UP NEWS: योगी सरकार का बुनकरों पर फोकस; बढ़ेगी आय, सम्मान और डिजिटल कनेक्टिविटी

Gaon Connection | Apr 09, 2026, 14:57 IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुनकरों की आर्थिक स्थिति और उनके समाज में सम्मान को प्राथमिकता दी है। अब बुनकरों को क्लस्टर विकास के माध्यम से आधुनिक बाजार और डिज़ाइन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफार्मों की मदद से बुनकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ सकेंगे। साथ ही पावरलूम बुनकरों के बिजली खर्चों में छूट के लिए ठोस योजनाएँ बनाई जाएँगी।
बुनकरों के विकास के लिए योगी सरकार का जोर
बुनकरों के विकास के लिए योगी सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुनकरों के समग्र विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उनकी आय, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उन्होंने क्लस्टर आधारित विकास मॉडल के जरिए बुनकरों को बाजार, डिजाइन और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हथकरघा क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर वैल्यू चेन मॉडल के तहत विकसित किया जाए, जिससे बुनकरों को अधिक लाभ मिल सके। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग के माध्यम से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने और पावरलूम बुनकरों के बिजली बिल में राहत देने के लिए व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बुनकरों को मिलेंगी आधुनिक तकनीके

बुनकरों के विकास के लिए योगी सरकार का जोर
बुनकरों के विकास के लिए योगी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुनकरों की आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बुनकर सिर्फ परंपरा के वाहक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लखनऊ में हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, डिजाइन और आधुनिक तकनीक की कमी, और बाजार तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत और समन्वित तंत्र की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने परिणाम-उन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को मजबूती

क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को बाजार
क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को बाजार
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहांँ क्लस्टर विकसित किए जाएं। इन क्लस्टरों का उद्देश्य उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एक साथ लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एक पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में काम करेंगे। इसका मतलब है कि डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुँच सब कुछ एक ही ढांचे में सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में क्लस्टर के चयन, सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, क्रियान्वयन और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ाव

बुनकर महिला
बुनकर महिला
मुख्यमंत्री ने डिजाइन और विपणन को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्पाद की सफलता तभी संभव है जब वह बाजार की मांग के अनुरूप हो। इसके लिए उन्होंने 'डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव' और 'डिजाइन हाउस/सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी/एक्सपोर्ट हाउस' जैसे संस्थागत तंत्र को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बड़े बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी और बुनकरों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग के विस्तार पर भी जोर दिया, ताकि बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जा सके।

पॉवरलूम बुनकरों के लिए विद्युत बिल में राहत

डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जाए
डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जाए
बैठक में मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल को कम करने के लिए बेहतर प्रयासों की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, हथकरघा विभाग और पॉवर कॉर्पोरेशन मिलकर इस संबंध में एक कार्ययोजना तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे बुनकरों की बिजली की लागत कम होगी और उन्हें लंबे समय तक राहत मिलेगी। इस दिशा में एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

बुनकरों के लिए संतुलित और व्यावहारिक नीति की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुनकर समुदाय राज्य की समृद्ध परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए, एक ऐसी संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति तैयार की जानी चाहिए जिससे बुनकरों को वास्तविक राहत मिले, उद्योग को नई गति मिले और प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को एक मजबूत आधार प्राप्त हो सके। इस बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान जी भी उपस्थित रहे। प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश हथकरघा निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्ष 2024-25 में देश के कुल हथकरघा निर्यात में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 9.27 प्रतिशत रहा।
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