मुन्नाभाई से निपटने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने की तैयारी
गाँव कनेक्शन | Jun 06, 2017, 18:35 IST
मुन्नाभाई से निपटने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने की तैयारी
ओपी सिंह परिहार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क
इलाहाबाद। शहर में शिक्षा माफियाओं के मंसूबे को फेल करने के लिए समय- समय पर अलग - अलग रणनीति अपनाई जाती है। इसी क्रम में अब जिला प्रशासन ने यहां होने वाली आगामी एलएलबी और परास्नातक (पीजीएटी) प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर जैमर लगाने का निर्णय किया है। ताकि परीक्षा के दौरान कोई अभ्यर्थी मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सके।
आपको बता दें कि विश्वविद्यालय में इस समय प्रवेश परीक्षाओं का दौर चल रहा है। सभी कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। पिछले वर्ष इन प्रवेश परीक्षाओं के दौरान कड़े इंतजाम के बावजूद मुन्ना भाइयों द्वारा बहुत हद तक सफलता पाए जाने का शक है। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन अब परीक्षा कक्ष में अपराध रोकने वाली तकनीक के नए उपयोग आजमाने पर उतर आया है।
डॉ. राम सेवक दुबे, चीफ प्राक्टर
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के त्रिवर्षीय एलएलबी और परास्नातक (पीजीएटी) प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों और जैमर लगायी जायेगी, जिससे की परीक्षा के दौरान कोई अभ्यर्थी मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सके।
जानकारी के लिए बताते चले की तमाम कड़े इंतजाम के बावजूद परास्नातक प्रवेश परीक्षा का पेपर परीक्षा के दौरान व्हाट्सअप पर वायरल हो गया था। जबकि परीक्षा कक्ष में मोबाइल लेकर प्रवेश वर्जित था। पेपर वायरल होने की वजह से परीक्षा निरस्त कर पुनः कराना पड़ा था।
एलएलबी से लेकर पीजीएटी के लिए प्रवेश परीक्षा 7 जून से शुरू है। त्रिवर्षीय एलएलबी की परीक्षा सुबह 9 बजे से 11:30 तक होगी। एमकाॅम और एलएलएम के लिए प्रवेश परीक्षा 9 जून को होगी। जानकारी के मुताबिक एलएलबी प्रवेश परीक्षा में 12369 और पीजीएटी वन के लिए 18949 और पीजीएटी टू के लिए 4539 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
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इलाहाबाद। शहर में शिक्षा माफियाओं के मंसूबे को फेल करने के लिए समय- समय पर अलग - अलग रणनीति अपनाई जाती है। इसी क्रम में अब जिला प्रशासन ने यहां होने वाली आगामी एलएलबी और परास्नातक (पीजीएटी) प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर जैमर लगाने का निर्णय किया है। ताकि परीक्षा के दौरान कोई अभ्यर्थी मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सके।
आपको बता दें कि विश्वविद्यालय में इस समय प्रवेश परीक्षाओं का दौर चल रहा है। सभी कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। पिछले वर्ष इन प्रवेश परीक्षाओं के दौरान कड़े इंतजाम के बावजूद मुन्ना भाइयों द्वारा बहुत हद तक सफलता पाए जाने का शक है। इसी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन अब परीक्षा कक्ष में अपराध रोकने वाली तकनीक के नए उपयोग आजमाने पर उतर आया है।
एलएलबी व अन्य आगामी परीक्षाओं के लिए केंद्र के मुख्य गेट से लेकर परीक्षा कक्ष के अंदर तक अभ्यर्थियों की सघन तलाशी का इंतज़ाम किया गया है। बावजूद इसके यदि कोई मोबाइल लेकर जाने में सफल हो जाता है तो ऐसी स्थिति के लिए केंद्र पर अस्थायी जैमर की व्यवस्था की जा रही है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के त्रिवर्षीय एलएलबी और परास्नातक (पीजीएटी) प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों और जैमर लगायी जायेगी, जिससे की परीक्षा के दौरान कोई अभ्यर्थी मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सके।
जानकारी के लिए बताते चले की तमाम कड़े इंतजाम के बावजूद परास्नातक प्रवेश परीक्षा का पेपर परीक्षा के दौरान व्हाट्सअप पर वायरल हो गया था। जबकि परीक्षा कक्ष में मोबाइल लेकर प्रवेश वर्जित था। पेपर वायरल होने की वजह से परीक्षा निरस्त कर पुनः कराना पड़ा था।
7 जून से शुरू प्रवेश परीक्षा
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