वर्षों बाद जुलाई में बंटीं बच्चों को किताबें

वर्षों बाद जुलाई में बंटीं बच्चों को किताबेंप्रतीकात्मक तस्वीर

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। कई वर्षों बाद प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को जुलाई की शुरुआत में किताबें मिल रही हैं, जबकि इससे पहले बच्चों को किताबें छमाही परीक्षा तक मिल सकी हैं।

प्राथमिक स्कूल के बच्चों को नई कक्षा में नई किताबें मिलने से खुशी की लहर है। वहीं शिक्षा विभाग का दावा है कि जुलाई के अंत तक प्रदेश के सभी जिलों के स्कूलों में पूरी तरह से किताबों का वितरण कर दिया जाएगा।

प्राथमिक विद्यालय लाजपतनगर में कक्षा-5 में पढ़ने वाले नीरज (10 वर्ष) कहते हैं, “पिछले साल छमाही परीक्षा के बाद हमें किताबें मिली थीं। मगर अब स्कूल खुलते ही किताबें मिलने लगी हैं तो अच्छा लग रहा है। अभी पूरी किताबें नहीं मिली हैं, मैम ने कहा है कि कुछ दिनों के पूरी किताबें भी मिल जायेंगी और ड्रेस, बैग और जूते भी।“

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पिछली सरकार में बीते दो-तीन वर्षों में किताबों के टेंडर के विवादों में चलते बच्चों को किताबें छमाही परीक्षा के बाद वितरित की गयीं थीं, जिसको बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों ने मात्र औपचारिकता ही बताया था।

वहीं, स्कूल इंचार्ज नसरीन कहती हैं, “किताबें आनी और बंटनी शुरू हो गयी हैं। आज कक्षा 6 की हिन्दी, अंग्रेजी और भूगोल की और कक्षा 5 की हिन्दी की किताबें वितरित की गयी हैँ। जैसे-जैसे किताबें आती जायेंगी वैसे-वैसे देते रहेंगे।“

बता दें कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 1.98 लाख प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 1.96 करोड़ बच्चों के लिए इस बार लगभग 250 करोड़ रुपए की किताबों को छपाई का टेंडर हुआ जिसके तहत लगभग 13 करोड़ किताबों की छपाई जारी है जिसका वितरण बच्चों को किया जा रहा है।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय लाजपत नगर की इंचार्ज वंदना तिवारी बताती हैं, “इस बार पिछले कई वर्षों की अपेक्षा काफी जल्दी किताबें आने लगी हैं, इससे बच्चों में काफी उत्साह है और हम लोगों को भी अच्छा लग रहा है कि बच्चों को समय पर कोर्स पूरा करवा सकेंगे।“

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हालांकि, यूनिफार्म बनवाने का काम जहां अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है तो वहीं जूते-मोजे का टेंडर भी अभी तक नहीं खोला गया है। यह टेंडर 28 जुलाई को खोले जाने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही स्कूल बैग्स तैयार करके देने वाली फर्म भी अभी तक निर्धारित नहीं की गयी है।

संयुक्त शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने बताया कि किताबों के वितरण की प्रक्रिया जुलाई महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। यूनिफार्म का पैसा स्कूल की समिति के खाते में भेजा जाने लगा है। जल्द ही बच्चे नई यूनिफार्म में नजर आएंगे। स्कूल बैग्स का टेंडर पूरा हो चुका है, जल्द ही बैग्स भी स्कूलों तक पहुंच जायेंगे और जूते-मोजे के टेंडर की प्रक्रिया भी जारी है, जिसमें अभी कुछ समय लग सकता है, लेकिन लगभग डेढ़ महीने बाद जूते-मोजे भी बच्चों को दे दिये जायेंगे।

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