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं काम पूरा होने के बाद 15 दिनों के भीतर मज़दूरी का भुगतान करना होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से मुआवज़ा भी दिया जाएगा।

योजना में कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए खरीफ़ और रबी जैसे व्यस्त कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों की आरक्षित अवधि का भी प्रावधान किया गया है। इस दौरान योजना के तहत नए कार्य नहीं कराए जाएँगे, ताकि खेती के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मज़दूरों की उपलब्धता बनी रहे। नियमों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।

कई राज्यों में 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ी मज़दूरी

ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मज़दूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं हरियाणा में 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये तथा सिक्किम की ऊँचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन की अधिसूचित मज़दूरी तय की गई है।

योजना के प्रभावी संचालन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन भी किया है। नई व्यवस्था में पंजीकरण से लेकर कार्य आवंटन, उपस्थिति, भुगतान और निगरानी तक अधिकांश प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जाएगा। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड और ग्राम सभा आधारित सोशल ऑडिट जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को समय पर सेवाएँ मिल सकेंगी।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मज़दूर एक दिन भी बिना काम के न रहे। उनके अनुसार VB-GRAM-G अधिनियम विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
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