इस बार गन्ने की पैदावर पांच टन प्रति हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य

इस बार गन्ने की पैदावर पांच टन प्रति हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्यप्रतीकात्मक तस्वीर

लख्रनऊ। राज्य सरकार ने इस साल गन्ने की पैदावार को पांच टन प्रति हेक्टयेर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। जिसको लेकर जोरदार तैयारियां की गई हैं। फिलहाल राज्य में 67 टन गन्ना प्रति हेक्टेयर में पैदा किया जाता है। जिसको बढ़ा कर 72 टन प्रति हेक्टेयर तक ले जाने का फैसला कर लिया गया है। प्रदेश के करीब 65 हजार गन्ना किसान को गन्ना विभाग ने एसएमएस के जरिये जोड़ लिया है। जिनको समय समय पर जरूरी जानकारियां दी जा रही हैं।

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प्रदेश सरकार के गन्ना एवं चीनी मिल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने कहा कि विभागवार बजट के आवंटन में सबसे ज्यादा गन्ना विभाग को प्राथमिकता दी गयी है। सरकार गन्ना किसानों को अधिक सुविधाएं देने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि समय से गन्ना मूल्य का भुगतान हो, प्रति हेक्टेयर गन्ना की अधिक पैदावार हो तथा चीनी मिलों पर किसानों को पानी की व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, टीन शेड की व्यवस्था की गयी है। ठण्ड में मिलों पर गन्ना किसानों को स्थायी तौर दो महीने अलाव की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि 65 हजार किसानों को एसएमएस से जोड़ा गया है। टोल फ्री नम्बर पर किसानों की समस्या का समाधान किया जा रहा है।

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मिलों के बाहर धरना और अंदर घटतोली बंद

उन्होंने कहा कि किसी गन्ना मिल पर धरना नहीं दिया गया। मिलों पर घटतौली को रोका जाएगा। तौल क्लर्क 15 दिन में पर्चा के माध्यम से नियुक्त होंगे। राणा ने रविवार को गन्ना किसान संस्थान डालीबाग में भारत सरकार के कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजयपाल शर्मा, सदस्य सचिव डा. शैलजा शर्मा, सलाहकार नूतनराज एवं सहायक निदेशक श्रीमती रीता यादव के साथ बैठक में पेराई सत्र 2017-18 के सम्बन्ध में उचित व लाभकारी मूल्य के निर्धारण व संबंधित पक्षों की राय में कही।

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उन्होंने कहा कि बिना किसी चीनी मिल के खिलाफ कार्यवाही किए ही गन्ना मूल्या का 89 प्रतिशत भुगतान कराया गया। मोदीनगर चीनी मिल की क्षमता को बढ़ाया गया। गन्ना मंत्री ने कहा कि किसानों ने सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में ही 2 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्रफल पर गन्ना की फसल बोयी है। यह सरकार के लिए चुनौती है। किसानों को कोई समस्या न हो, इसलिए पुराने मिलों का अपग्रेडेशन, मिलों का विस्तार व नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी।

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प्रदेश, देश में चीनी उत्पादन में चैम्पियन बनेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना की पैदावार जो 67 टन/हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकार 72 टन/हेक्टेयर किया जाएगा। इससे 2019 तक किसानों की आय बिना गन्ना मूल्य का दाम बढ़ाये, दुगुनी करने में मदद मिलेगी । उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक किया जा रहा कि वे अच्छे बीज का उपयोग करें, वैज्ञानिक पद्धति से गन्ने की खेती करें। राणा ने कहा कि एक सर्वे कराया गया तथा नारा दिया गया कि ‘गन्ना विभाग आपके द्वार तुरन्त सदस्यता पहली बार’ इसके तहत अधिकारियों ने अधिक मेहनत की।

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उन्होंने कहा कि गन्ना किसान दिवस पर अधिकारी किसानों के घर जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। प्रदेश के गन्ना किसान प्रसन्न हैं। गन्ना मंत्री ने कहा कि मिलों को मेन सड़कों से जोड़ने के लिए 400 करोड़ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बहुत सी मिलों के पास क्षमता के अनुरूप गन्ना नहीं है, इसलिए जो सुगर मिलें हैं, उन्ही को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ने की उपलब्धता पर ही सुगर मिल कितनी दूरी पर लगे तय किया जाय।

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