नवंबर के अंतिम सप्ताह से पहले करें प्याज नर्सरी की बुवाई

Divendra SinghDivendra Singh   22 Nov 2018 7:51 AM GMT

नवंबर के अंतिम सप्ताह से पहले करें प्याज नर्सरी की बुवाई

लखनऊ। इस समय किसान प्याज की नर्सरी की तैयारी कर सकते हैं, जिससे दिसम्बर-जनवरी तक किसान प्याज की रोपाई कर सकें।


रबी प्याज के लिए खेत तैयार करने की तकनीक के बारे में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व कृषि वैज्ञानिक डॉ. धीरेंद्र सिंह बताते हैं, ''अधिक लाभ कमाने के लिए प्याज की नर्सरी/रोपणी में ज़्यादा से ज़्यादा पौधों को तैयार करना एक प्रमुख कार्य होता है। रबी प्याज की नर्सरी तैयार करने के लिए उचित समय मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर का होता है। नए पौधे मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी तक रोपने के लिये तैयार हो जाते हैं।''

ये भी पढ़ें : बीजोपचार के बाद ही करें मसूर की बुवाई, उकठा जैसे रोग लगने की नहीं रहेगी संभावना

उन्होंने आगे बताया कि रबी प्याज की बुवाई के लिए बीज दर चार से पांच किग्रा प्रति एकड़ रखना चाहिए। अक्टूबर से नवंबर तक प्याज की नर्सरी लगाने का सही समय होता है।

प्याज उत्पादक प्रमुख राज्यप्याज उत्पादक प्रमुख राज्य


राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अनुसार भारत और चीन प्याज उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे हैं। भारत में हर वर्ष 10.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 168.13 लाख टन प्याज का उत्पादन होता है।

ये भी पढ़ें : चार-पांच महीने में धनिया की फसल से होता है बढ़िया मुनाफा, अभी करें बुवाई


"रबी प्याज की नर्सरी तैयार करने के लिए उचित जल निकासी वाली, उपजाऊ और दोमट मिट्टी अच्छी रहती है। खेत को अच्छी प्रकार से जुताई कर लें और उसमे 40-50 किग्रा. गोबर की अच्छी तरह से सड़ी हुई खाद प्रति वर्ग मीटर में और उसमें 1-3 ग्राम कार्बोफ्यूरान नामक दवा मिलाकर, मिटटी भुरभुरी बना दें, ''डॉ. धीरेंद्र सिंह आगे बताते हैं।

बुवाई के बाद खेत को पुआल से ढकें

बीज बोने से पहले चार-पांच घंटे उसे भिगो ले और उसके बाद कैप्टान या थाइरम (तीन ग्राम/किग्रा) से उपचारित कर लें और बनाई गई कतारों में बीज की बुवाई करें। बुवाई के बाद बीज को वर्मी कम्पोस्ट और उसमें मिट्टी मिलकर ढक दें व नर्सरी को घास-फूस या पुआल से ढक दें और फव्वारें से पानी दें।

बीज को तब तक ढके रखना चाहिए, जब तक पौधे अंकुरित होकर बाहर न आ जाएं। अंकुरण के बाद घास या पुआल को हटा देना चाहिए। रबी मौसम में पौधे तैयार होने में आठ-नौ सप्ताह का समय लगता है।

ये भी पढ़ें : जीरो टिलेज सीड ड्रिल से गेहूं की बुवाई, जुताई के महंगे खर्च में आएगी कमी, मिलेगा ज्यादा उत्पादन

ये भी देखिए : छोटे किसानों के लिए बुवाई का काम आसान करेगी ये मशीन, देखिए वीडियो


More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top