नहीं बनी सहमति, आलू का कितना लिया जाए कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा

नहीं बनी सहमति, आलू का कितना लिया जाए कोल्ड स्टोरेज का भाड़ाआलू का कितना भाड़ा लिया जाए इसपर विवाद।

आलू भाड़ा निर्धारित करने को लेकर कोल्ड स्टोरेज स्वामियों और किसान नेताओं के बीच सहमति नहीं बनी। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। बाद में बहिष्कार करते हुए नेताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी की।

शुक्रवार को डीएम रवीन्द्र कुमार ने कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण शुल्क निर्धारण को लेकर किसान नेताओं और कोल्ड स्वामियों की बैठक बुलाई थी। डीएम ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष आम सहमति से रेट निर्धारित कर लें। किसी पर दवाब बनाकर कोई निर्णय नहीं दिया जा सकता है। जो पिछला रेट लिया गया, वही रहेगा।’’

किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष गीतेंद्र सिंह यादव ने कहा, ‘‘तत्कालीन डीएम साहब ने 200 रुपए प्रति क्विंटल भाड़ा का आदेश जारी किया था, वही लिया जाए। पल्लेदारी, ढुलाई न ली जाए, यह गैरकानूनी है। इसका शासनादेश भी जारी है।’ इस पर डीएम ने कहा, ‘‘इस शासनादेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा।’’

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कोल्डस्टोरेज स्वामी विपिन दीक्षित ने कहा, ‘‘तत्कालीन डीएम के आदेश जारी करने के बाद हम लोगों ने रात में ज्ञापन दिया था। उसे मान्य नहीं किया गया। ज्यादातर स्वामियों ने 220 की भाड़ा लिया था। इसलिए हम लोग बढ़ाएंगे नहीं, लेकिन 220 से कम भी नहीं लेंगे।’’ उन्होंने आगे कहा कि ‘‘किसान को अगर लगे कि भाड़ा अधिक लिया जा रहा है तो उन कोल्ड में न जाएं।’’

कोल्ड स्टोरेज के स्वामी विनय दूबे ने कहा, ‘‘हर साल 10 फीसदी वेतन बढ़ता है, बिजली और अन्य खर्चे बढ़ रहे हैं, इसलिए भाड़ा 220 रुपए प्रति क्विंटल ही रखा जाए। हम लोग कम नहीं कर सकते हैं।’’

कलक्ट्रेट में किसान नेताओं और शीतगृह स्वामियों की बात सुनते डीएम।

एक किसान नेता ने 210 रुपए प्रति क्विंटल भाड़ा लेने की बात कही, इस पर भी सहमति नहीं बनी। डीएचओ मनोज कुमार चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘पिछले सालों का रिकार्ड देखा जाए तो हर साल 20 रुपए भाड़ा बढ़ता है, लेकिन इस बार नहीं बढ़ा है।’’

किसान नेता इस पर भी राजी नहीं हुए। बाद में गीतेंद्र ने कहा, ‘‘हम लोग बैठक का बहिश्कार करते हैं। लाखों किसानों का सवाल है।’’ बेनतीजा रही बैठक से बाहर निकलने के बाद किसान नेताओं ने जिला प्रशासन मुर्दाबाद और किसान एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। किसान नेता श्रीनरायन ने कहा, ‘‘कई कोल्ड स्टोरेज ने तत्कालीन डीएम साहब के आदेश का पालन किया था और 200 रुपए भाड़ा लिया। ऐसे कोल्ड मालिकों को बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया।’’

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