किसानों से सीएम योगी का वादा, जल्द बढेंगे गन्ने के दाम, फसल अवशेष जलाने के दर्ज केस होंगे वापस

किसानों को अन्नदाता बताते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों से कई वादे किए हैं। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित किसान संवाद में सीएम ने गन्ने का रेट बढ़ाने, फसल अवशेष जलाने के मामले में दर्ज केस वापस लेने के साथ ही बिजली के बकाए पर कनेक्शन न काटे जाने समेत कई वादे किए।

किसानों से सीएम योगी का वादा, जल्द बढेंगे गन्ने के दाम, फसल अवशेष जलाने के दर्ज केस होंगे वापस

मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित किसान संवाद में सीएम को हल भेंट करते किसान।

लखनऊ (यूपी)। उत्तर प्रदेश में लाखों गन्ना किसानों को जल्द अच्छी खबर मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। इसके साथ मुख्यमंत्री ने पिछले वर्षों में फसल अवशेष जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने के भी संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जिलों से आए किसानों से संवाद में कहा कि उनकी सरकार हर तरह से किसानों के साथ है।

लखऩऊ में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए किसानों से मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसानों का परिश्रम ही किसानों की पहचान है। परिश्रम और पुरुषार्थ का कोई विकल्प नहीं है। हमारी सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। किसानों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे भी कार्य करती रहेगी। आने वाला समय अन्नदाता किसानों का है।

किसान को अन्नदाता और समाज का भाग्यविधाता बताते हुए सीएम ने कहा, "किसान अपनी कठोर मेहनत से हम सभी का पेट भरते हैं। पिछले डेढ़ वर्षों से देश और दुनिया वैश्विक कोरोना महामारी से जूझ रही है। लेकिन इस दौरान किसानों ने कोरोना का मुकाबला करते हुए रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन किया। चीनी मिलें सुचारु रूप से चलती रहीं तथा किसान गन्ना बेचते रहे। यह हमारे किसानों की जीवटता का स्वस्थ प्रमाण है।"

किसानों से संवाद के दौरान किसान की बात सुनते सीएम योगी आदित्यनाथ।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के साथ ही अपने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों से सीधे खाद्यान्न की खरीद की गई है तथा खरीद का भुगतान सीधे उनके खातों में किया गया है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2016-17 (समाजवादी पार्टी की सरकार) में 06 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी वहीं कोरोना के बावजूद इस वर्ष 56 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। वर्ष 2016 में 16 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जबकि विगत 01 वर्ष में 66 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीद सरकार ने की है।"

पिछले कई दिनों से देश में गन्ना किसानों की लगातार चर्चा हो रही है। 24 अगस्त को पंजाब में सरकार ने किसानों की मांगें मानते हुए गन्ना का राज्य परामर्शित मूल्य 360 रुपए प्रति कुंटल घोषित किया तो दूसरे दिन केंद्र सरकार ने गन्ने की उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में 5 रुपए की बढ़ोतरी कर 290 रुपए प्रति कुंटल तय किया। जिसके बाद से माना जा रहा था कि यूपी में जल्द गन्ने को लेकर ऐलान हो सकता है।

जल्द होगी गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी-सीएम

किसानों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी होगी। इसके लिए सभी स्टेक होल्डर्स (गन्ना किसान, चीनी विभाग, चीनी मिल प्रबंधन आदि) से संवाद कर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने गन्ने के भुगतान को लेकर बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने वर्ष 2010 से लम्बित पड़े गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए बेहतर रणनीति बनाकर कार्य करते हुए 01 लाख 42 हजार करोड़ रुपए के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया है। उन्होंने कहा कि गन्ना पेराई के नए सत्र से पहले पिछला सारा भुगतान करा दिया जाएगा। कोरोना काल में भी प्रदेश में चीनी मिलें चलती रहीं। साथ ही, रमाला, मुण्डेरवा व पिपराइच में नई चीनी मिलों की स्थापना की गई। खाण्डसारी उद्योग में लाइसेंस की व्यवस्था को समाप्त किया गया है।

सरकार ने तय किया है कि पश्चिमी क्षेत्र की चीनी मिलें 20 अक्टूबर से, मध्य क्षेत्र की चीनी मिलें 25 अक्टूबर से तथा पूर्वी क्षेत्र की चीनी मिलें नवम्बर के पहले सप्ताह से प्रारम्भ हो जाएंगी।

