पीलीभीत में नेहरू ऊर्जा उद्यान पार्क बना धरना प्रदर्शनकारियों का अड्डा

पीलीभीत में नेहरू ऊर्जा उद्यान पार्क बना धरना प्रदर्शनकारियों का अड्डाउद्यान में पिछले एक माह से धरना प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी

नीतीश तोमर/स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

पीलीभीत। जिला मुख्यालय पर मात्र एक नेहरू ऊर्जा उद्यान ही एक ऐसा पार्क है, जहां नगरवासी सुबह-शाम टहलने आया करते हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा समय-समय पर योग आदि की क्लास भी इस पार्क में लगाई जाती रही है।

धीरे-धीरे इसके रख-रखाव पर ध्यान न देने के कारण इस पार्क में घास उग आई है। इसमें चलने वाली कैंटीन भी बंद कर दी गई। अब नेहरू ऊर्जा उद्यान पर धरना-प्रदर्शन करने वाले संगठनों का कब्जा है। इस पार्क का निर्माण वर्ष 1990 में तत्कालीन जिलाधिकारी जयशंकर मिश्र व क्षेत्रीय जनता के काफी प्रयासों के बाद हुआ था। उस समय की क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री मेनका गांधी ने इस पार्क का उद्घाटन किया था। पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी सामाजिक वानिकी वन विभाग को दे दी गई। पिछले चार वर्षों से जिला प्रशासन पीलीभीत ने जनपद में धरना-प्रदर्शन करने वाले लोगों को यह पार्क आवंटित कर दिया है।

किसी भी संगठन या समुदाय को सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना है, तो वह नेहरू ऊर्जा उद्यान में बैठ जाते हैं। जनपद में पिछले दिनों करीब एक माह तक शिक्षामित्रों द्वारा इस पार्क में धरना प्रदर्शन किया गया। उसके बाद से लगातार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं के अलग-अलग दो समूहों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। वहीं इस पार्क में एक अन्य स्थान पर रसोइयों का धरना भी इस समय चल रहा है, जिसके कारण यहां चारों ओर गंदगी फैली है। प्रदर्शनकारियों द्वारा पार्क में लगाए गए पौधों को तहस-नहस कर दिया गया है, लेकिन अब सामाजिक वानिकी प्रभाग अपनी धरोहर को इन प्रदर्शनकारियों से मुक्त करना चाहता है। इसी उद्देश्य से सामाजिक वानिकी प्रभाग के निदेशक आदर्श कुमार ने नेहरू ऊर्जा उद्यान पार्क का निरीक्षण किया।

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नेहरू ऊर्जा उद्यान को जल्द ही जिलाधिकारी से वार्ता कर प्रदर्शन करने वाले संगठनों से मुक्त करा लिया जाएगा। इसके अलावा शहर में चार पार्क और भी प्रस्तावित हैं, जिनकों जल्दी ही योजना बनाकर उनका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
संजय सिंह गंगवार, विधायक,पीलीभीत

जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन करने वाले लोगों को इस पार्क में ही धरना प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन अब मैं जिलाधिकारी से इस पार्क में धरना प्रदर्शन करने वाले संगठनों को अनुमति न देने की गुजारिश करूंगा, जिससे मुख्यालय पर स्थित एकमात्र पार्क को बदहाली से बचाया जा सकेगा।
आदर्श कुमार, निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग

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