यूपी बजट: ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेद को बढ़ावा

यूपी बजट: ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेद को बढ़ावाबजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री।

वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह पिछले साल की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है। इस बार बजट में स्वास्थ्य में में कई नई चीजों को शामिल किया है।

पीपीपी मोड पर 170 नेशनल मोबाइल यूनिट का संचालन किये जाने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 100 नये आयुर्वेदिक चिकिसालयों की स्थापना करने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 2000 चिकित्सा अधिकारी को तैनात किया जायेगा। सामुदायिक स्ववास्थ्य केन्दों पर 595 दन्त शल्यों के पद सृजित किये गए हैं। प्रधानमंत्री मात्रि वंदना योजना के लिए 291 करोड़ रुपए की बजट की व्यवस्था की गई है।

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प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-3 के अंतर्गत झांसी, गोरखपुर, इलाहाबाद और मेरठ में उच्चीकृत सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जा रहे हैं और कानपुर और आगरा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाये जाने के लिए 126 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट संस्थान (पीजीआई) में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत होने की बात की गई है। इसके साथ-साथ यहां इमरजेंसी मेडिसिन विभाग का विस्तारीकरण और निर्माण कार्य प्रस्तावित किया गया है, जिससे सस्थान में 200 बेडों की बढोत्तरी हो सके। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में आर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित किये जाने का लक्ष्य बनाया गया है।

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डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के नये कैम्पस में 500 शैय्या का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कराया जायेगा।

प्रदेश के पांच जिलों के जिला अस्पतालों फैजाबाद,बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद और शाहजहाँपुर में उच्चीकृत करके मेडिकल कॉलेज बनाये जाने के लिए 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा में शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस की 100 सीटों पर पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जायेगा।

राजकीय मेडिकल कॉलेज कानपुर, गोरखपुर, आगरा और इलाहाबाद में बर्न यूनिट की स्थापना के लिए 14 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सस्थानों में फायर फाइटिंग और इलेक्ट्रिक सेफ्टी की स्थापना के लिये 25 करोड़ रुपए व्यवस्था की गई है।

राजकीय मेडिकल कॉलेजों व हृदय रोग संस्थानों और कैंसर संस्थानों में ई-हॉस्पिटल व्यवस्था लागू किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

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