कृषि व्यापार

किसान संगठन ने की सिगरेट तस्करी की जांच की मांग, कहा-किसानों को हो रहा घाटा

नई दिल्ली।(भाषा) तंबाकू की खेती करने वाले किसानों के लगातार बढ़ रहे घाटे और सिगरेट की तस्करी को लेकर जांच की मांग की है। किसानों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशन ने देश में सिगरेट की तस्करी में बहुराष्ट्रीय तंबाकू कंपनियों के हाथ की आशंका की जांच की मांग की है। यह संगठन आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में तम्बाकू किसानों के प्रतिनिधत्वि का दावा करता है।

संगठन के महासचिव मुरली बाबू ने आरोप लगाया कि कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां नीति निर्माताओं को बरगलाने के हर संभाव उपाय कर रही हैं और देश में सिगरेट तस्करी की समस्या को कमतर बता रही हैं। संगठन ने बयान में कहा कि ये विदेशी कंपनियां ऐसी नीति का दबाव बना रही हैं जो उनके कारोबार को अधिक लाभदायक बना सके और वे सिगरेट की तस्करी की समस्या को कमतर बताकर।

ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सिगरेट तस्करी को पकड़ रही एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा सके। बाबू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में कहा, "घरेलू सिगरेट उद्योग2012-13 के 106 अरब स्टिक से गिरकर 2016-17 में 81 अरब स्टिक पर आ गया है। पिछले तीन साल में इन कंपनियों के उत्पादन में आयी कमी और निर्यात में गिरावट के कारण भारतीय किसानों को 3,650 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

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