कोच बनते ही रवि शास्त्री ने दिखाया ‘पावर’, जहीर खान की जगह ये होंगे बॉलिंग कोच 

Mithilesh DubeyMithilesh Dubey   18 July 2017 6:18 PM GMT

कोच बनते ही रवि शास्त्री ने दिखाया ‘पावर’, जहीर खान की जगह ये होंगे बॉलिंग कोच भरत अरुण और जहीर खान।

लखनऊ। रवि शास्त्री ने कोच बनते ही अपना पावर दिखा दिया है। जहीर खान के कोच बनने के कयासों पर आज विराम लग गया। शास्त्री के कहने पर इंडिया टीम का बाॅलिंग कोच ऐसे खिलाड़ी को बनाया गया है जिन्हें बहुत से लोग जानते भी नहीं होंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे खिलाड़ी को कोच बनाया ही क्यों गया है। जहीर खान के पास ज्यादा अनुभव होने के कारण उन्हें तवज्जों नहीं दी गयी।

बीसीसीआई ने भरत अरुण को भारतीय क्रिकेट टीम का नया गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार अरुण को रवि शास्त्री के कहने पर ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि जिस विश्वविजेता टीम की गेंदबाजी सुधारने का जिम्मा अरुण को दिया गया है क्या वे इस पर खरे उतर पाएंगे। ये सवाल ज्यादा लाजिमी इसलिए भी हो गया है क्योंकि भरत अरुण को जहीर खान पर तरजीह दी गई है।

सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को भारतीय टीम का गेंदबाजी सलाहकार नियुक्त किया था। इस मामले के विवादों से घिर जाने के बाद शुक्रवार (14 जुलाई) को बीसीसीआई ने साफ किया कि गेंदबाजी कोच के रूप में जहीन खान और बल्लेबाजी को सलाहकार के तौर राहुल द्रविड़ की नियुक्ति “दौरा विशेष” के लिए की गई है।

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भारतीय टीम 26 जुलाई से श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली है जहां तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगी। बीसीसीआई ने ये भी साफ किया कि सीएसी ने रवि शास्त्री की मर्जी के खिलाफ द्रविड़ और खान की नियुक्ति की अनुशंसा नहीं की थी। आखिर कौन हैं भरत अरुण और शास्त्री उन्हें गेंदबाजी कोच क्यों बनाना चाहते हैं?

रवि शास्त्री और भरत अरुण।

पांच विकेट लेने वाला गेंदबाजी कोच

शास्त्री और अरुण का परिचय करीब तीन दशक पुराना है। भरत अरुण के विकीपीडिया प्रोफाइल के अनुसार वो 1979 में श्रीलंका जाने वाले अंडर-19 क्रिकेट टीम के सदस्य थे, जबकि रवि शास्त्री उसके कप्तान थे। भरत अरुण ने 1986 में तेज गेंदबाज के तौर पर अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट और वनडे डेब्यू किया।

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रवि शास्त्री उनसे पहले 1981 में ही राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बना चुके थे, हालांकि अरुण का करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और वो महज दो टेस्ट और चार वनडे ही खेल पाए। वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के छह मैचों के अपने करियर में कुल पांच विकेट ही ले पाए। कुछ मीडिया रिपोर्ट में अरुण को आलराउंडर बताया गया है इसलिए यहां ये जानना जरूरी है कि उन्होंने कुछ छह अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 25 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनका अधिकतम स्कोर नाबाद दो रन रहा तो वनडे में आठ रन। वहीं बात अगर फर्स्टक्लास मैचों की हो तो भरत कुल 48 मैचों में 110 विकेट ही ले पाए हैं।

भरत अरुण का रिकार्ड।

2014 में भी बनाया गया था कोच

अरुण साल 2014 में पहली बार तब राष्ट्रीय टीम के गेंदबाजी कोच बनाए गए जब रवि शास्त्री टीम के डायरेक्टर थे। अरुण शास्त्री के टीम इंडिया के मैनेजर रहने तक (2016 तक) गेंदबाजी कोच रहे। कहा जाता है कि रवि शास्त्री के कहने पर ई-श्रीनिवासन ने अरुण को राष्ट्रीय टीम का बॉलिंग कोच बनाया था। अरुण को जब राष्ट्रीय टीम का गेंदबाजी कोच बनाया गया तो वो तमिलनाडु क्रिकेट संघ के कोचिंग डायरेक्टर थे। अरुण उससे पहले नेशनल क्रिकेट अकादमी, बेंगलुरु के मुख्य गेंदबाजी कोच थे। अरुण पश्चिम बंगाल क्रिकेट संघ, इंडिया ए और इंडिया अंडर-19 के भी कोच रह चुके हैं।

जहीर खान का रिकार्ड।

जहीर खान का रिकॉर्ड कहीं बेहतर

जहीर खान के ऊपर अरुण को तवज्जो देने के पीछे का क्या लॉजिक हो सकता है ये तो समझ से परे हैं। जहीर की तुलना में अरुण कहीं नहीं टिकते। जहीर खान भारत की ओर से 92 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेल चुके हैं। 92 टेस्ट मैचों में जहीर ने 32.94 के एवरेज से 311 और वनडे में 29.43 एवरेज से 282 विकेट ले चुके हैं। जहीर खान कई देशों से काउंटी क्रिकेट भी खेल चुके हैं। ऐसे में ये रिकॉर्ड और अनुभव बताते हैं कि जहीर खान भरत अरुण से कहीं बेहतर कोच साबित हो सकते हैं।

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