Lata Mishra

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Lata Mishra

    लता मिश्रा, गाँव कनेक्शन में मल्टीमीडिया पत्रकार और वीडियो प्रोड्यूसर हैं। ग्रामीण भारत की अनकही कहानियां, सामाजिक मुद्दे, महिला स्वास्थ्य, बाल कल्याण और कृषि पर रिपोर्ट करती हैं। एंकरिंग, वाइस ओवर और फील्ड रिपोर्टिंग में पिछले चार साल से योगदान दे रही हैं।

    लता मिश्रा, गाँव कनेक्शन में मल्टीमीडिया पत्रकार और वीडियो प्रोड्यूसर हैं। ग्रामीण भारत की अनकही कहानियां, सामाजिक मुद्दे, महिला स्वास्थ्य, बाल कल्याण और कृषि पर रिपोर्ट करती हैं। एंकरिंग, वाइस ओवर और फील्ड रिपोर्टिंग में पिछले चार साल से योगदान दे रही हैं।

    NEPAL FLOODS: पिछले साल भी आई थी बाढ़ फिर Early Warning क्यों नहीं, EXPERT ने बताया कहाँ हुई चूक?
    NEPAL FLOODS: पिछले साल भी आई थी बाढ़ फिर Early Warning क्यों नहीं, EXPERT ने बताया कहाँ हुई चूक?

    By Lata Mishra

    नेपाल -तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर का एक हिस्सा ढहने के बाद आई फ्लैश फ्लड नेरासुवा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। 165 लोगों की मौत और 826 लोगों के लापता होने के बाद हिमालयी क्षेत्रों में Early Warning System और आपदा -पूर्व तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं।

    नेपाल -तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर का एक हिस्सा ढहने के बाद आई फ्लैश फ्लड नेरासुवा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। 165 लोगों की मौत और 826 लोगों के लापता होने के बाद हिमालयी क्षेत्रों में Early Warning System और आपदा -पूर्व तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं।

    गाँवों का विकास महिलाओं के नेतृत्व के बिना संभव नहीं, लखनऊ में इंडिया रूरल कोलोक्वी में उठी आवाज़
    गाँवों का विकास महिलाओं के नेतृत्व के बिना संभव नहीं, लखनऊ में इंडिया रूरल कोलोक्वी में उठी आवाज़

    By Lata Mishra

    लखनऊ में आयोजित इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026 के उत्तर प्रदेश चैप्टर में ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका, युवाओं की उद्यमिता और सामुदायिक नेतृत्व पर जोरदिया गया। पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कहा कि देश में बदलाव आम लोगों की सामूहिक भागीदारी से आता है, जबकि आईएएस हीरालाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गाँव विकसित होंगे।

    लखनऊ में आयोजित इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026 के उत्तर प्रदेश चैप्टर में ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका, युवाओं की उद्यमिता और सामुदायिक नेतृत्व पर जोरदिया गया। पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कहा कि देश में बदलाव आम लोगों की सामूहिक भागीदारी से आता है, जबकि आईएएस हीरालाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गाँव विकसित होंगे।

    इस बार असम की बाढ़ अलग क्यों है? 60 साल में पहली बार बदला बाढ़ का नक्शा, जानिए वजह
    इस बार असम की बाढ़ अलग क्यों है? 60 साल में पहली बार बदला बाढ़ का नक्शा, जानिए वजह

    By Lata Mishra

    असम में 2026 की बाढ़ ने न केवल निचले क्षेत्रों को, बल्कि पहले से सुरक्षित समझे जाने वाले ऊपरी इलाकों को भी तबाह कर दिया है। अत्यधिक बारिश और मानवीय गतिविधियों ने बाढ़ को और भी भयावह बना दिया है। ब्रह्मपुत्र नदी में गाद जमा होने से राहत कार्यों में काफी परेशानियाँ आ रही हैं।

    असम में 2026 की बाढ़ ने न केवल निचले क्षेत्रों को, बल्कि पहले से सुरक्षित समझे जाने वाले ऊपरी इलाकों को भी तबाह कर दिया है। अत्यधिक बारिश और मानवीय गतिविधियों ने बाढ़ को और भी भयावह बना दिया है। ब्रह्मपुत्र नदी में गाद जमा होने से राहत कार्यों में काफी परेशानियाँ आ रही हैं।

    कर्नाटक में प्रस्तावित AI सिटी के ख़िलाफ़ किसान सड़कों पर, जानिए क्यों हो रहा है विरोध?
    कर्नाटक में प्रस्तावित AI सिटी के ख़िलाफ़ किसान सड़कों पर, जानिए क्यों हो रहा है विरोध?

    By Lata Mishra

    कर्नाटक के रामनगर में बन रही AI टाउनशिप के लिए किसानों की ज़मीन छिनने का विरोध हो रहा है। करीब 7,431 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पर 9 गाँवों के 5,700 से ज़्यादा किसान प्रभावित होंगे। वे अपनी ज़मीन और रोज़ी-रोटी बचाने की गुहार लगा रहे हैं, जबकि सरकार इसे विकास और रोज़गार का ज़रिया बता रही है।

    कर्नाटक के रामनगर में बन रही AI टाउनशिप के लिए किसानों की ज़मीन छिनने का विरोध हो रहा है। करीब 7,431 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पर 9 गाँवों के 5,700 से ज़्यादा किसान प्रभावित होंगे। वे अपनी ज़मीन और रोज़ी-रोटी बचाने की गुहार लगा रहे हैं, जबकि सरकार इसे विकास और रोज़गार का ज़रिया बता रही है।

    मिज़ोरम में रबर मिशन का दूसरा चरण शुरू: 11.92 लाख पौधों से बदलेगी खेती की तस्वीर
    मिज़ोरम में रबर मिशन का दूसरा चरण शुरू: 11.92 लाख पौधों से बदलेगी खेती की तस्वीर

    By Lata Mishra

    मिज़ोरम सरकार का चीफ मिनिस्टर रबर मिशन फिर चर्चा में है। दूसरे चरण में 2,649 हेक्टेयर में नए रबर बाग़, 2,580 किसान और 11.92 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। सरकार रबर पर ज़ोर क्यों दे रही है, झूम खेती से क्या संबंध है, किसानों को क्या लाभ होगा, यह सब जानिए।

    मिज़ोरम सरकार का चीफ मिनिस्टर रबर मिशन फिर चर्चा में है। दूसरे चरण में 2,649 हेक्टेयर में नए रबर बाग़, 2,580 किसान और 11.92 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। सरकार रबर पर ज़ोर क्यों दे रही है, झूम खेती से क्या संबंध है, किसानों को क्या लाभ होगा, यह सब जानिए।

    "सब्सिडी नहीं, बेहतर बाज़ार चाहिए":किसान ने बताया क्यों मंडी व्यवस्था बदलना ज़रूरी, कैसे सीधे ग्राहक तक पहुँचकर बढ़ाई कमाई
    "सब्सिडी नहीं, बेहतर बाज़ार चाहिए":किसान ने बताया क्यों मंडी व्यवस्था बदलना ज़रूरी, कैसे सीधे ग्राहक तक पहुँचकर बढ़ाई कमाई

    By Lata Mishra

    प्रगतिशील किसान आलोक वर्मा कहते हैं कि किसानों की असली दिक्कत उत्पादन नहीं, बाज़ार है। मौजूदा मंडी व्यवस्था उनके हित में नहीं। सरकार को सब्सिडी से ज़्यादा, उपज की बेहतर बिक्री पर ध्यान देना चाहिए। मांग के हिसाब से खेती, सीधे ग्राहकों तक पहुंच और कई फसलें उगाना आय बढ़ाने के अच्छे तरीके हैं।

    प्रगतिशील किसान आलोक वर्मा कहते हैं कि किसानों की असली दिक्कत उत्पादन नहीं, बाज़ार है। मौजूदा मंडी व्यवस्था उनके हित में नहीं। सरकार को सब्सिडी से ज़्यादा, उपज की बेहतर बिक्री पर ध्यान देना चाहिए। मांग के हिसाब से खेती, सीधे ग्राहकों तक पहुंच और कई फसलें उगाना आय बढ़ाने के अच्छे तरीके हैं।

    पहाड़ से मैदान तक आफ़त की बारिश: 19 जुलाई से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी मानसून का अलर्ट
    पहाड़ से मैदान तक आफ़त की बारिश: 19 जुलाई से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी मानसून का अलर्ट

    By Lata Mishra

    मौसम विभाग ने 19 जुलाई से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और यूपी में 19-23 जुलाई तक मूसलाधार बारिश होगी, इसलिए पहाड़ी यात्रा से बचें। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, बिहार में भारी बारिश और तेलंगाना में तूफ़ानी हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 19-21 जुलाई तक समुद्र से दूर रहने की सलाह है।

    मौसम विभाग ने 19 जुलाई से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और यूपी में 19-23 जुलाई तक मूसलाधार बारिश होगी, इसलिए पहाड़ी यात्रा से बचें। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, बिहार में भारी बारिश और तेलंगाना में तूफ़ानी हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 19-21 जुलाई तक समुद्र से दूर रहने की सलाह है।

    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: कैसे चलेगी, क्यों है ख़ास और ग्रामीण भारत के लिए क्यों है बड़ी ख़बर?
    भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: कैसे चलेगी, क्यों है ख़ास और ग्रामीण भारत के लिए क्यों है बड़ी ख़बर?

    By Lata Mishra

    भारतीय रेल अब डीज़ल छोड़, हाइड्रोजन की ओर बढ़ रही है। जींद-सोनीपत पर पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी। यह सिर्फ़ तकनीक नहीं, बल्कि भारत के ऊर्जा भविष्य, पर्यावरण और रेलवे के आधुनिकीकरण की बड़ी पहल है। यह कैसे काम करती है, इलेक्ट्रिक से बेहतर है या नहीं, इसकी चुनौतियाँ और ग्रामीण भारत को फ़ायदे, सब समझेंगे।

    भारतीय रेल अब डीज़ल छोड़, हाइड्रोजन की ओर बढ़ रही है। जींद-सोनीपत पर पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी। यह सिर्फ़ तकनीक नहीं, बल्कि भारत के ऊर्जा भविष्य, पर्यावरण और रेलवे के आधुनिकीकरण की बड़ी पहल है। यह कैसे काम करती है, इलेक्ट्रिक से बेहतर है या नहीं, इसकी चुनौतियाँ और ग्रामीण भारत को फ़ायदे, सब समझेंगे।

    महाराष्ट्र के किसानों का ₹48 हज़ार करोड़ का बिजली बिल होगा माफ़, जानिए किसे मिलेगा लाभ?
    महाराष्ट्र के किसानों का ₹48 हज़ार करोड़ का बिजली बिल होगा माफ़, जानिए किसे मिलेगा लाभ?

    By Lata Mishra

    महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है, करीब ₹48 हज़ार करोड़ के पुराने कृषि बिजली बिल माफ़ कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक के कृषि पंप वाले किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इससे रुके हुए नए कनेक्शन भी मिल सकेंगे। विस्तृत आदेश जल्द जारी होगा।

    महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है, करीब ₹48 हज़ार करोड़ के पुराने कृषि बिजली बिल माफ़ कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक के कृषि पंप वाले किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इससे रुके हुए नए कनेक्शन भी मिल सकेंगे। विस्तृत आदेश जल्द जारी होगा।

    Elephant Garlic: कद्दू जैसा लहसुन और टमाटर जैसी मटर। ये कमाल कर किसान ने दो Guinness World Record बना दिए।
    Elephant Garlic: कद्दू जैसा लहसुन और टमाटर जैसी मटर। ये कमाल कर किसान ने दो Guinness World Record बना दिए।

    By Lata Mishra

    क्या कोई किसान सिर्फ़ एक लहसुन को बेहतर बनाने में 10 साल लगा सकता है? ब्रिटेन के किसान ग्राहम बैरट ने ऐसा ही किया। लगभग एक दशक तक लगातार चयन और प्रयोग के बाद उन्होंने 1.75 किलोग्राम वज़न वाला हाथी लहसुन (Elephant Garlic) उगाकर Guinness World Record बनाया। यही नहीं, उसी दिन 28 ग्राम की स्नो पी (Snow Pea) उगाकर उन्होंने दूसरा विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। यह कहानी खेती में धैर्य, प्रयोग और लगातार सुधार की मिसाल है।

    क्या कोई किसान सिर्फ़ एक लहसुन को बेहतर बनाने में 10 साल लगा सकता है? ब्रिटेन के किसान ग्राहम बैरट ने ऐसा ही किया। लगभग एक दशक तक लगातार चयन और प्रयोग के बाद उन्होंने 1.75 किलोग्राम वज़न वाला हाथी लहसुन (Elephant Garlic) उगाकर Guinness World Record बनाया। यही नहीं, उसी दिन 28 ग्राम की स्नो पी (Snow Pea) उगाकर उन्होंने दूसरा विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। यह कहानी खेती में धैर्य, प्रयोग और लगातार सुधार की मिसाल है।