उत्तर प्रदेश

हस्तिनापुर, खादर में मंडराया बाढ़ का खतरा

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

हस्तिनापुर, मेरठ। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बारिश से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पानी का बहाव तेज होने के कारण तटबंद टूटने के कगार पर है, जिसके चलते खादर क्षेत्र में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। आस-पास के गांवों वालों ने स्थान छोड़ने के लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति जानी और डीएम व कमिश्नर को स्थिति से रूबरू कराया।

हस्तिनापुर क्षेत्र तो बारिश से अभी महरूम है, लेकिन पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से पिछले दो दिनों से गंगा में काफी उछाल आया है। जिसके चलते आस-पास के गाँव के लोगों की नींद उड़ी हुई। किसान पूरी-पूरी रात गंगा के पानी को निहार रहे हैं, कहीं अचानक पानी आकर सब-कुछ तबाह न कर दे। इसी के चलते गंगा से सटे गाँव के कुछ लोगों ने तो सामान समेटना शुरू कर दिया है।

गाँव फतेहपुर निवासी देबा सिंह (45वर्ष) बताते हैं,“ पिछले दो दिनों से गंगा ने 500 मीटर कटान किया है। साथ ही जल स्तर लगातार बढ रहा है। इसलिए खतरे से बिल्कुल इंकार नहीं किया जा सकता।”

वहीं इसी गाँव के नेतराम (56वर्ष) बताते हैं, “ दो साल पहले भी इस तटबंद की यही स्थिति हुई तो गाँव वालों को बरसात में पीछे हटना पड़ा था।”

एक लाख 61 हजार क्युसेक पहुंच गया जल स्तर

बिजनौर बैराज के अवर अभियंता मनोज त्रिवेदी बताते हैं,“ रविवार को गंगा का जल स्तर अचानक बढ़कर एक लाख इक्सठ हज़ार क्यूसेक पहुंच गया था,जिसमें लगातार बढोतरी हो रही है। लेकिन पहाड़ों पर कल से बारिश थमी है तो अंदाजा लगाया जा रहा कि यदि 24 घंटे भी बारिश थम गई तो जल स्तर घट जाएगा।”

तो जलमग्न हो जाएगा क्षेत्र

गंगा की तेज धारा लगातार तटबंद का कटान कर रही है। जिससे तटबंद कई स्थानों से टूटने के कगार पर पहुंच गया है। यदि यह तटबंद टूट जाता है तो पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाएगा। इन्ही सब खतरों से निपटने के लिए विधायक दिनेश खटीक और एसडीएम मवाना पुलिस अमले व कार्यकर्ताओं के साथ बाढ प्रभावित क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गाँव पहुंचे। बाढ़ के खतरे को देखते हुए उन्होंने सिचाई मंत्री, डीएम व मंडलायुक्त को निकटवर्ती गाँवों के बारे में बताया। साथ ही अपने सामने ही तटबंद को दुरस्त करने का काम शुरू होने तक वहीं डटे रहे।

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तटबंद को मजबूत करने में जुटे कारसेवक

खादर क्षेत्र में गंगा किनारे बने तटबंद की स्थिति बेहद नाजुक है। सबसे अधिक स्थिति फतेहपुर प्रेम में खराब है। संत बाबा जग्गा सिंह व बूटा सिंह के सानिध्य में गुरजीत, हरजीत, नारायण सिंह, प्रदीव व विक्की आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। यदि प्रशासन बल्ली व अन्य सामग्री उपलब्ध भी करा दे तो ग्रामीण और कारसेवक तटबंद को मजबूत कर सकते हैं।

प्रमुख सचिव को कराया अवगत

विधायक दिनेश खटीक ने फतेहपुर की स्थिति नाजुक देखते हुए मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह व प्रमुख सचिवको फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया। जिस पर तत्काल ही सिंचाई विभाग के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और तटबंद को मजबूती के लिए काम शुरू करने की बात कही।

चार घंटे बाद पहुंचे एक्सईएन

कमिश्नर के हड़काने के बाद सिंचाई विभाग के जेई जोगेश कुमार और सुधीर कुमार तो मौके पर पहुंच गए, लेकिन एक्सईएन नागेन्द्र कटारिया को खादर क्षेत्र के गांव फतेहपुर पहुंचने में चार घंटे लग गए। जिस पर विधायक ने उनकी शिकायत फिर से कमिश्नर से की और तटबंद को तत्काल दुरस्त कराने की बात कही।

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डीएम समीर वर्मा बताते हैं,“ पिछले माह एनडीआरएफ, सीएमओ, एमडीए व अन्य विभागों की मीटिंग बाढ से निपटने के लिए हो चुकी है,जिसमें किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। यदि कोई अनहोनी होती है तो सबसे पहले स्थानीय फोर्स व प्रशासन, नेशनल डिजास्टर आदि टीम पहुंचेगी। इसके बाद भी यदि स्थिति सामान्य नहीं होती है तो जरूरत पड़ने पर सेना को भी बुलाया जा सकता है।”

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