बनारस में गोरखपुर जैसा हादसा टला, ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से तड़पते रहे नवजात

बनारस में गोरखपुर जैसा हादसा टला, ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से तड़पते रहे नवजातप्रतीकात्मक फोटो

वाराणसी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सिजन की कमी से बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही जारी है। ताजा मामला पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के जिला महिला अस्पताल में सामने आया है।

बनारस के कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल में शनिवार को सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम में लगने वाले सिलेंडर का नॉब फंस जाने से हड़कंप मच गया। ऑक्सिजन की सप्लाई ठप होने से तीन मासूम दो घंटे तक तड़पते रहे। डॉक्टरों ने एंबू बैग का इस्तेमाल कर किसी तरह जान बचाई। सीएमओ ने इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।

जिला महिला अस्पताल में शनिवार को सारनाथ की पिंकी, शिवपुरवा की रिंकी और चोलापुर की सुनीता की डिलीवरी हुई। तीनों नवजातों की हालत नाजुक देख इन्हें नियोनेटल केयर यूनिट (एनएनसीयू) में रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने स्थिति देख ऑक्सिजन देने का निर्देश दिया, लेकिन नर्स व स्टाफ की काफी कोशिशों के बावजूद सेंट्रल सिस्टम से ऑक्सिजन की सप्लाई नहीं हो सकी। इमरजेंसी के लिए रखे गैस सिलिंडर का नोजल भी न खुलने से हड़कंप मच गया। इसकी सूचना अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अघीक्षक (एसआईसी) को देने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

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ऑक्सिजन की व्यवस्था न होने से परेशान डॉक्टरों ने एंबू बैग के इस्तेमाल का निर्णय लेकर नवजातों की जान बचा ली। इस बीच कर्मचारी सिलिंडर खोलने का प्रयास करते रहे। दो घंटे की मशक्कत के बाद गैस सिलिंडर से ऑक्सिजन दी जा सकी। सीएमओ डॉ. बी.बी.सिंह का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाई ब्रेक होना गंभीर मामला है। इस बारे में रिपोर्ट मंगाई गई है। अस्पताल की एसआईसी डॉ. शैला त्रिपाठी ने बताया, "सेंट्रल सिस्टम में लगने वाले सिलिंडर का नॉब फंसने से आधे घंटे तक ऑक्सिजन की सप्लाई नहीं हो सकी। दूसरा सिलिंडर लगाए जाने पर वार्डों में ऑक्सिजन की सप्लाई बहाल हो सकी।"

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