सूखे तालाब, खराब पड़े हैंडपंप, कैसे बुझे प्यास? 

सूखे तालाब, खराब पड़े हैंडपंप, कैसे बुझे प्यास? सूखा पड़ा तालाब।

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

औरैया। बिधूना विकास खंड की ग्राम पंचायत मटेरा के पुर्वा मौजा तरा में तालाब के नाम का पैसा निकल गया, लेकिन तालाब की स्थिति नहीं सुधरी। यहां लगे ज्यादातर हैंडपम्प भी खराब हैं। इससे पशुओं के लिए पानी मिलना मुश्किल हो रहा है।

जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर पश्चिम में बिधूना ब्लाक की ग्राम पंचायत मटेरा के पुर्वा मौजा तरा में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। नई ग्राम पंचायत के गठन को लगभग डेढ़ साल हो गए। ग्रामीणों ने इस उत्साह के साथ प्रधान का चुनाव किया था कि गाँव का विकास होगा, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी ग्रामवासी वही अव्यवस्थाओं भरा जीवन जीने को मजबूर हैं।

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न बिजली, न पानी न ही सड़कों में कोई सुधार। गाँव में लगे सात इंडिया मार्का हैंडपंप की हालत सबसे ज्यादा खराब है। तीन हैंडपंप बदबूदार और खारा पानी दे रहे हैं। मौजा पुर्वा तरा निवासी घनश्याम (30 वर्ष) का कहना है, “हैंडपंप खराब होने की वजह से पेयजल का संकट गाँव में गहराया हुआ है।

तालाबों में पानी न होने से पशुओं को पानी समय से नहीं मिल पा रहा है।” वहीं मौजा पुर्वा तरा निवासी पिंटू (24 वर्ष) का कहना है, “प्रधान ने गाँव में विकास कार्यों में कोई तरजीह नहीं दी है। खराब पड़े हैंडपंपों की वजह से पीने के पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।” ग्राम मटेरा के प्रधानपति ओमकार पाल ने बताया, “कार्य योजना बन चुकी है। तालाब की सफाई करवा कर साफ पानी भरवाया जाएगा। खराब पड़े हैंडपंपों का रीबोर भी कराया जाएगा।”

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