जगह-जगह कूड़े का अंबार, राह चलना मुश्किल

जगह-जगह कूड़े का अंबार, राह चलना मुश्किलपूरा कस्बा गंदगी की चपेट में है।

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार स्वच्छ यूपी- स्वस्थ यूपी के नारे के साथ दो सप्ताह तक स्वच्छता अभियान चलाया। स्वच्छता व सफाई पर जोर देने वाली सरकार के छोटे से नगर पंचायत शोहरतगढ़ में अभियान चला ही नहीं। इसके चलते पूरा कस्बा गंदगी की चपेट में है। जगह- जगह कूड़े का अंबार पटा पड़ा है, जो स्वच्छता अभियान की हकीकत को बयां कर रहा है। पटे कूड़े से उठ रही बदबू के चलते लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की होने वाली सफाई को अभियान का हिस्सा बताकर नगर पंचायत सीएम के सपने पर पलीता लगा रहा है।

कस्बे का कोई गली मोहल्ला ऐसा नहीं है, जहां कूड़े का अंबार नहीं पटा पड़ा है। इस नगर के सफाई का आलम देख आसानी से अगल- बगल के इलाकों के बारे में भी स्वच्छता को लेकर अंदाजा लगाया जा सकता है। कस्बे का पाश इलाका बाणगंगा रोड पर तहसील मुख्यालय है। जहां एसडीएम व तहसीलदार का आवास है। इन्हीं से सटे कुछ सौ मीटर पर ऑटो स्टैंड है, जिसके बीच हर रोज अनगिनत बार सड़क की पटरी पर कूड़ा गिराया जाता है।

शोहरतगढ़ नगर व ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त पड़ी है। सड़कों पर कूड़े का अंबार है। अधिशाषी अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाबदेही की गयी है। स्पष्ट जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सत्य प्रकाश सिंह, एसडीएम,शोहरतगढ़।

इस कूड़े के ढ़ेर से निकल रही बदबू आसानी से सफाई व्यवस्था की कहानी बयां कर रही है। बरसात की वजह से कूड़े से उठ रही बदबू ने राहगीरों को परेशान कर रखा है। जबकि इन्हीं से सटे हास्पिटल, स्टेट बैंक, बालिका विद्यालय व ढेर सारे आवास हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अंजान बने हैं।

कस्बे के दुकानदार बृजेश वर्मा (30वर्ष) बताते हैं,“ कूड़ा न गिराने के लिए कई बार मना किया गया, लेकिन नहीं मानते हैं। इस इलाके में सफाई के नाम पर कोई काम नहीं दिखता। कूड़ा सड़ने लगता है तो कई दिनों पर नगर पंचायत सफाईकर्मी भेजकर पटरी से नीचे कूड़ा गिराने की जहमत उठाता है। सुबह- शाम पोखरे पर टहलने वाले व पूजन- पाठ के लिए आने- जाने वालों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।”

मंदिर समिति के अध्यक्ष अभय सिंह (30वर्ष)का कहना है, “ इस स्थान पर कूड़ा ना गिराने को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार मानने को तैयार नहीं हैं। नगर पंचायत की इस बदइंतजामी से साफ है कि जानबूझ कर सीएम के सपने पर पलीता लगाया जा रहा है।”

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