गेहूँ खरीद ने तोड़े पिछले सारे आँकड़े, लक्ष्य से आगे निकली सरकार, किस राज्य में कितनी हुई खरीदारी?
Gaon Connection | Jun 23, 2026, 12:27 IST
केंद्र सरकार की गेहूँ खरीद 21 जून तक 3.576 करोड़ टन पहुँच गई, जो 3.554 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य से अधिक है। पिछले वर्ष की तुलना में खरीद 19% बढ़ी है। राजस्थान में रिकॉर्ड 27.1 लाख टन और उत्तर प्रदेश में 21.6 लाख टन गेहूँ खरीदा गया। बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा में भी खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
गेहूँ खरीद में 19% की बढ़ोतरी
देश में इस वर्ष गेहूँ उत्पादन और सरकारी खरीद दोनों ने नई ऊँचाइयाँ छू ली हैं। केंद्र सरकार ने 2026-27 विपणन सीज़न के लिए गेहूँ खरीद का जो संशोधित लक्ष्य तय किया था, उसे निर्धारित समय से पहले ही पार कर लिया गया है। भारतीय खाद्य निगम (एफ़सीआई) और राज्य एजेंसियों द्वारा 21 जून तक 3.576 करोड़ टन गेहूँ खरीदा जा चुका है, जो संशोधित लक्ष्य 3.554 करोड़ टन से अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में सरकारी खरीद 2.995 करोड़ टन रही थी। इस तरह खरीद में लगभग 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरकारी खरीद में वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ उन राज्यों को मिला है, जहाँ किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बड़ी मात्रा में गेहूँ बेचा। राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में खरीद ने नया रिकॉर्ड बनाया है, जबकि बिहार में भी खरीद पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक रही। कृषि मंत्रालय द्वारा इस वर्ष गेहूँ उत्पादन 12.066 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया गया है, जिसके चलते सरकार को अधिक खरीद की उम्मीद थी।
केंद्र सरकार ने शुरुआत में 3.03 करोड़ टन गेहूँ खरीद का लक्ष्य तय किया था। बाद में किसानों की माँग और राज्यों के अनुरोध पर इसे बढ़ाकर पहले 3.45 करोड़ टन और फिर 3.554 करोड़ टन कर दिया गया। इसके बावजूद खरीद इस लक्ष्य को पार कर 3.576 करोड़ टन तक पहुँच गई है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार राजस्थान में गेहूँ खरीद 27.1 लाख टन तक पहुँच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह 21.1 लाख टन थी। यह राज्य के इतिहास की सबसे अधिक खरीद मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में भी खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। राज्य में इस वर्ष 21.6 लाख टन गेहूँ खरीदा गया, जो पिछले वर्ष के 10.3 लाख टन के मुकाबले दोगुने से अधिक है। इसी वजह से केंद्र ने उत्तर प्रदेश का खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 25 लाख टन कर दिया था।
बिहार में सरकारी खरीद 40,364 टन तक पहुँच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह केवल 18,087 टन थी। राज्य में किसानों की बढ़ती भागीदारी और खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ने से खरीद में तेज़ी आई है।
मध्य प्रदेश में सरकारी एजेंसियों ने 1.044 करोड़ टन गेहूँ खरीदा है, जो पिछले वर्ष के 77.7 लाख टन से 34 प्रतिशत अधिक है। राज्य में शुरुआती चुनौतियों और खरीद केंद्रों पर व्यवस्थागत समस्याओं के बावजूद लक्ष्य से अधिक खरीद हुई।
हरियाणा में खरीद 81.2 लाख टन रही, जबकि पिछले वर्ष यह 70.8 लाख टन थी। यह राज्य के लिए निर्धारित 72 लाख टन के लक्ष्य से भी अधिक है।
पंजाब में इस वर्ष 1.216 करोड़ टन गेहूँ खरीदा गया, जो पिछले वर्ष के 1.192 करोड़ टन से लगभग 2 प्रतिशत अधिक है। हालाँकि, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई ज़िलों में गेहूँ की चमक (लस्टर) प्रभावित हुई, जिसके चलते अधिकांश खरीद गुणवत्ता मानकों में छूट देकर की गई।
1 जून तक केंद्रीय पूल में गेहूँ का भंडार 5.341 करोड़ टन पहुँच गया है, जो 1 जुलाई के लिए निर्धारित 2.75 करोड़ टन के बफ़र मानक से कहीं अधिक है। यह वर्ष 2021 के बाद सबसे बड़ा गेहूँ भंडार माना जा रहा है। रिकॉर्ड उत्पादन और बढ़ी सरकारी खरीद से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध रहेगा। साथ ही किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने का बेहतर अवसर भी मिला है।
सरकारी खरीद में वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ उन राज्यों को मिला है, जहाँ किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बड़ी मात्रा में गेहूँ बेचा। राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में खरीद ने नया रिकॉर्ड बनाया है, जबकि बिहार में भी खरीद पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक रही। कृषि मंत्रालय द्वारा इस वर्ष गेहूँ उत्पादन 12.066 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया गया है, जिसके चलते सरकार को अधिक खरीद की उम्मीद थी।
लक्ष्य से अधिक पहुँची सरकारी खरीद
राजस्थान और उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड खरीद
उत्तर प्रदेश में भी खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। राज्य में इस वर्ष 21.6 लाख टन गेहूँ खरीदा गया, जो पिछले वर्ष के 10.3 लाख टन के मुकाबले दोगुने से अधिक है। इसी वजह से केंद्र ने उत्तर प्रदेश का खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 25 लाख टन कर दिया था।
बिहार में दोगुनी हुई खरीद
मध्य प्रदेश और हरियाणा ने भी बढ़ाई हिस्सेदारी
हरियाणा में खरीद 81.2 लाख टन रही, जबकि पिछले वर्ष यह 70.8 लाख टन थी। यह राज्य के लिए निर्धारित 72 लाख टन के लक्ष्य से भी अधिक है।