Manish Mishra

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Manish Mishra

    Animal Husbandry: छोटे पशु कराएं बड़ी आमदनी, यूपी सरकार दे रही पूरी मदद
    Animal Husbandry: छोटे पशु कराएं बड़ी आमदनी, यूपी सरकार दे रही पूरी मदद

    By Manish Mishra

    ग्रामीणों कीआमदनी बढ़ाने में पशुपालन काफी महत्वपूर्ण है। इसमें भी छोटे पशुओं को आसानी सेपालकर बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। यूपी सरकार छोटे पशुओं पालने के लिए कई अलग-अलगयोजनाएं चला रही है। किसान जिनका फायदा उठा सकते हैं।

    ग्रामीणों कीआमदनी बढ़ाने में पशुपालन काफी महत्वपूर्ण है। इसमें भी छोटे पशुओं को आसानी सेपालकर बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। यूपी सरकार छोटे पशुओं पालने के लिए कई अलग-अलगयोजनाएं चला रही है। किसान जिनका फायदा उठा सकते हैं।

    BTech और MBA के बाद शुरू की Corporate Farming; 1,00,000 एकड़ पर खेती जल्द।
    BTech और MBA के बाद शुरू की Corporate Farming; 1,00,000 एकड़ पर खेती जल्द।

    By Manish Mishra

    जहां एक और युवा खेती से दूर भाग रहे हैं, वहीं एक युवा, जिसने कभी खेती नहीं देखी और परिवार का खेती-किसानी से दूर-दूर तक रिश्ता भी नहीं था। बीटेक के बाद एमबीए किया और कार्पोरेट सेक्टर में नौकरी की। इस दौरान खेती की अपार संभावनाएं देखीं और खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार। जेट्टा फार्म्स के फाउंडर ऋतुराज शर्मा आज दुनिया का सबसे बड़ा किसान बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया एग्रीप्रेन्योर बनने का फार्मूला। जेट्टा फार्म्स आज तीन राज्यों में करीब एक लाख एकड़ पर खेती कर रहा है, 70 से अधिक फसलें उगा रहा है, समेकित टर्नओवर 130 करोड़ का है। हजारों किसान जुड़ कर खेती कर रहे हैं।

    जहां एक और युवा खेती से दूर भाग रहे हैं, वहीं एक युवा, जिसने कभी खेती नहीं देखी और परिवार का खेती-किसानी से दूर-दूर तक रिश्ता भी नहीं था। बीटेक के बाद एमबीए किया और कार्पोरेट सेक्टर में नौकरी की। इस दौरान खेती की अपार संभावनाएं देखीं और खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार। जेट्टा फार्म्स के फाउंडर ऋतुराज शर्मा आज दुनिया का सबसे बड़ा किसान बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया एग्रीप्रेन्योर बनने का फार्मूला। जेट्टा फार्म्स आज तीन राज्यों में करीब एक लाख एकड़ पर खेती कर रहा है, 70 से अधिक फसलें उगा रहा है, समेकित टर्नओवर 130 करोड़ का है। हजारों किसान जुड़ कर खेती कर रहे हैं।

    दुनिया में कहीं भी पा सकेंगे खेत की मिट्टी और फस़ल की जानकारी।
    दुनिया में कहीं भी पा सकेंगे खेत की मिट्टी और फस़ल की जानकारी।

    By Manish Mishra

    क्या कभी सोचा है कि मोबाइल पर एक क्लिक करके मिट्टी की सेहत के साथ ही फसल की पूरी जानकारी पा सकते हैं। ऐसा ही एक ऐप है ‘रुटेक’। एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके आप पूरी जानकारी व्हाट्सऐप पर अपनी भाषा में पा सकते हैं। AI से चुटकियों में जानें, मिट्टी की जांच, खड़ी फसल की पैदावार, लगने वाले रोग। एआई से हर क्षेत्र में काफी कुछ बदल रहा है। कृषि में भी एआई ने काफी बदलाव कर दिए हैं। अब आप खेत की मेड़ पर खड़े होकर या कहीं से भी मिट्टी की जांच कर सकते हैं। खेत में खड़ी फसल का उत्पादन कितना होगा ये भी बता सकते हैं। Ruteck AI के फाउंडर सद्दान बता रहे हैं-उनका डवलप किया AI Bhumi पोर्टल किस तरह से किसानों की मदद कर रहा है? इससे ज़मीन की पैमाईश और नक्शा भी आसानी से निकाला जा सकता है।

