भारत के 166 प्रमुख जलाशयों का जल भंडारण 68% पहुँचा, 8 जलाशय पूरी तरह भरे; 40 में 80% से अधिक पानी
Gaon Connection | Aug 28, 2026, 15:51 IST
देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण बढ़कर 125.299 अरब घन मीटर यानी कुल क्षमता का क़रीब 68% हो गया है। पाँच में से चार क्षेत्रों में भंडारण 60% से ऊपर है, लेकिन 35% जलाशय अब भी आधे से कम भरे हैं। दक्षिण भारत में भंडारण 60% से नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक़, मौजूदा भंडारण पिछले साल की समान अवधि से 18 प्रतिशत अंक और सामान्य स्तर से क़रीब 4 प्रतिशत कम है। 17 अगस्त तक दक्षिण-पश्चिम मानसून में 13% बारिश की कमी रही। मानसून के रुकने और अल नीनो के मज़बूत होने से जलाशयों के स्तर पर आगे दबाव पड़ने की आशंका है।
जलाशयों में पानी की स्थिति सुधरी,
इस सप्ताह देश के पाँच में से चार क्षेत्रों में प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण उनकी कुल क्षमता के 60 प्रतिशत से ऊपर पहुँच गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आँकड़ों के अनुसार, देश के 166 प्रमुख जलाशयों में कुल जल भंडारण का स्तर बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, इन जलाशयों में से 35 प्रतिशत अब भी आधे से कम भरे हैं। प्रमुख जलाशयों की कुल क्षमता 183.565 अरब घन मीटर (BCM) है और उपलब्ध आँकड़ों में जल भंडारण 125.299 अरब घन मीटर बताया गया है।
केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले साल की इसी अवधि के मुक़ाबले 18 प्रतिशत अंक कम है और सामान्य स्तर से क़रीब चार प्रतिशत कम है। आठ जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जिनमें पाँच महाराष्ट्र में हैं, जबकि 40 जलाशयों में जल स्तर 80 प्रतिशत से अधिक है। पाँच क्षेत्रों में दक्षिण भारत ही ऐसा क्षेत्र है, जहाँ जलाशयों में भंडारण उनकी क्षमता के 60 प्रतिशत से कम है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी के कारण जल भंडारण कम रहा है। 17 अगस्त तक देश में बारिश 13 प्रतिशत कम थी। मानसून के रुकने और अल नीनो के मज़बूत होने की संभावना के बीच आने वाले समय में जलाशयों के जल स्तर पर दबाव पड़ सकता है।
केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, देश के 166 प्रमुख जलाशयों में कुल 183.565 अरब घन मीटर की भंडारण क्षमता है। जलाशयों में जल भंडारण का स्तर बढ़कर 125.299 अरब घन मीटर हो गया है, जो कुल क्षमता का क़रीब 68 प्रतिशत है। आँकड़ों के मुताबिक़, इस सप्ताह पाँच में से चार क्षेत्रों में जल भंडारण 60 प्रतिशत से ऊपर रहा। हालांकि, देश के 35 प्रतिशत प्रमुख जलाशय अब भी अपनी क्षमता के आधे से कम भरे हैं। केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों में जलाशयों में 117.773 अरब घन मीटर पानी और 64.16 प्रतिशत भंडारण स्तर का भी उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही 125.299 अरब घन मीटर और 68 प्रतिशत का आँकड़ा दिया गया है।
पाँच क्षेत्रों में से चार में जलाशयों का भंडारण स्तर 60 प्रतिशत से अधिक है। दक्षिण भारत में यह स्तर 60 प्रतिशत से नीचे है। आठ जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं। इनमें पाँच जलाशय महाराष्ट्र में हैं। इसके अलावा 40 प्रमुख जलाशयों में जल स्तर उनकी कुल क्षमता के 80 प्रतिशत से अधिक है।
इस साल जलाशयों में भंडारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी के कारण कम रहा है। 17 अगस्त तक देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम थी। मानसून के रुकने की संभावना और अल नीनो के मज़बूत होने के बीच आने वाले समय में जलाशयों के जल स्तर पर दबाव पड़ सकता है। कुल मिलाकर, मौजूदा जल भंडारण पिछले साल की इसी अवधि से 18 प्रतिशत अंक कम और सामान्य स्तर से क़रीब चार प्रतिशत कम है।
केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले साल की इसी अवधि के मुक़ाबले 18 प्रतिशत अंक कम है और सामान्य स्तर से क़रीब चार प्रतिशत कम है। आठ जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जिनमें पाँच महाराष्ट्र में हैं, जबकि 40 जलाशयों में जल स्तर 80 प्रतिशत से अधिक है। पाँच क्षेत्रों में दक्षिण भारत ही ऐसा क्षेत्र है, जहाँ जलाशयों में भंडारण उनकी क्षमता के 60 प्रतिशत से कम है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी के कारण जल भंडारण कम रहा है। 17 अगस्त तक देश में बारिश 13 प्रतिशत कम थी। मानसून के रुकने और अल नीनो के मज़बूत होने की संभावना के बीच आने वाले समय में जलाशयों के जल स्तर पर दबाव पड़ सकता है।