... और मजाक-मजाक में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कह दी बड़ी बात

... और मजाक-मजाक में कॉमेडियन  राजू श्रीवास्तव  ने कह दी बड़ी बातयातायात के लिए लोगों को जागरूक करते राजू श्रीवास्तव ( फोटो : गांव कनेक्शन) 

लखनऊ। महानगरों में लोग ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं, लेकिन वही लोग जब यूपी और बिहार आते हैं तो मानो जैसे ट्रैफिक नियमों का पालन करना उनकी शान के खिलाफ है। कुछ इसी मजाकिया अंदाज में कॉमेडी किंग राजू श्रीवास्तव ने यूपी की राजधानी लखनऊ में वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया।

राजू ने सीएम योगी आदित्यनाथ के ट्रैफिक सुधार अभियान में जुड़कर हास्य के जरिए वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन न करने की सलाह दी।

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राजधानी पुलिस ने ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था से निपटने के लिए कॉमेडी किंग राजू श्रीवास्तव का साथ लिया है। इस अभियान के तहत एसएसपी दीपक कुमार ने सोमवार को राजू श्रीवास्तव को हजरतगंज स्थित 1090 चौराहे पर ट्रैफिक जागरुकता अभियान में जुड़ने का न्यौता दिया, जिसे राजू श्रीवास्तव ने स्वीकार कर वहां पहुंचे।

कार्यक्रम में पहुंचे राजू ने सबसे पहले यूपी के लोगों पर तंज कसते हुए कहा कि यहां तो घर से गाड़ी लेकर लोग निकलते हैं, लेकिन हेलमेट बाइक पर टांग लेंगे और अगर किसी चौराहे पर कोई ट्रैफिक पुलिस वाला उन्हें रोके तो कहते हैं, बस आगे लगाने वाला था।

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इसके पीछे राजू ने वजह बताई कि शायद ट्रैफिक का नियम पालन करने में उनकी शान में गुस्ताखी हो जाती होगी, जिसके चलते वह हेलमेट नहीं लगाते। राजू ने आगे कहा कि एक शख्स बाइक पर बैठाए बगैर हेलमेट के अपनी पत्नी को ले जा रहा था और उसकी पत्नी पेट से थी, जिसके चलते राजू ने उस दम्पति से पूछा कि भाभी जी पेट से हैं क्या, तो उस महिला ने जवाब दिया नहीं अपने पति का हेलमेट साड़ी के पल्लू में छिपा रखा है।

राजू के इस हास्य अंदाज को सुन वहां मौजूद लोग अपनी हंसी को नहीं रोक पाये। राजू ने आगे कहा कि जब से यहां आया हूं साइकिल से ही चल रहा हूं, क्योंकि जहां जाओ वहां ट्रैफिक जाम, जबकि साइकिल वालों को इससे नहीं जूझना पड़ता है और तो और साइकिल चलाने से सेहत भी तंदुरुस्त रहती है। वहीं इस कार्यक्रम में आईजी रेंज लखनऊ जय नारायण सिंह भी मौजूद थे।

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उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए, क्योंकि इसका मैं खुद भुक्तभोगी रहा हूं। अपने परिवार के सदस्य की कहानी सुनाते हुए आईजी ने कहा कि मैं अपने पत्नी के भाई को सड़क हादसे में खो चुका हूं, जिसे भुलाना बहुत मुश्किल है, लेकिन धीरे-धीरे सब सामान्य हो गया। इस हादसे के बाद से आईजी ने कहा कि ट्रैफिक नियमों को लेकर इसलिए मैं और अधिक संजीदा रहता हूं। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी इससे जुड़ना चाहिए, तब जाकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधर सकती है।

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‘गजोधर तुम बगैर कपड़ों के मत जाना’

ट्रैफिक जागरुकता अभियान के दौरान मंच के ठीक सामने एक गरीब बच्चा राजू श्रीवास्तव की कॉमेडी पर तालियां बजा रहा था, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस वाले वहां से बच्चे को भगा रहे थे, लेकिन उस बच्चे पर राजू की नजर पड़ गई, जिसके पूरे कपड़े फटे हुए थे। राजू ने बच्चे का मनोबल बढ़ाने के लिए मंच से ही उससे काफी मजाक किया, जिसके बाद उस बच्चे के चेहरे की हंसी देखने वाली थी। इस दौरान राजू ने अपने अन्य साथियों और बच्चे से कहा कि तुम गजोधर हो और मुझसे नए कपड़े लिए बगैर कार्यक्रम से नहीं जाओगे। वहीं राजू की इस दरियादिली से चाय की दुकान पर काम करने वाले सोनू की खुशी का ठीकाना न रहा। उसने राजू से भी चुटीले अंदाज में मुलाकात कर कहा, ‘अंकल मेरे कपड़े कहा हैं।’

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