सीएम ने कहा, प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग करते हुए किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की सहूलियतें विकसित की हैं। गन्ना किसानों को एसएमएस पर्ची व्यवस्था उपलब्ध करायी गई तथा घटतौली को न्यूनतम स्तर पर लाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल बकाए के कारण एक भी किसान बिजली कनेक्शन नहीं कटेगा।

उत्तर प्रदेश में गन्ना भुगतान की प्रक्रिया को लेकर 25 अगस्त को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट नए एफआरपी की जानकारी देने आए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने तारीफ की थी। उन्होंने कहा था पहले यूपी में गन्ने के बकाया के लिए किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ता था लेकिन अब पिछले सभी सत्रों के बकाए का भुगतान हो चुका है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था, "यूपी में 120 चीनी मिलें हैं, पिछले वर्ष 2020-21 में 126 लाख टन गन्ने की पेराई की थी, उनकी रिकवरी 10.77 फीसदी थी और 110 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इसमें गन्ने का जो भुगतान था 2020-21 में जो भुगतान हो चुका है 2700 हजार करोड़ है जैसे चीनी उठेगी और एक्सपोर्ट से पैसा आएगा उसे पे कर दिया जाएगा। यूपी में 2017-18, 2018-19 और 2019-20 का कोई बकाया नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "इसके अलावा अभी के डेटा के हिसाब से पहले जहां 10000-2000 हजार करोड़ का बकाया हुआ था जो अब मजह 6399 करोड़ बकाया है जो 2017 के अनुपात में करीब एक तिहाई है।"

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"पीएम की अगुवाई में किसानों की आय दोगुनी करने वाली योजनाओं पर काम जारी"

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किसानों के कल्याण एवं आय को दोगुनी करने के लिए ईमानदारी से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जन-धन योजना द्वारा किसानों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ते हुए डीबीटी के माध्यम से धनराशि का सीधे उनके बैंक खातों में अन्तरित की जा रही है। एमएसपी को बढ़ाते हुए रिकॉर्ड खाद्यान्न की खरीद सरकार द्वारा की गई है। दशकों से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा धनराशि की व्यवस्था की गई है।

फसल अवशेष जलाने के मामले में दर्ज मुकदमें वापस होंगे

उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने के कारण किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस होंगे। जुर्माना समाप्त करने पर निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश सरकार विचार कर निर्णय लेगी कि फसल अवशेष जलाने के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को समाप्त करने एवं आर्थिक दण्ड को समाप्त करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के समग्र कल्याण एवं सम्मान के लिए सरकार ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। बिजली बिल बकाए के कारण एक भी किसान बिजली कनेक्शन नहीं कटेगा। किसानों के पुराने बिजली बिल बकाए पर ब्याज देय न हो, इसके लिए ओटीएस स्कीम लायी जाएगी।

इस दौरान जनपद बाराबंकी के राम शरण वर्मा ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के प्रयासों से किसानों की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। सरकार ने किसानों को खुशहाल बनाया है तथा उनको सम्मान प्रदान किया है। आज किसान देश की किसी भी मण्डी में अपनी फसल आसानी से बगैर शुल्क के बेच सकता है। सहारनपुर के किसान श्यामजीत त्यागी ने सरकार की गन्ना नीतियों की सराहना की। तो पूर्वांचल के किसान सुधीर कुमार ने कहा गोरखपुर में खाख कारखाने के दोबारा चालू किए जाने पर खुशी जाहिर की।

40 वर्षों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को किया पूरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 वर्षों से लम्बित बाणसागर परियोजना को प्रदेश सरकार ने पूरा किया है, जिससे ढाई लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा, अर्जुन सहायक परियोजना, सरयू नहर परियोजना, मध्य गंगा नहर परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है।

किसानों ने सीएम को भेंट किया हल

संवाद कार्यक्रम के अवसर पर गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ किसान कल्याण को आगे बढ़ाया है। कोरोना कालखण्ड के दौरान भी किसानों के हितों को ध्यान रखा गया है। प्रदेश में विगत 04 वर्षों में गन्ने की फसल के क्षेत्रफल में 08 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है।

समारोह में विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली के लिए तत्पर है। मजबूत कानून व्यवस्था के साथ विभिन्न किसान विकास योजनाओं द्वारा किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

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