नक्सल इलाके में एक शिक्षक ने कैसे किया स्कूल का कायापलट?
Brijendra Dubey | Apr 29, 2023, 10:45 IST
प्रेमवीर सिंह घर-घर गए और उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों को खोराडीह गाँव के सरकारी स्कूल में भेजने को कहा। धीरे-धीरे उन्होंने और स्कूल के साथी शिक्षकों ने माता-पिता के भरोसे को जीत लिया और स्कूल में बच्चों के दाखिले बढ़ने लगे। स्कूल में अब 315 छात्र -छात्राएं हैं, जिनमें 25 फीसदी आदिवासी बच्चे हैं।
नक्सल इलाके में एक शिक्षक ने कैसे किया स्कूल का कायापलट?