चर्म रोगों को न लें हल्के में, तुरंत कराएं इलाज

स्किन से जुड़ी किसी भी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास ही जाएं। झोलाछाप के चक्कर में पड़कर लोग पैसा और स्वास्थ्य दोनों गवां देते हैं

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   19 Feb 2019 6:30 AM GMT

चर्म रोगों को न लें हल्के में, तुरंत कराएं इलाज

लखनऊ। " सफेद दाग और कुष्ठ को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। लोगों को यह भय होता है कि यह संक्रामक है, इसलिए लोग ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से बचते हैं। लेकिन ये सब भ्रांतियां हैं। सही समय पर डॉक्टर के पास जाने से इन बीमारियों को दूर किया जा सकता है। " ये कहना है लखनऊ के जाने-माने चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अबीर सारस्वत का।

चर्म रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये इंडियन एसोसिएशन आफ डर्मेटोलॉजिस्ट नेरियोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट (आईएडीवीएल) ने एक स्किन सफर यात्रा शुरु की है। इसके तहत एक वाहन में दोनों ओर एलईडी लगी हैं, जिसमें त्वचा रोग व इसके बचाव से संबंधित डॉक्युमेंट्री फ़िल्म चल रही है। इस वाहन को स्किन सफर रथ नाम दिया गया है। यह यात्रा दिसंबर 2018 को नई दिल्ली से शुरू हुई है जो 60 दिनों में 18 राज्यों और 11000 किमी का सफर तय कर दिल्ली पहुंचेगी।

ये भी पढ़ें: जानिए जुकाम और फ्लू में अंतर, जुकाम को साधारण बीमारी समझकर न करें लापरवाही


16 फरवरी को यह स्किन सफर रथ लखनऊ पहुंचा। इस दौरान किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। चर्म यौन एवं कुष्ठ रोग के सम्बन्ध में आम जन को जागरूक किया गया। नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने चर्म यौन एवं कुष्ठ रोग से सम्बन्धित समाज में फैली भ्रान्तियों को दूर करने का प्रयास किया गया। इसके बाद यह रथ ऐरा मेडिकल कॉलेज पर पहंचा। इसके बाद यह रथ 1090 चौराहे पर पहुंचा। इस दौरान पम्फलेट और पोस्टर के माध्यम लोगों को चर्म रोग और उससे जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जानकारी दी गई।

ये भी पढ़ें: महिलाओं में दिखें ये लक्षण तो यह है सर्वाइकल कैंसर, ऐसे करें बचाव


इन विषय पर लोगों को किया गया जागरूक

- फेयरनेस क्रीम से रंग गोरा नहीं होता है

- सफेद दाग का इलाज संभव है

- फेयरनेस क्रीम का इस्तेमाल सीधा फॉर्मेसी से लेकर न करें

- कुष्ठ रोग वंशानुगत बीमारी नहीं है

- कुष्ठ रोग का पक्का इलाज है

ये भी पढ़ें: जीवनशैली में मामूली बदलाव लाने से आपका दिल रहेगा हमेशा स्वस्थ


चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित गुप्ता ने बताया," सफेद दाग कुष्ठ रोग नहीं है। यह संक्रामक और छुआछूत का रोग नहीं है। इसका इलाज संभव है। यह रोग सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कष्ट देता है। जन जागरुकता से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही स्किन की बीमारियों को हल्के में नहीं लेनी चाहिए। जरा सी लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है।"

ये भी पढ़ें: प्रसूति गृहों में महिलाओं की स्थिति पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का आइना

लखनऊ के मशहूर चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमित मदान ने बताया, " चर्म रोग को अंतिम पायदान पर रखा जाता है। आम तौर स्किन को लेकर होने वाली समस्याओं को लोग नजरअंदाज कर देते हैं या खुद मेडिकल स्टोर पर जाकर दवा दे लेते हैं, जो गलत है। स्किन से जुड़ी किसी भी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास ही जाएं। झोलाछाप के चक्कर में पड़कर लोग पैसा और स्वास्थ्य दोनों गवां देते हैं।


लोगों का मानना है कि फेयरनेस क्रीम लगाने से रंग गोरा हो जाता है। लेकिन यह आपकी त्वचा को गोरा करने की आपकी त्वचा को कई तरह के नुकसान भी पहुंचा सकता है। चर्म रोग में स्टेरॉयड का उपयोग स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सही दवा के उपयोग से इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।"

ये भी पढ़ें:कैसे करें एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल: डॉक्टरों के लिए विशेष गाइडलाइन्स

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top