बोरिंग धंसने से किशोर की मौत, शव देखकर पिता की निकल गई जान

बोरिंग  धंसने  से किशोर की मौत, शव देखकर पिता की निकल गई जानग्रामीणों ने की मदद

कासगंज। बोरिंग के लिए गड्ढा खोदते समय संजू (17 वर्ष) और उसके पिता को ये नहीं पता था कि ये उनका ये आखिरी दिन होगा, बोरिंग का गड्ढा खोदते समय मिट्टी धंसने से संजू की दबकर मौत हो गई और बेटे की लाश देखकर पिता की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

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कासगंज जिला मुख्यालय से लगभग 51 किमी. दूर कासगंज मुख्यालय से 51 किलोमीटर दूर गंजडूंडवारा ब्लॉक के गाँव जारई में बोरिंग के गड्ढा धंसने से 17 वर्षीय युवक की मौत हो गयी, पुत्र की मौत के सदमे से हृदयगति रुक जाने से पिता की भी जान चली गयी, युवक को बचाने के लिए ग्रामीणों व प्रशासनिक अमलों द्वारा पौने चार घन्टे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, इस दर्दनाक हादसे से गाँव में कोहराम मच गया है, मौके पर कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मिट्टी खोदते ग्रामीण

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घटना दोपहर दो बजे की है जब गाँव के जगन्नाथ (50 वर्ष) का निजी ट्यूबेल में खराबी आने पर उसे सही किया जा रहा था, ट्यूबेल सही करने के लिए खुद जगन्नाथ अपने दो बेटों सन्जू व शिवम के साथ जुटे हुए थे, बोरिंग का गड्ढ़ा खोदा जा रहा था, सन्जू गड्ढ़े में अंदर घुस फावड़े से मिट्टी निकालकर शुभम को दे रहा था, अचानक गड्ढ़े के किनारे इकट्ठा हुयी मिट्टी भरभराकर सन्जू पर गिर गयी, मिट्टी का भार अधिक होने से गड्ढ़ा अंदर की ओर धंस गया और सन्जू उसमे अंदर तक दब गया।

सन्जू की मौत के सदमे में उसके पिता जगन्नाथ की भी मौत हो गयी है, डीएम साहब आने वाले हैं परिवार की हर स्तर से मदद की जाएगी।
धीरेन्द्र सिंह, एसडीएम, पटियाली

हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गयी, सन्जू को बचाने के लिए ग्रामीण हाथों में फावड़ा लेकर मिट्टी हटाने में जुट गए, सूचना एसडीएम व स्थानीय पुलिस को दी गयी, आधा घन्टे में ही तहसीलदार व सिकन्दरपुर वैश्य थाना की पुलिस गाँव पहुच गयी, उसके बाद जेसीबी द्वारा रेस्क्यू चलाया गया, कुछ घन्टे बाद संजू का शव दिखाई दिया, जैसे ही ग्रामीण शव निकालने के लिए गड्ढ़ा में उतरे तभी फिर से मिट्टी ढह गयी, ऐसा लगातार तीन बार हुआ, उसके बाद फिर से जेसीबी व ट्रैक्टर को रेस्क्यू में लगाया गया, कड़ी मशक्कत के बाद शाम पांच बजकर 44 मिनट पर संजू का शव निकाला गया।

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इधर जैसे ही संजू का शव उसके पिता जगन्नाथ ने देखा उन्हें हार्ट अटैक आ गया, आनन-फानन में दोनों को नजदीकी पटियाली स्थित सामुदायिक केंद्र ले जाया गया, जहां घटना की जानकारी पर पहुचे सीएमओ रंगजी द्ववेदी ने पिता को मृत घोषित कर दिया, पिता व पुत्र की मौत की खबर से परिवार में कोहराम है तो पूरे इलाके में शोक की लहर है। सन्जू ने10वीं की परीक्षा पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी, वह अपने पिता के साथ खेती में मदद करता था।

ग्रामीणों ने दिखाया जज्बा, लेकिन काम न आया

गाँव में हादसे के बाद ग्रामीणों ने सन्जू को बचाने के भरकस प्रयास किए, हादसे के बाद सभी ग्रामीणों ने खुद रेस्क्यू की कमान अपने हाथ में ली और फावड़़े व ट्रैक्टर की मदद से संजू को बचाने में जुट गए, जैसे ही संजू का शव मिट्टी में दिखाई दिया वैसे ही रेस्क्यू में जुटे ग्रामीण काफी मायूस हो गए।

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