इन लक्षणों से पहचानें कहीं आपका दिल बीमार तो नहीं

Chandrakant Mishra | Apr 24, 2019, 06:30 IST
Share
लोगों को अचानक हार्ट अटैक हो रहा है और ये लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, इस तरह आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।
#Heart Attack Symptoms
इन लक्षणों से पहचानें कहीं आपका दिल बीमार तो नहीं
बदलती जीवनशैली, शारीरिक श्रम से दूरी और धूम्रपान से आज युवाओं को भी ह्दय के रोग होने लगे हैं। ऐसे में सभी को यह जानना चाहिए कि ह्दय की बीमारी होने के क्या लक्षण हैं और इस रोग से कैसे बचा सकता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. भुवन चंद तिवारी हृदय से जुड़ी बीमारी के ऐसे शुरूआती लक्षण बता रहे हैं, जिन्हें समय से पहले जानकर हृदय की बीमारियों से बचा जा सकता है।
प्रश्न: यह हृदय रोग क्या है और किस वर्ग के लोगों को होता है?

उत्तर: हृदय रोग को पहले बड़े बूढ़ों की बीमारी कहा जाता था, लेकिन अब यह युवाओं को भी अपने चपेट में ले रही है। इसकी सबसे मुख्य वजह हमारा तनावर्पूण होती जीवनशैली है, शारीरिक श्रम न करना, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन।

ये भी पढ़ें: "कॉलेस्ट्रोल नियंत्रित कर आप हार्ट अटैक के रिस्क से बच सकते हैं"

प्रश्न: मानव शरीर में ह्दय का क्या कार्य है?

उत्तर: हृदय शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। मनुष्य में यह छाती के मध्य में, थोड़ी सी बाईं ओर स्थित होता है और एक दिन में लगभग एक लाख बार एवं एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है। यह हर धड़कन के साथ शरीर में रक्त को धकेलता करता है।हृदय को पोषण एवं ऑक्सीजन, रक्त के द्वारा मिलता है जो कोरोनरी धमनियों द्वारा प्रदान किया जाता है।

RDESController-1875
RDESController-1875
प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: इंटरनेट

प्रश्न: ह्दय कितने भाग में विभाजित होता है?

उत्तर: यह अंग दो भागों में विभाजित होता है, दायां एवं बायां। हृदय के दाहिने एवं बाएं, प्रत्येक ओर दो चैम्बर (एट्रिअम एवं वेंट्रिकल नाम के) होते हैं। कुल मिलाकर हृदय में चार चैम्बर होते हैं। दाहिना भाग शरीर से दूषित रक्त प्राप्त करता है एवं उसे फेफडों में पम्प करता है और रक्तफेफडों में शोधित होकर ह्रदय के बाएं भाग में वापस लौटता है जहां से वह शरीर में वापस पम्प कर दिया जाता है। चार वॉल्व, दो बाईं ओर (मिट्रल एवं एओर्टिक) एवं दो हृदय की दाईं ओर (पल्मोनरी एवं ट्राइक्यूस्पिड) रक्त के बहाव को निर्देशित करने के लिए एक-दिशा के द्वार की तरह कार्य करते हैं।

RDESController-1876
RDESController-1876
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. भुवन चंद तिवारी

ये भी पढ़ें:हार्ट अटैक और एक्सीडेंट के घायलों की जान बचानी है तो रखें इन बातों का ध्यान



इतने प्रकार के होते हैं हृदय रोग

हृदयाघात

रुमेटिक हृदय रोग

जन्मजात खराबियां

हृदय की विफलता

पेरिकार्डियल बहाव



ये भी पढ़ें: हार्ट अटैक और डायबिटीज से बचाएगी इस गेहूं की रोटी

हार्टअटैक के लक्षण

- बहुत पसीना आना

- बेचैनी

- उलझन

- चक्कर आना

- सांस लेने में परेशानी

-मितली आना

-दिल के बीच में कसाव होना

ये भी पढ़ें: भारत में हृदय रोग से मरने वालों की संख्या सबसे ज़्यादा



प्रश्न: हृदय रोग के लक्षण और संकेत क्या होते हैं?

उत्तर: जन्मजात हृदय की खराबियों वाले कई व्यक्तियों में बहुत ही कम या कोई लक्षण नहीं पाये जाते। इसके साथ ही गंभीर प्रकार की खराबियों में लक्षण दिखाई देते हैं विशेषकर नवजात शिशुओं में। इन लक्षणों में सामान्यतः तेजी से सांस लेना, त्वचा, ओठ और उंगलियों के नाखूनों में नीलापन, थकान और खून का संचार कम होना शामिल है। वहीं बड़े बच्चे व्यायाम करते समय या अन्य क्रियाकलाप करते समय जल्दी थक जाते हैं या तेज सांस लेने लगते हैं।"

प्रश्न: हृदय रोग के कारण क्या होते हैं?

उत्तर: हृदय रोग का सबसे प्रमुख कारण धूम्रपान करना, पारिवार में किसी को इस बीमारी का होना, बहुत ज्यादा मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप होना, सुस्त जीवनशैली का का होना, दैनिक जीवन में शारीरिक श्रम न करना, बहुत ज्यादा तनाव लेना और फास्टफूड का सेवन करना।

प्रश्न: समय रहते हृदय रोग या हार्ट अटैक से बचने के उपाय क्या हैं ?

उत्तर: अगर परिवार में या आपको खुद मधुमेह है, रक्तचाप है या आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले इन बीमारियों का इलाज कराएं। इसके अलावा अगर आप शारीरिक श्रम नहीं करते हैं तो इसे तुरंत शुरू कर दें। रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट व्यायाम करें। धूम्रपान करते हों तो इसे तुरंत छोड़ दें, बाहर के खाने से बचें। खूब सारा फल और हरी सब्जियां खाएं। इस तरह से आप खुद को हृदय रोग से बचा सकते हैं।

ये भी पढ़ें:एक अंडा रोज खाने से 12 प्रतिशत तक कम हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा

Tags:
  • Heart Attack Symptoms
  • Healthy Heart
  • heart disease