इस दिवाली मेरठ में भी नहीं बिकेंगे पटाखे, लगा प्रतिबंध, कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान

Sundar ChandelSundar Chandel   13 Oct 2017 9:31 AM GMT

इस दिवाली मेरठ में भी नहीं बिकेंगे पटाखे, लगा प्रतिबंध, कारोबारियों को करोड़ों का नुकसानपटाखे 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

मेरठ। जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एक नवंबर तक पटाखों की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इसके लिए न तो कोई स्थाई या अस्थाई लाइसेंस दिए जाएंगे, और न ही पटाखे बेचने की अनुमति दी जाएगी।

जनपद के सभी थानाध्यक्षों, एसडीएम व एसीएम को आदेश का पालन कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। आतिषबाजी पर पूरी तरह प्रतिबंध से जिले के ढाई हजार पटाखा विक्रेताओं को लगभग 50 करोड़ का फटका लगना तय हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को जारी आदेश के तहत बुधवार को एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधिकारियों और पटाखा कारोबारियों से बात की।

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सुप्रीम कोर्ट ने एक नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंद लगा दिया है। ऐसे में अब कोई भी पटाखा कारोबारी पटाखे न बेचे। यदि किसी ने पटाखा बिक्री संबंधी रोक के आदेष का अनुपालन नहीं किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमपी सिंह,एडीएम सिटी

उन्होंने आगे कहा कि जिले में पूर्व में जारी किए गए स्थाई या अस्थाई पटाखा बिक्री लाइसेंसो को एक नवंबर तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह लाइसेंस फिलहाल मान्य नहीं होंगे। साथ ही लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों को लिखकर देना होगा कि उनके पास जो स्टॉक है, उसे एक नवंबर तक नहीं बेचा जाएगा।

ऐसे रखेंगे स्टॉक पर नजर

प्रशासन के अनुसार पिछले साल के स्थाई व अस्थाई लाइसेंस के साथ इस साल पटाखा बिक्री के लाइसेंस के आवेदनों की सूची तैयार हो रही है। इन सबके स्टॉक की जांच कर उसे होल्ड कराया जाएगा। साथ ही ऐसे पटाखा विक्रेता जो सांठगांठ से बिना लाइसेंस पटाखा बेचते रहे हैं, उनके लिए खुफिया तंत्र सक्रिय किया जाएगा।

नपेंगे थानेदार

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद पटाखा बिकने व बनाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू करने के लिए एसएसपी ने सभी थानेदारों और फायर ब्रिगेड कर्मियों की मीटिंग ली है। जिसमें एसएसपी ने थानेदारों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी थानेदार के संबंधित क्षेत्र में पटाखे दिखाई दिए तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। किसी भी कीमत पर कोई सुनवाई नहीं होगी।

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जब्त होगा पटाखों का स्टॉक

दमकल विभाग से दिवाली पर पटाखे बेचने के लिए सालाना 500 से ज्यादा अस्थाई लाइसेंस बनते हैं। 1000 से ज्यादा लोग गुपचुप तरीके से पटाखों की दुकान सजाते हैं। पुलिस का इरादा अस्थाई लाइसेंस का इरादा रखने वाले लोगों के पास करोड़ों के पटाखे हो सकते हैं। यदि ये कहीं भी दिखे तो इन्हे जब्त कर लिया जाएगा।

लगेगा पचास करोड़ का फटका

मेरठ में भले ही औसतन सवा सौ दुकानों को पटाखा बेचने के लाइसेंस जारी किए जाते हो, पर यहां ढाई हजार से ज्यादा दुकानों पर पटाखे बेचे जाते हैं। अकेले मेरठ शहर में एक हजार से ज्यादा पटाखों की बिक्री की जाती है, इसके अलावा मवाना लगभग 500 दुकानों पर, सरधना 500 दुकानों व किठौर में भी लगभग इतनी ही दुकानों पर पटाखे बेचे जाते हैं। ये सभी दुकाने बिना लाइनसेंस की ही होती हैं। कारोबारियों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कारोबारियों को लगभग 50 करोड़ का फटका लगेगा। जिससे कारोबारी सड़कों पर आ जाएंगे।

दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन

प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद पटाखा कारोबारियों में बेहद आक्रोष है। कारोबारी शुक्रवार को दिल्ली प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हैं। कारोबारियों का मानना है कि करोड़ों का स्टॉक पटाखा नहीं बिका तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने छह माह पहले ही पटाखा स्टॉक किया था, ताकि दिवाली पर दोगुने पैसे में बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सके।

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पटाखे बेचने पर लगी रोक से कारोबारियों को तगड़ा नुकसान होगा। लोगों ने जहां माल स्टॉक किया हुआ था, वहीं एडवांस में भी बुकिंग कर रखी थी। ऐसे में कारोबारियों का पैसा डूब जाएगा। जिसे व्यापारी कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
कुलदीप सिंघल, पटाखा कारोबारी

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