गाँवों में मनरेगा से हो रहा ग्रामीणों का विकास

गाँवों में मनरेगा से हो रहा ग्रामीणों का विकासशासन के निर्देश पर मनरेगा के तहत लगभग हर गाँव में काम जोरों पर चल रहा है।

जैतीपुर। शासन के निर्देश पर मनरेगा के तहत लगभग हर गाँव में काम जोरों पर चल रहा है, इसके तहत तालाब निर्माण के साथ-साथ गाँवों में पगडण्डी और चकरोडों का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।

इसी क्रम में ग्राम सोंधा विकास खण्ड जैतीपुर में चकरोड का निर्माण कार्य मनरेगा मजदूरों से कराया जा रहा है। ग्राम रोजगार सेवक व प्रधान श्याम बिहारी वर्मा (32 वर्ष) ने बताया, “करीब 600 मी. लम्बाई का चकरोड पर मिट्टी का कार्य मनरेगा मजदूरों से कराया जा रहा है, जिसमें करीब 80 मनरेगा मजदूरों को लगाया गया है। इस चकरोड निर्माण से करीब 10 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।”

ये भी पढ़ें- कहां गया मनरेगा का 48 हजार करोड़ का बजट?

इस चकरोड निर्माण को लेकर किसानों ने प्रधान और विकास खण्ड स्तर पर दो बार प्रार्थना पत्र दिया था। उसी क्रम में इस चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। सरदार सुरेंद्र सिंह फौजी (58 वर्ष) बताते हैं, “चकरोड बन जाने से हमारे खेत तक रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे ट्रैक्टर व बैलगाड़ी खेत तक आसानी से पहुंच जाएंगी और किसी का नुकसान भी नहीं होगा।” वहीं पड़ोसी खेत वाले सोनपाल (58 वर्ष) ने बताया, “पहली बार इस चकरोड को बनवाया जा रहा है, जिसमें हमारा खेत तक खुद गया।”

मनरेगा मजदूर कमलेश (28 वर्ष) ने बताया, “रोजगार का इंतजाम गाँव में ही हो रहा है। बाहर जाने की नौबत नहीं आई।” मनरेगा मेठ विजय सिंह (28 वर्ष) ने बताया, “सभी मनरेगा मजदूरों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य दिया जाता है और यह लोग समय से काम निपटा लेते हैं।”

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top