बंगाल में सत्ता बदली तो खुलेगा योजनाओं का खजाना! जानें किन लोगों को होगा लाभ
Gaon Connection | May 04, 2026, 15:22 IST
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के रुझान बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। यदि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आती है तो आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी केंद्रीय योजनाएं लागू हो सकती हैं। ममता बनर्जी सरकार के विरोध के कारण ये योजनाएं अब तक राज्य में पूरी तरह लागू नहीं हो सकी थीं।
बंगाल चुनाव 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच सियासी तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है और रुझान बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं तो राज्य की सत्ता में पहली बार बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। ऐसे में चर्चा इस बात की भी तेज हो गई है कि अगर सत्ता में बदलाव होता है तो क्या वे केंद्रीय योजनाएं जो अब तक राज्य में पूरी तरह से लागू नहीं हो सकीं अब जमीन पर उतरेंगी। ममता बनर्जी के साथ टकराव के चलते कुछ योजनाएं ठप थीं। आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे कार्यक्रम अब इस चुनावी माहौल के केंद्र में हैं जिनसे सीधे आम लोगों और किसानों की जिंदगी जुड़ी है।
ताजा रुझान में BJP आगे
भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक दोपहर 3 बजे तक के रुझानों में BJP 192 सीटों पर आगे है। AITC 96 सीटों पर आगे है। AJUP 2 सीट पर है। INC 1 सीट पर है। CPI M 1 सीट पर है। AISF 1 सीट पर है। इन आंकड़ों से संकेत मिल रहा है कि BJP बहुमत के आंकड़े से आगे बढ़त बनाए हुए है जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पीछे नजर आ रही है।
वोटों की गिनती के साथ अब फोकस सिर्फ जीत हार से हटकर नीतियों पर भी आ गया है। माना जा रहा है कि अगर राज्य में नई सरकार बनती है तो केंद्र सरकार की कई योजनाएं जो अब तक लागू नहीं हैं उन्हें तेजी से लागू किया जा सकता है। केंद्र के नेताओं का आरोप रहा है कि राज्य सरकार की अनिच्छा के कारण कई योजनाओं का लाभ लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया।
पश्चिम बंगाल में फिलहाल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू नहीं है। राज्य सरकार ने इसके स्थान पर अपनी स्वास्थ्य साथी योजना लागू की है।इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी राज्य में पूरी तरह लागू नहीं है जिससे किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा।
फरवरी 2026 में राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान समिक भट्टाचार्य ने कहा था कि पश्चिम बंगाल सरकार कई केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में विफल रही है जिससे लोगों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा था कि जनजातीय और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इन योजनाओं का लाभ न मिलने के कारण प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कई योजनाओं के लागू न होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि भूमि उपलब्ध न कराने के कारण 43 रेलवे परियोजनाएं भी ठप पड़ी हुई हैं जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
आयुष्मान भारत के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलता है। यह योजना देशभर के हजारों अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देती है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को आर्थिक सुरक्षा देती है जिससे उनकी आय सुरक्षित रहती है। अगर ये योजनाएं लागू होती हैं तो इसका सीधा असर गरीब परिवारों और किसानों की जिंदगी पर पड़ेगा।