सब्जियों के बढ़ते दामों से रसोई का बिगड़ा बजट

सब्जियों के बढ़ते दामों से रसोई का बिगड़ा बजटसब्जी की दुकान 

राजेंद्र भदौरिया, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। एक सप्ताह के अंदर सब्जियों के दाम आसमान पर जा पहुंचे हैं। बाजार में सब्जियों की आवक कम होने के साथ ही दाम बढ़ते जा रहे हैं। जिसमें सबसे अधिक तेजी टमाटर के दामों ने पकड़ रखी है। टमाटर के दाम बीते सात दिनों में आसमान छू रहे हैं। लगातार बढ़ते सब्जियों के दाम से रसोई का बजट भी बिगड़ने लगा है।

शहर के सब्जी मंडी में दुकान करने वाले संतोष ने बताया कि जुलाई की माह में सब्जियों की आवक कम होने लगती है। टमाटर की पैदावार भी कम होती है। इसकी वजह से उसके रेट लगातार बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह पहले जहां टमाटर के दाम 60 रुपये थे वहीं अब टमाटर के रेट 80 रुपये किलो तक जा पहुंचे हैं।

सब्जी व्यापारियों का कहना है कि मंडी में माल कम आने से सब्जियों के रेट बढ़ रहे हैं। वहीं बड़ी मंडियों में मौसम खराब होने से ट्रक भी नहीं पहुंच रहे। रास्तों में ट्रक फंस रहे हैं। वहीं जीएसटी ने भी ट्रांसपोर्ट को प्रभावित किया है। सब्जियों के दाम बढऩे की एक वजह यह भी है। इससे सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं।

शुक्रवार को सब्जी खरीदने पहुंची गृहणी रेशमी त्रिवेदी ने बताया कि टमाटर के रेट बढ़ते ही जा रहे हैं। शुक्रवार को बाजार में टमाटर 80 रुपये किला था। जबकि बैंगन के रेट 30 से 40 रुपए, कद्दू 40 रुपये, प्याज 15 रुपये और भिंडी 48 रुपये किलो थी। रेशमी ने बताया कि सब्जियों को लेकर जो बजट वह बनाती थी अब उससे कहीं अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। सब्जियों पर अब दोगुना खर्च आ रहा है।

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