    क्या कभी सोचा है कि मोबाइल पर एक क्लिक करके मिट्टी की सेहत के साथ ही फसल की पूरी जानकारी पा सकते हैं। ऐसा ही एक ऐप है ‘रुटेक’। एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके आप पूरी जानकारी व्हाट्सऐप पर अपनी भाषा में पा सकते हैं। AI से चुटकियों में जानें, मिट्टी की जांच, खड़ी फसल की पैदावार, लगने वाले रोग। एआई से हर क्षेत्र में काफी कुछ बदल रहा है। कृषि में भी एआई ने काफी बदलाव कर दिए हैं। अब आप खेत की मेड़ पर खड़े होकर या कहीं से भी मिट्टी की जांच कर सकते हैं। खेत में खड़ी फसल का उत्पादन कितना होगा ये भी बता सकते हैं। Ruteck AI के फाउंडर सद्दान बता रहे हैं-उनका डवलप किया AI Bhumi पोर्टल किस तरह से किसानों की मदद कर रहा है? इससे ज़मीन की पैमाईश और नक्शा भी आसानी से निकाला जा सकता है।

    Assam Floods 2026: 'मेरी पत्नी और 4 साल का बेटा मेरी आंखों के सामने बह गए', असम बाढ़ की सबसे दर्दनाक कहानियाँ
    Assam Floods 2026: 'मेरी पत्नी और 4 साल का बेटा मेरी आंखों के सामने बह गए', असम बाढ़ की सबसे दर्दनाक कहानियाँ

    By Manish Mishra

    असम में आई भयंकर बाढ़ ने शिवसागर जिले में सैकड़ों परिवारों को प्रभावित किया। तेज़ प्रवाह ने गांवों को रौंद दिया। देवीराम पानिका अपने परिवार को खो चुके हैं, और राजन पानिका की पत्नी का शव 11 दिन बाद मिला। एक छोटी बच्ची रात भर बांस में फंसी रही, पर अगली सुबह सुरक्षित निकाली गई।

    असम में आई भयंकर बाढ़ ने शिवसागर जिले में सैकड़ों परिवारों को प्रभावित किया। तेज़ प्रवाह ने गांवों को रौंद दिया। देवीराम पानिका अपने परिवार को खो चुके हैं, और राजन पानिका की पत्नी का शव 11 दिन बाद मिला। एक छोटी बच्ची रात भर बांस में फंसी रही, पर अगली सुबह सुरक्षित निकाली गई।

    Assam Flood 2026: दो हफ़्ते बाद भी बेघर हैं लोग, असम में बाढ़ का ख़ौफ़ बरकरार, जानें 'गाँव कनेक्शन'की टीम ने क्या-क्या देखा
    Assam Flood 2026: दो हफ़्ते बाद भी बेघर हैं लोग, असम में बाढ़ का ख़ौफ़ बरकरार, जानें 'गाँव कनेक्शन'की टीम ने क्या-क्या देखा

    By Manish Mishra

    असम के ऊपरी इलाक़ों में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। दो सप्ताह बाद भी लोग बेघर हैं और राहत कार्य जारी है। शिवसागर ज़िले के नेपालकुटी गाँव में कई घर, मवेशी और आजीविका बह गई। 25 से 30 लोगों के लापता होने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, नागालैंड की पहाड़ियों में भारी बारिश और अवैध खनन से आई गाद ने इस आपदा को और गंभीर बना दिया।

    असम के ऊपरी इलाक़ों में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। दो सप्ताह बाद भी लोग बेघर हैं और राहत कार्य जारी है। शिवसागर ज़िले के नेपालकुटी गाँव में कई घर, मवेशी और आजीविका बह गई। 25 से 30 लोगों के लापता होने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, नागालैंड की पहाड़ियों में भारी बारिश और अवैध खनन से आई गाद ने इस आपदा को और गंभीर बना दिया।

    पता नहीं कोई ज़िंदा बचेगा या नहीं, हम 20 साल पीछे चले गए, ₹1 से शुरुआत करनी पड़ेगी; जानें बाढ़ में  सब कुछ गँवाने वाली असम की सीमा की कहानी
    पता नहीं कोई ज़िंदा बचेगा या नहीं, हम 20 साल पीछे चले गए, ₹1 से शुरुआत करनी पड़ेगी; जानें बाढ़ में सब कुछ गँवाने वाली असम की सीमा की कहानी

