मध्य प्रदेश में 10 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद, ₹2625 MSP के साथ मिलेगा ₹40 बोनस, इन किसानों को प्राथमिकता

Gaon Connection | Apr 06, 2026, 15:40 IST
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मध्य प्रदेश में किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू कर रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी। अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल MSP के साथ 40 रुपये बोनस भी मिलेगा।
मीटिॆंग करते सीएम मोहन यादव
मीटिॆंग करते सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर स्पष्ट किया है कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी तय समय पर शुरू की जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और किसान हितैषी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार मिशन मोड में तैयारियां कर रही है।




10 अप्रैल से शुरू होगी खरीदी

राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से तथा अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी। जिन क्षेत्रों में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होनी है, वहां 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस वर्ष 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है और प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, 10 अप्रैल से पहले सभी तौल केंद्रों का गहन निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रम की स्थिति न बने।

2,625 रुपये MSP के साथ बोनस

सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, साथ ही किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। अनुमान है कि इस वर्ष प्रदेश में करीब 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा, जिसके लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खरीदे गए गेहूं का भुगतान किसानों के खातों में न्यूनतम समय में किया जाएगा। इसके साथ ही उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य और मंडी स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके और किसानों को त्वरित सहायता मिल सके।

छोटे किसानों को प्राथमिकता, व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, इसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की खरीदी होगी। स्लॉट बुकिंग के आधार पर चरणबद्ध तरीके से खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है और किसानों को इस संबंध में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। जूट कमिश्नर सहित अन्य एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाकर बारदाने की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, उपार्जन केंद्रों पर बिजली, पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, प्रसाधन और पार्किंग जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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