स्वयं प्रोजेक्ट

संजय दत्त पूर्वजों का पिंडदान करने के लिए बनारस पहुंचे

वाराणसी। अभिनेता संजय दत्त आज तय समय से करीब डेढ़ घंटे लेट करीब 12:30 बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। वह मुंबई से चार्टर प्लेन द्वारा वाराणसी पहुंचे थे। नदेरस स्थित थ्री स्टार होटल में थोड़ा देर रेस्ट करने बाद वे माता-पिता समेत पूर्वजों का पिंडदान करने के लिए रानी घाट पहुंचे। जहां आठ पुरोहितों द्वारा पूजापाठ के बाद सवा सौ लीटर दूध से माँ गंगा और राजा भागीरथ का अभिषेक किया साथ ही महाआरती भी की। पूजा पाठ के लिए घाट पर पंडाल और रंगोली बनायी गयी थी।

मोक्ष नगरी काशी को मिनी गया भी कहा जाता है। गया जाने से पहले यहां पिंडदान जरूरी होता है। इसी सोच के साथ बुधवार को अभिनेता संजय दत्त उर्फ संजू बाबा बनारस पहुंचे। पितृ ऋण से मुक्ति के लिए संजय दत्त ने दोपहर में रानी घाट पर अपने पिता सुनील दत्त का पिंडदान किया।

आचार्य राजेंद्र शर्मा सहित आठ पंडितों द्वारा श्राद्ध किया गया। मुख्य रूप से पुरोहित कैलाश मिश्रा, नित्यानंद शर्मा, अवधेश दुबे, शुभम, कार्तिक, देवेश, विवेक और अथर्व ने पिंडदान कराया। संजय दत्त ने अपनी मां नरगिस, पिता सुनील दत्त के साथ दादा-दादी और परदादा-दादी का पिंड दान किया। संजू बाबा के साथ नई फिल्म भूमि के प्रोड्यूसर और हिरोइन भी थे। शाम को एक कार्यक्रम में संजय दत्त ने भूमि का प्रमोशन भी किया। पिता-पुत्री के ईद-गिर्द घूमती फिल्म भूमि में संजय दत्त के साथ शेखर सुमन भी हैं। शेखर सुमन फिल्म में संजय दत्त के करीबी दोस्त की भूमिका निभा रहे हैं।

शेखर सुमन मंगलवार को भोजपुरी सिने स्टार पाखी हेगड़े के साथ बनारस पहुंच चुके हैं। पाखी और शेखर सुमन ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। फिल्म निर्माता संदीप सिंह के विशेष आग्रह पर ये लोग प्रमोशन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। संदीप सिंह बनारस के नाटीइमली के रहने वाले हैं। फिल्म का निर्देशन ओमंग कुमार ने किया है।

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