विश्व मलेरिया दिवस 2026: सतर्कता, समय पर इलाज और बचाव ही सबसे बड़ा हथियार
Gaon Connection | Apr 25, 2026, 17:23 IST
हर साल 25 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय मलेरिया दिवस मनाया जाता है। यह घातक बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और थकान शामिल हैं। बीमारी की पहचान और उपचार समय पर होना आवश्यक है। घरों के आस-पास पानी एकत्र नहीं होने दें और मच्छरदानी का उचित उपयोग करें।
विश्व मलेरिया दिवस 2026
हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, ताकि मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस वर्ष का थीम रखा है “Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must.” यानी अब मलेरिया खत्म करने का समय है और इसके लिए तुरंत कदम उठाने होंगे। WHO के अनुसार 2024 में दुनिया भर में करीब 282 मिलियन मलेरिया के मामले और 6.1 लाख मौतें दर्ज की गईं, जिससे यह साफ है कि यह बीमारी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह बीमारी प्लाज्मोडियम नामक परजीवी से होती है, जो मच्छर के काटने के बाद खून के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। यह बीमारी खासतौर पर बरसात और उमस वाले मौसम में तेजी से फैलती है।
मलेरिया के लक्षण सामान्य बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
तेज बुखार आना और ठंड लगना
सिर दर्द और शरीर दर्द
कमजोरी और थकान
उल्टी या मितली
पसीना आना
भूख कम लगना
बार-बार बुखार का चढ़ना-उतरना
अगर समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
कुछ मामलों में मलेरिया जानलेवा भी हो सकता है। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:
मरीज बेहोश होने लगे
सांस लेने में दिक्कत हो
बार-बार उल्टी हो
खून की कमी हो जाए
दौरे पड़ें
पेशाब कम आए या बंद हो जाए
मलेरिया की पुष्टि के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट करवाते हैं। इसमें मलेरिया परजीवी की पहचान की जाती है। कई जगह रैपिड टेस्ट किट भी उपलब्ध हैं, जिससे जल्दी जाँच संभव है।
मलेरिया का इलाज संभव है, लेकिन समय पर इलाज बहुत जरूरी है। डॉक्टर मरीज की स्थिति और मलेरिया के प्रकार के अनुसार दवाएं देते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। इलाज अधूरा छोड़ने से बीमारी दोबारा लौट सकती है।
मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों से बचाव जरूरी है:
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
रात में मच्छरदानी का उपयोग करें
फुल बाजू कपड़े पहनें
मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे लगाएं
खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं
बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं
ग्रामीण इलाकों में जलभराव, खुले नाले और स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी के कारण मलेरिया का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए गांवों में सफाई, समय पर जाँच और जागरूकता बेहद जरूरी है। लखनऊ के डॉ पंकज सिंह बताते हैं, "मौसम जब भी अचानक बदलता है तो मच्छरों की संख्या बढ़ती है। ऐसे में जरा सी लापरवाही के चलते मलेरिया हो सकता है। इसमें सिर में दर्द, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं। मलेरिया के इलाज में दवा नियिमत लें, बीच में इलाज न छोड़ें। दवाओं का पूरा कोर्स करें वरना बाद में और भी ज्यादा दिक्कतें बढ़ जाती हैं।"
WHO का कहना है कि आज वैक्सीन, नई दवाएं और बेहतर रोकथाम साधन उपलब्ध हैं। सही निवेश, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से मलेरिया को खत्म किया जा सकता है। मलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। अगर बुखार आए तो उसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, सही इलाज और बचाव के उपाय अपनाकर खुद को और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
क्या है मलेरिया?
विश्व मलेरिया दिवस 2026
मलेरिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
तेज बुखार आना और ठंड लगना
सिर दर्द और शरीर दर्द
कमजोरी और थकान
उल्टी या मितली
पसीना आना
भूख कम लगना
बार-बार बुखार का चढ़ना-उतरना
अगर समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
गंभीर मलेरिया के संकेत
जानिए मलेरिया के लक्षण
मरीज बेहोश होने लगे
सांस लेने में दिक्कत हो
बार-बार उल्टी हो
खून की कमी हो जाए
दौरे पड़ें
पेशाब कम आए या बंद हो जाए
कैसे होती है जांच?
इलाज क्या है?
बचाव ही सबसे अच्छा उपाय
मलेरिया से बचाव के तरीके जरूर जान लें
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
रात में मच्छरदानी का उपयोग करें
फुल बाजू कपड़े पहनें
मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे लगाएं
खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं
बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं