महिलाओं ने कहा अब हम भी गाँव में देंगे योजनाओं की जानकारी 

महिलाओं ने कहा अब हम भी गाँव में देंगे योजनाओं की जानकारी तिर्वा कस्बे के क्रय विक्रय समिति में गाँव कनेक्शन के स्वयं प्रोजेक्ट के तहत आशा ज्योति केंद्र की टीम ने दी योजनाओं की जानकारी

मोहम्मद परवेज, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

तिर्वा/कन्नौज। ‘‘रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति केंद्र के बारे में नहीं पता था। गाँव कनेक्शन की पहल पर शनिवार को उनको पता चला कि यह महिलाओं के लिए बनाया गया है।’’ यह बात जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर की रहने वाली दौलतपुर गाँव निवासी 30 वर्ष की प्रिंसी ने कही।

पहली अप्रैल को जहां लोग एक-दूसरे को मैसेज भेजकर अप्रैल फूल बना रहे थे तो गाँव कनेक्शन फाउंडेशन ने स्वयं प्रोजेक्ट के माध्यम से ग्रीन महिला एकता समाज संस्थान (ग्रीन गैंग) की महिलाओं को आशा ज्योति केंद्र की टीम के जरिए ज्ञानवर्धक जानकारी देकर प्रचार-प्रसार करने को प्रेरित किया।

जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर बसे क्रय विक्रय समिति में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में तिर्वा कस्बे के गांधीनगर निवासी 38 वर्षीय राजकुमारी ने बताया, ‘‘अब उनको पता चला है। वह अन्य महिलाओं को भी इसकी जानकारी देंगी।’’

अवन्तीबाईनगर निवासी 35 साल की संगीता ने कहा, ‘‘महिलाओं को लाभ होगा। अब वह अपने हक और अधिकारों को आशा ज्योति केंद्र के माध्यम से पता कर सकेंगी। उसका लाभ मिलेगा।’’

आशा ज्योति केंद्र की सीआईसी सामाजिक कार्यकर्ता किरन सागर ने बताया कि ‘‘पीड़ित महिलाएं आशा ज्योति केंद्र का लाभ उठाएं। साथ ही गाँव में भी इसकी जानकारी दें, ताकि दूसरी महिलाएं भी जागरूक हो सकें।’’

181 काउंसलर श्रद्धा सिंह भदौरिया ने बताया, ‘‘महिला को अगर कोई परेशान करे या पीड़ित हो तो वह महिला हेल्पलाइन 181 नंबर डायल करे। इस पर तुरंत कार्रवाई होती है।’’

आईसीपीएस सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश कुशवाहा ने कहा कि ‘‘बाल कल्याण समिति समेत बच्चों के लिए भी प्रोबेशन विभाग काम करता है। अगर कहीं लावारिश बच्चा दिखे तो इसकी जानकारी विभाग या फोन पर तुरंत दें।’’

ग्रीन गैंग की प्रांतीय अध्यक्ष अंगूरी दहाड़िया ने कहा, ‘‘गाँव कनेक्शन के माध्यम से आशा ज्योति केंद्र की टीम ने काफी जानकारियां दी हैं। इसके लिए धन्यवाद।’’ उन्होंने महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं।

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