मलेरिया की चपेट में फिर सीतापुर, सौ से अधिक बुख़ार से पीड़ित

Mohit ShuklaMohit Shukla   29 July 2019 1:53 PM GMT

मलेरिया की चपेट में फिर सीतापुर, सौ से अधिक बुख़ार से पीड़ित

सीतापुर। सीतापुर जिले में एक बार फिर से मलेरिया बुखार ने अपने पांव पसार लिया है। इस समय जनपद में सौ से अधिक मरीज मलेरिया से ग्रसित है। अधिकतर मरीज जिले के मिश्रिख तहसील के गोंदलामऊ ब्लॉक के हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने सूचना मिलते ही जिले में रैपिड रिस्पॉन्स टीम के जरिये ईलाज करना शुरू कर दिया है। इसके पहले 2018 में भी गोंदलामऊ में मलेरिया बुखार ने पांव पसारा था जिसमें चार दर्जन से अधिक बच्चो की मौत हो गई थी।

इस बार भी गोंदलामऊ ब्लाक के रामगढ़ गांव में 50 से अधिक बच्चें मलेरिया की चपेट से जूझ रहे है। वहीं बिसवा तहसील के रेवसा ब्लाक के डलिया गांव मे भी करीब 60 बच्चे मलेरिया की चपेट में आ गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ सुरेंद्र सिंह ने बताया, "मलेरिया से ग्रसित सभी गांवो में जाकर मलेरिया की दवाइयां वितरित की जा रही हैं। गांव में ही लोगो का ब्लड लेकर के स्लाइड तैयार कराई जा रही है।"

सीतापुर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. नैय्यर ने बताया कि बरसात का मौसम है और वायरल बुखार चल रहा है। गांवो में हमारी स्वाथ्य टीम जाकर के लोगों का परीक्षण कर दवाएं वितरित कर रही है।

गांव के रिहायशी इलाकों में रूका हुआ पानी और गंदगी का अंबारगांव के रिहायशी इलाकों में रूका हुआ पानी और गंदगी का अंबार

महोली ब्लाक के पीतमपुर में भी मलेरिया बुखार की शिकायत मिलने वहां पर चालीस लोगो का ब्लड सैम्पल लिया गया है। बीते वर्ष भी गोंदलामऊ ब्लाक के में 50 से अधिक मोतें हुई थी। जिसके बाद प्रशासन और स्वाथ्य महकमें में खलबली मच गई थी। लेकिन इसके बावजूद भी गांव मे गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

यह भी पढ़ें- विश्व मलेरिया दिवस: मलेरिया के ये हैं लक्षण, जानें बचाव और उपचार का तरीका


More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top