By Preeti Nahar
उत्तर प्रदेश के मोहान में एक किसान ने अटल बिहारी वाजपेयी मशरूम की खेती में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने साझा किया कि कैसे साधारण झोपड़ियों में बटन मशरूम की प्रभावी खेती की जा सकती है। इस विधि में भूसा तैयार करने से लेकर स्पानिंग और केसिंग की प्रक्रियाओं को समझाने में उन्होंने बहुत प्रयास किया है।
उत्तर प्रदेश के मोहान में एक किसान ने अटल बिहारी वाजपेयी मशरूम की खेती में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने साझा किया कि कैसे साधारण झोपड़ियों में बटन मशरूम की प्रभावी खेती की जा सकती है। इस विधि में भूसा तैयार करने से लेकर स्पानिंग और केसिंग की प्रक्रियाओं को समझाने में उन्होंने बहुत प्रयास किया है।
By Preeti Nahar
लखनऊ में 6, 7 और 8 फरवरी 2026 को चल रही प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में सभी बागवानी प्रेमियों और किसानों को आमंत्रित किया गया है। यह ऐसा अवसर है जहाँ नई बागवानी तकनीकों को जान सकते हैं। शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में फल, मशरूम, फल preservationसे बने उत्पाद, शहद और पान के पत्तों की प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।
लखनऊ में 6, 7 और 8 फरवरी 2026 को चल रही प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में सभी बागवानी प्रेमियों और किसानों को आमंत्रित किया गया है। यह ऐसा अवसर है जहाँ नई बागवानी तकनीकों को जान सकते हैं। शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में फल, मशरूम, फल preservationसे बने उत्पाद, शहद और पान के पत्तों की प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।
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By Divendra Singh
मशरूम की खेती को अब तक अंधेरे कमरे और रसायनों से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले के किसान राजेंद्र कुमार साहू ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने आम के बाग में, खुले वातावरण में ऑयस्टर और पैडी स्ट्रॉ मशरूम उगाकर न सिर्फ़ रोज़ाना 10,000 रुपये तक की कमाई का रास्ता बनाया, बल्कि पराली जलाने जैसी गंभीर समस्या का भी समाधान पेश किया।
मशरूम की खेती को अब तक अंधेरे कमरे और रसायनों से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले के किसान राजेंद्र कुमार साहू ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने आम के बाग में, खुले वातावरण में ऑयस्टर और पैडी स्ट्रॉ मशरूम उगाकर न सिर्फ़ रोज़ाना 10,000 रुपये तक की कमाई का रास्ता बनाया, बल्कि पराली जलाने जैसी गंभीर समस्या का भी समाधान पेश किया।
By Gaon Connection
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
By Gaon Connection
By Dr SK Singh
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
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मशरूम की खेती का मतलब अंधेरा कमरा और रसायन? छत्तीसगढ़ के किसान ने यह सोच तोड़ दी है।
मशरूम की खेती का मतलब अंधेरा कमरा और रसायन? छत्तीसगढ़ के किसान ने यह सोच तोड़ दी है।
By Dr SK Singh
जनवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इसी समय मिली बग कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ता है और फूल व फलों को नुकसान पहुँचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तने पर पॉलीथिन शीट बांधने जैसी सरल तकनीक अपनाकर किसान इस कीट को शुरुआत में ही रोक सकते हैं। यह तरीका कम लागत वाला, पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन बढ़ाने में बेहद असरदार है।
जनवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इसी समय मिली बग कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ता है और फूल व फलों को नुकसान पहुँचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तने पर पॉलीथिन शीट बांधने जैसी सरल तकनीक अपनाकर किसान इस कीट को शुरुआत में ही रोक सकते हैं। यह तरीका कम लागत वाला, पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन बढ़ाने में बेहद असरदार है।
By Divendra Singh
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।