    By Manish Mishra

    असम में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है। घर-बार, मवेशी और जीवन भर की कमाई सब कुछ पानी में बह गया है। लोग खुले आसमान के नीचे या सड़कों पर तिरपाल तानकर रहने को मजबूर हैं। भुखमरी और बीमारियों का डर सता रहा है, जबकि लगातार बारिश ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।

    असम में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है। घर-बार, मवेशी और जीवन भर की कमाई सब कुछ पानी में बह गया है। लोग खुले आसमान के नीचे या सड़कों पर तिरपाल तानकर रहने को मजबूर हैं। भुखमरी और बीमारियों का डर सता रहा है, जबकि लगातार बारिश ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।

    हर्बल खेती बनेगी कमाई का ज़रिया! सीखें  स्टीविया, तुलसी और जरेनियम की खेती; यहाँ मिल रही मुफ्त ट्रेनिंग
    हर्बल खेती बनेगी कमाई का ज़रिया! सीखें स्टीविया, तुलसी और जरेनियम की खेती; यहाँ मिल रही मुफ्त ट्रेनिंग

    By Manish Mishra

    कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों और हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। तुलसी, स्टीविया, जरेनियम, हल्दी और बड़ी इलायची जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

    कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों और हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। तुलसी, स्टीविया, जरेनियम, हल्दी और बड़ी इलायची जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

    बंगाल चुनाव परिणाम: मतदाताओं ने जताया नहीं, जिताया, क्या थी ज़मीनी हकीकत, जिससे हुआ परिवर्तन
    बंगाल चुनाव परिणाम: मतदाताओं ने जताया नहीं, जिताया, क्या थी ज़मीनी हकीकत, जिससे हुआ परिवर्तन

    By Manish Mishra

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। बीजेपी ने घुसपैठ, महिला सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं को लागू करने जैसे मुद्दों को जनता तक पहुंचाया। टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। राज्य में परिवर्तन की लहर दिखी। किसानों और चाय बागान मजदूरों के लिए बीजेपी ने सुविधाएं देने का वादा किया।

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। बीजेपी ने घुसपैठ, महिला सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं को लागू करने जैसे मुद्दों को जनता तक पहुंचाया। टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। राज्य में परिवर्तन की लहर दिखी। किसानों और चाय बागान मजदूरों के लिए बीजेपी ने सुविधाएं देने का वादा किया।

    Economic Survey 2025-26 : वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में कृषि की भूमिका रहेगी अहम
    Economic Survey 2025-26 : वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में कृषि की भूमिका रहेगी अहम

    By Manish Mishra

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 के अनुसार पिछले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र ने औसतन 4.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज़ की है, जिसमें पशुपालन और मत्स्य पालन का प्रमुख योगदान है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कृषि विकास दर 3.5 प्रतिशत रही।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 के अनुसार पिछले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र ने औसतन 4.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज़ की है, जिसमें पशुपालन और मत्स्य पालन का प्रमुख योगदान है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कृषि विकास दर 3.5 प्रतिशत रही।

    Aravali Diaries : धमाके की धमक से रात में चौंक जाते हैं बच्चे, घुट रहीं ज़िंदगियां।
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    By Manish Mishra

    अंधाधुंध खनन से खोखली हो रही अरावली पहाड़यों के साथ-साथ आस पास के गाँवों में रहने वाले लोगों के सपने बिखर रहे हैं। रात-दिन होने वाले खनन के धमाकों से यहां रहने वाले लोगों के घरों में दरारें आ गई हैं। घरों के पास नियम विरुद्ध खनन से उड़ने वाला धूल के गुबार से जीना दूभर है। तरह तरह की बीमारियां हो रही हैं।

    अंधाधुंध खनन से खोखली हो रही अरावली पहाड़यों के साथ-साथ आस पास के गाँवों में रहने वाले लोगों के सपने बिखर रहे हैं। रात-दिन होने वाले खनन के धमाकों से यहां रहने वाले लोगों के घरों में दरारें आ गई हैं। घरों के पास नियम विरुद्ध खनन से उड़ने वाला धूल के गुबार से जीना दूभर है। तरह तरह की बीमारियां हो रही हैं।