छुट्टा जानवरों से हैं परेशान तो कराएं नि:शुल्क बधियाकरण, जानिए कैसे

अगर आपके क्षेत्र में छुट्टा जानवरों संख्या ज्यादा है तो अपने ग्राम प्रधान या वार्ड मेम्बर की मदद से आवारा पशुओं की लिस्ट तैयार करे। उस लिस्ट को अपने नजदीकी पशुचिकित्सालय में भेजे।

Diti BajpaiDiti Bajpai   27 July 2018 9:56 AM GMT

छुट्टा जानवरों से हैं परेशान तो कराएं नि:शुल्क बधियाकरण, जानिए कैसे

लखनऊ। किसानों की आफत बने छुट्टा जानवर और नस्ल सुधारने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से निशुल्क बधियाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जहां पहले बधियाकरण कराने के लिए राशि देनी पड़ती थी वहीं अब यह पूरे प्रदेश में नि:शुल्क कराया जा रहा है।

इन छुट्टा जानवरों पर नियत्रंण करने के लिए शुरू हुई योजना के बारे में बाराबंकी जिले के फतेहपुर ब्लॉक के उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ टीजे पांडेय ने बताया, "अगर आपके क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या ज्यादा है तो अपने ग्राम प्रधान या वार्ड मेम्बर की मदद से आवारा पशुओं की लिस्ट तैयार करे। उस लिस्ट को अपने नजदीकी पशुचिकित्सालय में भेजे। पशुचिकित्साधिकारी और पशुधन प्रसार अधिकारी आपके गाँव में कैंप लगाकर निशुल्क बधियाकरण कराया जाएगा।"

सड़कों पर चोटिल हो रहे आवारा पशुओं को बेहतर चिकित्सीय सुविधा देने पर काम कर रही चेन्नई की संस्था ब्लू क्रॉस ऑफ इंडिया के मुताबिक भारत में हर साल लाखों की संख्या में छुट्टा जानवरों की वजह से लोग चोटिल होते हैं और कई मामलों में तो जानवरों से टकराकर गाड़ियां गहरे गड्ढ़ों में गिर जाती हैं। इसमें से 75 फीसदी मामले में जानवरों की मौत हो जाती है।


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"छुट्टा जानवर की वजह जहां किसानों की फसलें खराब हो रही है वहीं यह जानवरों सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बन रहे है। इनको नियंत्रित करने के लिए सरकार तो काम कर रही है लेकिन इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना बहुत जरूरी है।" डॉ पांडेय ने बताया।

उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने आवारा एवं छुट्टा पशुओं को एक गम्भीर समस्या बताते हुए कहा था कि इसके निस्तारण के लिए कारगर कदम उठाये जाएं। उन्होंने सुझाव दिया था कि टीकाकरण अभियान के दौरान छुट्टा एवं आवारा पशुओं का निःशुल्क बधियाकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही पशुओं के लिए गोचर भूमि चिन्हित करके गोशालाओं में स्थापना सुविधाओं का विस्तार किया जाए।

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"आवारा जानवरों की वजह से जो नस्लें खराब हो रही है। बधियाकरण करके उन्हें काफी हद कम किया जा सकेगा। क्योंकि अभी प्रदेश में देश में सबसे दूध उत्पादन करता है लेकिन फिर भी प्रति पशु दूध उत्पादकता कम है। इसको बढ़ाने में काफी सहयोग मिलेगा। ग्राम विकास विभाग द्ववारा चारागाहों को भी विकसित किया जा रहा है। " उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ टीजे पांडेय ने बताया।

प्रदेश में चल रहे बधियाकरण कार्यक्रम के बारे में लखनऊ स्थित पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया, "मार्च 2018 तक 14 लाख आवारा पशुओं का बधियाकरण किया गया है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीकाकरण अभियान के दौरान छुट्टा पशुओं का निःशुल्क बधियाकरण कराने के बारे में भी बताया जाता है।"

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