शनिवार से यूपी के बेसिक स्कूलों में शुरु होंगी परीक्षाएं

शनिवार से यूपी के बेसिक स्कूलों में शुरु होंगी  परीक्षाएंदो पालियों में होंगी परीक्षाएं।

अजय मिश्र / शुभम मिश्र, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज/गुगरापुर। 18 मार्च से जिले भर के बेसिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद बोर्ड परीक्षाओं में वह ड्यूटी में शामिल होने के कारण करीब 450 बेसिक स्कूलों के शिक्षक इसमें शामिल नहीं होंगे।

बेसिक स्कूलों में परीक्षा दो पाली में होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर एक बजे से तीन बजे तक आयोजित होगी। कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाएं कुल दो पालियों में परीक्षा होगी। दूसरे स्कूलों में भी ड्यूटी करेंगे शिक्षक बीएसए ने जो सभी बीईओ को परीक्षा के बाबत आदेश दिया है उसमें कहा है कि स्कूल में परीक्षा के लिए हेडमास्टर और एक सहायक अध्यापक अपने स्कूल में रहेंगे। अन्य शिक्षक आस-पास दूसरे स्कूलों में ड्यूटी पर लगाए जाएंगे।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में छह दिनों तक चलने वाली परीक्षाओं के लिए बजट भी आ चुका है। कक्षा एक की परीक्षाएं मौखिक होंगी। कक्षा दो से पांच तक की परीक्षाओं में उत्तरपुस्तिकाओं के लिए प्रति परीक्षार्थी 7.50 रूपये और छह से आठ तक के परीक्षार्थियों के लिए प्रति परीक्षार्थी 15 रूपये का बजट जारी किया गया है। इसे विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेजने का आदेश जारी हुआ है।

प्राथमिक स्कूलों में परीक्षा की तैयारियां पूरी।

कन्नौज के बीएसए अखंड प्रताप सिंह ने जारी किए आदेश में हवाला दिया है कि सभी विषय की परीक्षा का पूर्णांक 50-50 अंक का है। कक्षा एक में मौखिक परीक्षा का पूर्णांक भी 50 अंक का होगा। कक्षा दो और तीन में लिखित और मौखिक दोनो ही परीक्षाएं होंगी। इनके अंक 25-25 निर्धारित किए गए हैं। कक्षा चार और पांच में लिखित का पूर्णांक 35 और मौखिक का 15 पूर्णांक निर्धारित है। कक्षा छह से आठ तक में लिखित परीक्षा ही होगी। प्रश्नपत्र 50 अंक का होगा। बीएसए ने कहा है कि कला, संगीत, स्काउट गाइड, नैतिक शिक्षा एवं समाजोपयोगी कार्य की परीक्षा स्कूल के शिक्षक अपने स्तर से कराएंगे। मौखिक परीक्षा एक घंटे की होगी।

बेसिक स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी इलाहाबाद बोर्ड परीक्षा में लगने के बाबत बीएसए का कहना है कि ‘‘400 शिक्षक बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी कर रहे हैं। जहां ज्यादा शिक्षक थे, उन्हीं की ड्यूटी लगाई गई है। जैसे एक स्कूल में 50 बच्चे हैं और तीन शिक्षक हैं तो वहां के ही शिक्षक बोर्ड परीक्षा में लगाए गए हैं। इससे बेसिक स्कूलों की परीक्षाएं प्रभावित नहीं होंगी।’’

Share it
Top