Wheat Procurement: घोषित तिथि से एक दिन पहले 9 अप्रैल से आरंभ होगी गेहूं खरीदी
Gaon Connection | Apr 08, 2026, 16:03 IST
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशी की खबर है! गेहूं की खरीद 9 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जहाँ सरकार प्रति क्विंटल 40 रुपये का बोनस भी देगी। इस योजना से किसानों को असीमित लाभ मिलेगा, कुल मिलाकर उन्हें 2,625 रुपये प्रति क्विंटल प्राप्त होंगे।
प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जा रहा है : CM
MSP for Wheat: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह घोषणा की है, जिसका मुख्य उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को तेज करना और छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट समिति की उच्च स्तरीय बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है और किसानों को प्रति क्विंटल 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा, जिससे कुल खरीदी दर 2,625 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि गेहूं की सरकारी खरीद अब 9 अप्रैल से ही शुरू हो जाएगी। यह फैसला किसानों को समय पर राहत पहुंचाने और खरीद प्रक्रिया को गति देने के लिए लिया गया है। पहले यह खरीद 16 मार्च से शुरू होने वाली थी, जिसे कई बार बदला गया और अब अंतिम रूप से 9 अप्रैल तय की गई है। इस बार खरीदी की शुरुआत में पंजीकृत छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि केंद्रों पर भीड़ कम रहे और किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। मध्य प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त लाभ पहुंचाने के लिए इस पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस जोड़ रही है। इस प्रकार, किसानों को कुल 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में खरीद व्यवस्था की लगातार निगरानी करें ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार ने इस बार खरीदी के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना (बोरे) उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जिससे पिछले वर्षों में सामने आई कमी की समस्या से बचा जा सके। मुख्यमंत्री ने हाल ही में वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन का भी जिक्र किया, जहां दोनों राज्यों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’, जीआई टैग उत्पाद और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ कार्यक्रम को भी दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का उदाहरण बताया, जिससे सांस्कृतिक संबंध मजबूत होते हैं और पर्यटन व निवेश को बढ़ावा मिलता है।
इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 3 साल के लिए चना और मसूर खरीद को मंजूरी दे दी है। साथ ही, मध्य प्रदेश का एनडीडीबी (National Dairy Development Board) से करार हुआ है, जिससे पशुपालकों की आय और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। यह कदम मध्य प्रदेश को डेयरी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार किसानों और उत्पादकों के कल्याण के लिए विभिन्न मोर्चों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और उन्हें उचित मूल्य मिले। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो और किसानों को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके।