लता मिश्रा, गाँव कनेक्शन में मल्टीमीडिया पत्रकार और वीडियो प्रोड्यूसर हैं। ग्रामीण भारत की अनकही कहानियां, सामाजिक मुद्दे, महिला स्वास्थ्य, बाल कल्याण और कृषि पर रिपोर्ट करती हैं। एंकरिंग, वाइस ओवर और फील्ड रिपोर्टिंग में पिछले चार साल से योगदान दे रही हैं।
लता मिश्रा, गाँव कनेक्शन में मल्टीमीडिया पत्रकार और वीडियो प्रोड्यूसर हैं। ग्रामीण भारत की अनकही कहानियां, सामाजिक मुद्दे, महिला स्वास्थ्य, बाल कल्याण और कृषि पर रिपोर्ट करती हैं। एंकरिंग, वाइस ओवर और फील्ड रिपोर्टिंग में पिछले चार साल से योगदान दे रही हैं।
By Lata Mishra
भारत सरकार गहरे समुद्र (Deep Sea Fishing) में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था शुरू कर रही है। इसके तहत भारतीय मछुआरों को Letter of Authorisation (LoA) जारी किए जाएँगे, जिससे वे तय नियमों के तहत हाई सीज़ (High Seas) में मछली पकड़ सकेंगे। इसके साथ ही ओडिशा डीप सी फ़िशिंग मिशन की भी शुरुआत होगी। जानिए यह नई व्यवस्था क्या है, इससे मछुआरों को क्या फ़ायदा होगा और सरकार का उद्देश्य क्या है।
भारत सरकार गहरे समुद्र (Deep Sea Fishing) में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था शुरू कर रही है। इसके तहत भारतीय मछुआरों को Letter of Authorisation (LoA) जारी किए जाएँगे, जिससे वे तय नियमों के तहत हाई सीज़ (High Seas) में मछली पकड़ सकेंगे। इसके साथ ही ओडिशा डीप सी फ़िशिंग मिशन की भी शुरुआत होगी। जानिए यह नई व्यवस्था क्या है, इससे मछुआरों को क्या फ़ायदा होगा और सरकार का उद्देश्य क्या है।
By Lata Mishra
भारत का इथेनॉल अब सिर्फ गन्ने के शीरे से नहीं, बल्कि मक्का, गन्ने के रस, बी-हैवी शीरा और FCI के अतिरिक्त चावल से भी बन रहा है। इससे पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य पूरा हो रहा है और किसानों को नए बाज़ार मिल रहे हैं, पर खाद्य सुरक्षा और जल उपयोग जैसी चुनौतियाँ भी हैं।
भारत का इथेनॉल अब सिर्फ गन्ने के शीरे से नहीं, बल्कि मक्का, गन्ने के रस, बी-हैवी शीरा और FCI के अतिरिक्त चावल से भी बन रहा है। इससे पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य पूरा हो रहा है और किसानों को नए बाज़ार मिल रहे हैं, पर खाद्य सुरक्षा और जल उपयोग जैसी चुनौतियाँ भी हैं।
By Lata Mishra
आधे से ज़्यादा किसानों को अपनी मेहनत की फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। मौसम की मार और कीड़े-मकोड़ों से खेती पर खतरा मंडरा रहा है। विकिफार्मर के सर्वे में 51.1% किसानों ने कहा कि उन्हें उपज का उचित मूल्य नहीं मिला, 45.1% की आय घटी और 83% को फसल का नुकसान हुआ।
आधे से ज़्यादा किसानों को अपनी मेहनत की फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। मौसम की मार और कीड़े-मकोड़ों से खेती पर खतरा मंडरा रहा है। विकिफार्मर के सर्वे में 51.1% किसानों ने कहा कि उन्हें उपज का उचित मूल्य नहीं मिला, 45.1% की आय घटी और 83% को फसल का नुकसान हुआ।
By Lata Mishra
मध्य प्रदेश का मत्स्य पालन क्षेत्र अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा! कुवैत की ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच 7,430 करोड़ का बड़ा निवेश और बाय-बैक समझौता हुआ है। इससे 35,000 नई नौकरियां, 4 लाख टन मछली और 1.23 लाख टन सब्जी उत्पादन बढ़ेगा, साथ ही 6,000 करोड़ का निर्यात होगा।
मध्य प्रदेश का मत्स्य पालन क्षेत्र अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा! कुवैत की ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच 7,430 करोड़ का बड़ा निवेश और बाय-बैक समझौता हुआ है। इससे 35,000 नई नौकरियां, 4 लाख टन मछली और 1.23 लाख टन सब्जी उत्पादन बढ़ेगा, साथ ही 6,000 करोड़ का निर्यात होगा।
By Lata Mishra
आजकल लोग स्नैक्स खरीदते समय स्वाद से ज़्यादा पैकेट पर लिखी सामग्री, पोषण और सेहत पर ध्यान दे रहे हैं। 62% लोग सामग्री की जानकारी को अहम मानते हैं, और 86% प्रोटीन वाले स्नैक्स पसंद करते हैं। हेल्दी स्नैक्स का बाज़ार बढ़ने से बाजरा, दालें, गुड़, खजूर और मेवों जैसी चीज़ों की मांग भी बढ़ेगी।
आजकल लोग स्नैक्स खरीदते समय स्वाद से ज़्यादा पैकेट पर लिखी सामग्री, पोषण और सेहत पर ध्यान दे रहे हैं। 62% लोग सामग्री की जानकारी को अहम मानते हैं, और 86% प्रोटीन वाले स्नैक्स पसंद करते हैं। हेल्दी स्नैक्स का बाज़ार बढ़ने से बाजरा, दालें, गुड़, खजूर और मेवों जैसी चीज़ों की मांग भी बढ़ेगी।
By Lata Mishra
जम्मू-कश्मीर के बागवानों के लिए खुशखबरी! पहली बार अरेको चेरी और सेंट्रोज़ प्लम की खेप यूएई भेजी गई है। एपीईडीए की पहल पर शोपियाँ और पुलवामा के किसानों से खरीदे गए ये फल अबू धाबी और दुबई पहुंचे। इससे किसानों को अच्छे दाम मिले और बागवानी क्षेत्र के लिए नए रास्ते खुले।
जम्मू-कश्मीर के बागवानों के लिए खुशखबरी! पहली बार अरेको चेरी और सेंट्रोज़ प्लम की खेप यूएई भेजी गई है। एपीईडीए की पहल पर शोपियाँ और पुलवामा के किसानों से खरीदे गए ये फल अबू धाबी और दुबई पहुंचे। इससे किसानों को अच्छे दाम मिले और बागवानी क्षेत्र के लिए नए रास्ते खुले।
By Lata Mishra
जरबेरा (Gerbera) एक प्रीमियम कट-फ्लॉवर है, जिसकी मांग शादी, सजावट और बुके बनाने में पूरे साल बनी रहती है। पॉलीहाउस में इसकी खेती से किसान 3–4 वर्षों तक नियमित उत्पादन ले सकते हैं। इस लेख में जानिए जरबेरा की खेती का तरीका, लागत, कमाई, पौध रोपण, देखभाल, बाजार और सफल खेती के लिए जरूरी बातें।
जरबेरा (Gerbera) एक प्रीमियम कट-फ्लॉवर है, जिसकी मांग शादी, सजावट और बुके बनाने में पूरे साल बनी रहती है। पॉलीहाउस में इसकी खेती से किसान 3–4 वर्षों तक नियमित उत्पादन ले सकते हैं। इस लेख में जानिए जरबेरा की खेती का तरीका, लागत, कमाई, पौध रोपण, देखभाल, बाजार और सफल खेती के लिए जरूरी बातें।
By Lata Mishra
पश्चिम बंगाल सरकार ने उत्तर बंगाल के चाय बागान मजदूरों और उनके परिवारों के लिए ₹313.30 करोड़ की प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना (PMCSPY) शुरू की है। इसमें शिक्षा पर ₹177 करोड़, स्वास्थ्य पर ₹72 करोड़ और 321 विश्राम शेड पर ₹63 करोड़ खर्च होंगे, जिससे जीवन स्तर सुधरेगा और बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी।
पश्चिम बंगाल सरकार ने उत्तर बंगाल के चाय बागान मजदूरों और उनके परिवारों के लिए ₹313.30 करोड़ की प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना (PMCSPY) शुरू की है। इसमें शिक्षा पर ₹177 करोड़, स्वास्थ्य पर ₹72 करोड़ और 321 विश्राम शेड पर ₹63 करोड़ खर्च होंगे, जिससे जीवन स्तर सुधरेगा और बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी।
By Lata Mishra
केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को राहत देते हुए बफर स्टॉक के लिए प्याज का खरीद मूल्य 13% बढ़ाकर ₹2,125 प्रति क्विंटलकर दिया है। नई दर 4 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और बफर स्टॉक तैयार करने में तेजी आएगी।
केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को राहत देते हुए बफर स्टॉक के लिए प्याज का खरीद मूल्य 13% बढ़ाकर ₹2,125 प्रति क्विंटलकर दिया है। नई दर 4 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और बफर स्टॉक तैयार करने में तेजी आएगी।
By Lata Mishra
कटहल के बीजों से तैयार की गई कैफीन-मुक्त कॉफी ने न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है, बल्कि महिलाओं को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान किए हैं। केरल की उद्यमी जैमी साजी ने एक ऐसी अभिनव सोच से यह सिद्ध किया है कि अक्सर अनदेखी की जाने वाली चीजें भी संसाधन बन सकती हैं।
कटहल के बीजों से तैयार की गई कैफीन-मुक्त कॉफी ने न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है, बल्कि महिलाओं को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान किए हैं। केरल की उद्यमी जैमी साजी ने एक ऐसी अभिनव सोच से यह सिद्ध किया है कि अक्सर अनदेखी की जाने वाली चीजें भी संसाधन बन सकती हैं।