पत्नी के सहयोग कर बिना मुश्किल था राजनीतिक सफर : राम नाईक

पत्नी के सहयोग कर बिना मुश्किल था राजनीतिक सफर : राम नाईकराम नाईक ने प्रसिद्ध सेफ नंदिनी दिवाकर की माँ प्रेमा दिवाकर को किया सम्मानित

लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2018 के अवसर पर गाइड समाज कल्याण संस्थान द्वारा श्री जय नारायण पीजी कालेज के सह-तत्वाधान में ‘बुजुर्गों का अनुभव, युवाओं की ताकत, आओ बनाये मिलकर बनायें नया भारत‘ विशयक विचार संगोष्ठी एवं मातृशक्ति व तेजस्विनी सम्मान समारोह चन्द्रशेखर आजाद हाल, श्री जय नारायण पीजी. कालेज, चारबाग, लखनऊ में प्रातः 10.00 बजे से 11:30 के मध्य आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईकउ पस्थित रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ, पूर्व उप -लोकायुक्त, कर्नाटक द्वारा की गयी।

विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति सुधीर चन्द्र वर्मा, पूर्व लोकायुक्त, उत्तर प्रदेश, राकेश कुमार मित्तल (आईएएस-सेनि) मुख्य संयोजक -कबीर शांति मिशन तथा वीएन मिश्रा जी (आईपीएस-सेनि), प्रेसिडेंट - जेएनपीजी कालेज मैनेजमेंट कमेटी उपस्थित रहे।

डॉ. इन्दु सुभाष, प्रबन्ध निदेशक, गाइड समाज कल्याण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। साथ ही संस्था के स्वयंसेवक, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता व तमाम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘मातृशक्ति सम्मान-2018' जिसके अंतर्गत समाज के पुनर्निर्माण में अधिकतम-श्रेष्ठतम योगदान करने वाली वृद्ध माओं को अलंकृत किया गया। साथ ही वृद्धाश्रमों में सक्रीय रहने वाली यूथ ब्रिगेड की युवतियों व महिला कल्याण में कार्यरत स्त्रियों को तेजस्विनी सम्मान-2018 से नवाज़ा गया |

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उक्त कार्यक्रम में युवाओं व किशोरों से खचाखच भरे सभागार में राम नाईक जी ने कहा कि आज जिंदगी के हर क्षेत्र में छात्राएं बाज़ी मार रही हैं चाहें शिक्षा के क्षेत्र की बात हो या कोई और। उन्होंने अपने जीवन में अपनी पत्नी व बेटियों का महत्त्व भी बताया और कहा की उनके राजनितिक सफ़र उनकी पत्नी के प्रयासों व त्यागों के बिना संभव नहीं था।

न्यायमूर्ति सुधीर चन्द्र ने भारतीय परिवारों में बुजुर्ग महिलाओ की गिरती हुई स्थिति पर चिंता व्यक्त की व युवाओं से का आह्वाहन किया कि सम्मान व समय देकर हम बुजुर्गों के प्रति अपने कर्तव्य की पूर्ति करें व उनके अनुभवों का लाभ लें। आने वाली युवा पीढ़ी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं सम्मान व आदर करें।

आरके मित्तल ने संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में आध्यात्म और त्याग से है भारत की पहचान। उन्होंने सामाजिक न्याय पर जोर दिया | उन्होंने बुजुर्गों आशीर्वाद व श्राप दोनो की युवाओं की जन्दगी मैं महत्ता बताई । साथ ही उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ देश व समाज के प्रति सेवारत रहते हुए कर्तव्यपालन पर जोर दिया।

न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ ने कहा कि समाज मे समस्याएँ स्वाभाविक हैं। समस्यायों के निदान के लिये संघर्ष भी स्वाभाविक है । महिला सशक्तिकरण उसी का एक स्वरूप है जिसमे विधायन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है | परन्तु विधि का दुरूपयोग परिवारों में अशांति को जन्म दे रहा है| समाज ऐसा हो जिसमे हर स्त्री हर रूप में सुरक्षित हो |

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संस्थान की प्रबंध निदेशिका डॉ इंदु सुभाष ने कहा कि बुजुर्गों के स्नेहाशीष के दूर तक असर होता है। उन्होंने बताया कि गोल्डेन एज हेल्पलाइन 1800-180-0060 पर बुजुर्गों से जुड़ी समस्याओं के लिए फोन कर मदद प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों के अनुभवों और युवाओं की ताकत से नया भारत बनेगा। उन्होंने भारतीय परिवारों में बुजुर्ग महिलाओं की असुरक्षित होती स्थिति पर प्रकाश डाला और युवा छात्राओं को कानूनों के दुरुपयोग न करने एवं “कर्त्तव्य हमारे पहले होते हैं, अधिकार बाद में” की शपथ दिलाई।

साथ ही उन्होंने वृद्धजन सम्मान अभियान कार्यक्रम “बुजुर्गों का अनुभव, युवाओं की ताकत ; आओ बनायें मिलकर नया भारत” के विषय में बताया की देश के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में संस्था द्वारा उक्त विषय पर विभिन्न विचार गोष्ठिओं का आयोजन किया जा रहा है एवं उन्हें चिंतनशील एवं जागरूक किया जा रहा है।

इनको मिला सम्मान :

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाली स्त्रियों को मातृशक्ति व तेजस्विनी सम्मान 2018 से सम्मानित किया गया।

सम्मानित स्त्रियों के नाम इस प्रकार हैं -

मातृशक्ति सम्मान -

प्रेमा देवी -
प्रसिद्ध शेफ नंदिनी दिवाकर की माँ प्रेमा देवी को सम्मानित किया गया प्रेमा देवी पिछले 41 वर्ष से कपड़ों पर प्रेस करने का कार्य कर रही है, अपने पति शत्रुघ्न दिवाकर के साथ मिलकर अपनी पांच पुत्रियों को समस्त घरेलू ख़र्च सीमित कर उच्च शिक्षा दी। आज एक बेटी प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रही है। एक बैंक मैनेजर, एक वकालत और एक शोध छात्रा है।

तेजस्विनी सम्मान -

1. डॉ. चितवन वर्मा (श्री जे.एन.पी.जी. कॉलेज)

2.नेहा रस्तोगी (वरिष्ठ कार्यकर्ता - गाइड यूथ ब्रिगेड)

3.काजल सिंह (सक्रिय कार्यकर्ता वरिष्ठजन डे-केअर सेंटर सुल्तानपुर)

4.मेघा बलेचा - (सर्वाधिक गोल्ड मेडलिस्ट, वाणिज्य संकाय, श्री जे.एन.पी.जी. कॉलेज|

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