गर्मी में इन बातों का रखेंगे ध्यान तो नहीं होंगे परेशान

आयुष आपके द्वार कार्यक्रम के तहत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मड़ियांव में स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें श्रम मंत्रालय के 29 बच्चों और 51 अन्य लोगों की जांच की गई।

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   16 May 2018 2:28 PM GMT

गर्मी में इन बातों का रखेंगे ध्यान तो नहीं होंगे परेशान

लखनऊ। गर्मी में होने वाली गर्मी से थकावट, लू लगना, पानी की कमी, फूड पॉयजनिंग आम बीमारियां हैं। अगर हम कुछ सावधानियां बरतें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है। आयुष आपके द्वार कार्यक्रम के तहत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मड़ियांव में स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें श्रम मंत्रालय के 29 बच्चों और 51 अन्य लोगों की जांच की गई।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र प्रभारी डा. तृप्ति आर सिंह ने शिविर में आने वाले रोगियों को गर्मी से बचने के बारे में बताया। उन्होंने कहा, इस मौसम में हमें काफी सतर्क रहने की जरुरत होती है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही हम पर भारी पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा, बाहर के खाने से बचना चाहिए।
इन बीमारियों का रहता है खतरा
डा. तृप्ति से बताया, ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा वायरल बुखार के चपेट में लोग आ जाते हैं। वहीं सर्दी जुकाम, थ्रोट इंफेक्शन के साथ-साथ पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां भी जल्दी से पकड़ लेती हैं। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हॉस्पिटल के बेड मरीजों से भरने शुरू हो जाते हैं। इस बदलते मौसम की मार सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ती है, क्योंकि इम्युनिटी कम होने के चलते इनमें इंफ्केशन होने का खतरा ज्यादा होता है। बच्चों को ऐसे मौसम में निमोनिया, वायरल और सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों का सबसे ज्यादा खतरा होता है। वहीं बुजुर्गों को गले में तकलीफ और वायरल बुखार आदि का खतरा होता है।
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आयुष आपके द्वार कार्यक्रम के तहत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मड़ियांव में स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें श्रम मंत्रालय के 29 बच्चों और 51 अन्य लोगों की जांच की गई।
इस प्रकार से करें बचाव
लू से बचाव के लिए यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में पानी की मात्रा कम न हो। यदि दोपहर में बाहर जाएं तो मुंह व गर्दन को कपड़े से ढक कर निकलें और छाते का प्रयोग करें। इस दौरान नरम, मुलायम व सूती कपड़ें पहनने चाहिए ताकि वे पसीने को सोख सकें। प्याज का रस- लू का सबसे रामबाण घरेलू इलाज है प्याज। प्याज के रस में जीरा पाउडर व शहद की बूंदें डालकर पीना लाभदायक रहता है। इसके साथ ही प्याज के रस को शरीर पर लगाने से भी राहत मिलती है। कच्चे आम को उबाल कर या पका कर उसका गुदा निकाल देते हैं। इसमें पानी के साथ गुड़, सौंफ, पुदिना और जीरा मिलाकर पीना असरदार होता है। कच्चे आम के गुदे का शरीर पर लेप भी किया जा सकता है। गर्मी में पसीने के रूप में पानी शरीर से बाहर निकलता है। नींबू में उपस्थित विटामिन सी और इलेक्टोलाइट्स हीट स्ट्रोक्स से बचाते हैं। नींबू पानी शरीर को ताजगी भी देगा।

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