पश्चिमी यूपी के किसानों को संजीवनी देंगे कृषि विज्ञान केंद्र

Sundar ChandelSundar Chandel   26 March 2018 12:49 PM GMT

पश्चिमी यूपी के किसानों को संजीवनी देंगे कृषि विज्ञान केंद्रकेवीके खुलने से किसानों को मिलेगी जानकारी। 

वेस्ट यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी है, उनकी आर्थिक हालत सुधारने के लिए सरकार ने आठ कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इन कृषि विभाग केन्द्रों पर पर जहां एक किसानों को तकनीकि ज्ञान दिया जाएगा, वहीं नए-नए उपकरणों और फसलों की पैदावार बढाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी भी दी जाएगी।

ये भी पढ़ें- देशभर के किसानों ने केवीके के माध्यम से कृषि उन्नति मेला में लिया भाग 

सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्व विद्यालय में इसके लिए जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। वेस्ट यूपी के 22 जिलों के किसान इससे सीधे लाभांवित होंगे। कृषि विवि में अभी तक 14 जिलों के केवीके केन्द्र खुले हुए हैं। केन्द्र सरकार के निर्देश पर आईसीएआर द्वारा वेस्ट यूपी में आठ नए केन्द्र खोले जाना तय हुआ है। राज्य सरकार द्वारा केवीके केन्द्र बनाने के लिए जमीन मुहैया करा दी गई है।

किसान जान सकेंगे खेती के नए तरीके।

ये भी पढ़ें- डबलिंग इनकम : खस के साथ बथुआ या इकौना की खेती कर किसान बढ़ा सकते हैं आमदनी

बरेली और मुरादाबाद मंडल के किसान भी अच्छी उपज ले सकेंगे

ये केवीके केन्द्र वेस्ट यूपी के हापुड़, शामली, संभल, बिजनौर, बरेली, मथुरा, हाथरस और मुरादाबाद में खोले जाएंगे। वहां के किसानों को मेरठ आने में परेशानी उठानी पड़ती थी। मेरठ सहारनपुर के बाद अब मुरादाबाद और बरेली मंडल में भी कृषि विवि के केवीके केन्द्र होंगे। कृषि वैज्ञानिक आरएस सेंगर बताते हैं,“ इनके खुलने से बरेली और मुरादाबाद मंडल के किसान भी अच्छी उपज ले सकेंगे। किसानों को इन केन्द्रों पर नई विकसित तकनीक और नई-प्रजाति के बारे वैज्ञानिक पहले से ही जानकारी देते रहेंगे। इसके अलावा मौसम के अनुसार फसल की पैदावार करने संबंधी सभी जानकारी संबंधित केन्द्र पर तैनात वैज्ञानिक किसानों को देंगे।”

किसानों की आय हो सकेगी ज्यादा।

आयोजित होगी कार्यशाला

वैज्ञानिकों के द्वारा यहां समय-समय पर किसानों की कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। जिसमें विवि से विशेषज्ञ वैज्ञानिक किसानों को तकनीकि ज्ञान के अलावा प्रयोग करके भी दिखाएंगे। कार्यशाला में किसानों को नए उपकरणों और स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के केन्द्र सरकार के प्रोजेक्ट को गति देने के लिए इन केवीके केन्द्रों को खोलने का निर्णय लिया गया है। डा. मनोज बताते हैं कि इन केन्द्रों को खुलने से वेस्ट यूपी के किसानों को संजीवनी मिलेगी। किसानों को समय से पहले नई तकनीक और नई-नई फसलों की जानकारी मिलेगी।

ये होंगी सुविधा

- नए-नए उपकरणों की जानकारी

- मौसम के अनुसार फसलों की पैदावार की जानकारी

- शोध कार्यों की जानकारी

- वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को प्रशिक्षण

- आय को दोगुनी करने के तरीके सुझाए जाएंगे

वेस्ट यूपी में मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, सहारनपुर आदि मंडल आते हैं। मेरठ व सहारनपुर में पहले से केवीके केन्द्र हैं, लेकिन मुरादाबाद और बरेली मंडल इससे पूरी तरह वंचित थे। इसी केा ध्यान में रखते हुए इन मंडल के जनपदों में केवीके केन्द्र खोले जाना तय हुआ है।
प्रो. गया प्रसाद, कुलपति सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्व विद्यालय

ये भी पढ़ें- केवीके की मदद से ऊसर भूमि में लहलहाई फसल

ये भी पढ़ें- टमाटर की खेती ने बदली किसानों की किस्मत

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top