बजट मिलने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना की राह मुश्किल

Karan Pal SinghKaran Pal Singh   1 Feb 2017 7:48 PM GMT

बजट मिलने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना की राह मुश्किलमकानों का निर्माण अधर में ही रुक गया ।

करन पाल सिंह, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में रहने वालों को अपना घर मिल सके इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की, जिसके तहत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आम बजट 2017 के दौरान 23 हजार करोड़ का बजट योजना के लिए आवंटित किया। देश में कई वर्ष से चल रही इस योजना की रफ्तार बहुत धीमी है। केवल उत्तर प्रदेश में 24 लाख आवासों की मांग है लेकिन अभी तक उनकी नींव भी नहीं पड़ी है।

1. आम बजट 2017 में प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना को मिला 23 हजार करोड़ रुपए का बजट। 2.ग्रामीण विकास मंत्रालय को हर दिन बनवाने होंगे 15,342 नए घर। 3. सात वर्ष में दो करोड़ घर बनवाने का है लक्ष्य।

केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास योजना का नवंबर 2016 से नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना रख दिया और योजना के अंतर्गत आने वाले आवासों की संख्या में इस वर्ष 33 फीसदी घरों की संख्या भी बढ़ा दी। इस नए संशोधन के साथ अब एक वित्तीय वर्ष में ग्रामीण विकास मंत्रालय को प्रति वर्ष 33 लाख घरों की जगह 44 लाख नए आवास बनाने होंगे। साथ ही मंत्रालय को पिछले सत्र में बचे हुए 12 लाख घरों का निर्माण भी करवाना होगा यानी कि मंत्रालय को एक वर्ष में अब 56 लाख घर बनवाने होंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय को एक वर्ष में हर दिन लगभग 15,342 नए घर रोज़ बनवाने होंगे।

यूपी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना।

यूपी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के कार्यक्रम अधिकारी अतुल चौहान बताते हैं, ‘’प्रदेश में अभी हमें 24 लाख आवासों की डिमांड मिली है। मौजूदा समय में सभी पात्रों की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, करीब 10,000 पात्रों को आवास आवंटित भी किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य आचार संहिता खत्म होने के बाद शुरू होगा।’’

यूपी में प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही कार्यवाई की जानकारी लेने के लिए गाँव कनेक्शन ने चार जिलों (लखनऊ, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी) के मुख्य विकास अधिकारियों व प्रोजेक्ट डायरेक्टर (डीआसडीए) से बात की पर सभी जिलों में अभी आवासों के पात्रों की पंजीकरण प्रकिया ही पूरी की जा रही है। (योजना में लखनऊ को 5,800 आवास, प्रतापगढ़ को 10,713 आवास, रायबरेली को 12,098 और अमेठी को 7,715 आवास मिले हैं)।

56 लाख आवास बना पाना कठिन


प्रधानमंत्री का सपना पूरा करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय को आवास बनाने की अपनी रफ्तार में बहुत तेज बढ़ोत्तरी लानी होगी क्योंकि पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय ने कई योजनाओं के तहत लगभग 18 लाख ग्रामीण आवासों का ही निर्माण करा सका है। ऐसे में 56 लाख अतिरिक्त आवास बना पाना मंत्रालय के लिए कठिन होगा।

तीन चरणों में होगा कार्य


प्रथम चरण :- इस योजना का प्रथम चरण अप्रैल 2015 से मार्च 2017 तक चलेगा। इस अवधि में 100 शहरों को कवर किया जाएगा।
द्वितीय चरण :- दूसरा चरण अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक चलेगा। इस अवधि में 200 अतिरिक्त शहरों के नाम जोड़े जाएँगे।
तीसरा चरण :- तीसरे चरण अप्रैल 2019 से मार्च 2022 तक चलेगा। इस अवधि में अन्य शहरों को जोड़ा जाएगा।

क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना :- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को कम लागत में स्वयं का आवास देने योजना लागू की गई है। 25 जून, 2015 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य 2022 तक भारत को झुग्गी मुक्त करना है। इस योजना के तहत अगले 7 साल में 2 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य है।

किसे मिलेगा लाभ:-

ये योजना देश के गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को लाभान्वित करेगा।
यदि किसी के पास केवल जमीन है और मकान बनाने की स्थिति नहीं तो उसे कम ब्याज पर बैंक से लोन दिलवाया जाएगा। उसमें से डेढ़ लाख रुपए सरकार वहन करेगी।
जिनके पास जमीन भी नहीं हैं ऐसे कमजोर आय वर्ग वालों को 30 वर्गमीटर और अल्प आय वर्ग वालों को 60 वर्गमीटर का मकान सरकार बनाकर देगी। उसका जो भी खर्च आएगा उसका बैंक से कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन:-


एक परिवार से सिर्फ एक आवेदन हो सकता है। परिवार में पति-पत्नी अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
बच्चे शादी-शुदा हैं और अलग राशनकार्ड है तो वे अलग से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदनकर्ता परिवार के किसी भी सदस्य के नाम देश के किसी भी हाउसिंग योजना में मकान न हो।
जिनकी वार्षिक आय 1.50 लाख रुपए से कम हो वे कमजोर आय वर्ग में आवेदन कर सकते हैं तथा जिनकी आय 3 लाख रुपए तक है वे अल्प आय वर्ग में आवेदन कर सकते हैं।
ऐसे पुरुष जिनकी पत्नी की मृत्यु हो गई है उनके आवेदन पुरुष के नाम से ही होंगे। उन्हें आवेदन के साथ पत्नी का डेथ सर्टिफिकेट या पार्षद से लिखवाकर देना होगा।

जरूरी कागज़ात:-

  1. वोटर कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी
  2. राशन कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी
  3. आधार कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी
  4. आय से संबंधित दस्तावेज सेल्फ अटेस्टेड
  5. बैंक डायरी की पहले पेज की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी
  6. बीपीएल कार्ड का सेल्फ अटेस्टेड कॉपी (यदि उपलब्ध हो तो)
  7. मकान या भूमि के दस्तावेज की कॉपी (यदि उपलब्ध हो तो)।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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