उन्नाव हत्याकांड: इलाज करा रही पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया अपना बयान

पीड़िता का बयान आरोपी विनय के द्वारा पुलिस कस्टडी में दिए गए बयान और पुलिस की विवेचना से मेल खाता है।

उन्नाव हत्याकांड: इलाज करा रही पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया अपना बयान

उन्नाव (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गाँव में बीते 17 फरवरी को हुए हत्याकांड में जीवित बची पीड़िता ने इलाज के दौरान हालात में सुधार होने पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उन्नाव पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी मीडिया को दी।

पुलिस ने बताया कि ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को दर्ज कराए अपने बयान में पीड़िता ने बताया है कि आरोपी विनय से उसकी मुलाकात लॉकडाउन में हुई थी। जब वह अपने खेत में काम करने जाती थी, उसी समय विनय उर्फ लंबू भी पास के अपने खेत में काम करने आता है। खेतों में काम करने के दौरान ही आपस में बातचीत होने लगी। कुछ दिन पहले से विनय उर्फ लंबू अपने एक साथी को भी साथ लेकर आने लगा था।

"बातचीत के दौरान एक दिन विनय ने मुझसे मोबाइल नंबर मांगा जिस पर हमने मोबाइल न रखने की बात कहते हुए उसे मना कर दिया। इसके बाद विनय ने मुझे प्रेम प्रस्ताव दिया तो मैंने उसे सिरे से ठुकरा दिया। मैंने उससे कहा कि हमारे मन मे ऐसा कुछ नही है। इस दिन के बाद से कुछ दिन के लिए मैंने खेत जाना बंद कर दिया।"

"कुछ दिन बाद जब फिर हम खेत गए तो विनय फिर हमको खेत में मिला और अपनी गलती के लिए माफी मांगने लगा। उस दिन भी हम सभी रोज की तरह अपने खेत में जानवरों को चारा लेने के लिए गए थे। उस दिन हम लोगों ने खेत जाते समय गाँव की दुकान से नमकीन की पैकेट ली थी। चारा काटने से पहले जब हम नमकीन खाने लगे, तब तक पास के खेत मे मौजूद विनय उर्फ लंबू अपने साथी सचिन के साथ हम लोगों के पास बातचीत करने आ गया जिसके पास पानी की बोतल थी। नमकीन तीखी होने पर मैंने विनय से पानी की बोतल ली और बारी-बारी से पानी पिया। थोड़ी देर बाद हम तीनों को चक्कर आने लगे तो हमारी हालात देखकर विनय और उसका दोस्त सचिन भाग गया। इसके बाद क्या हुआ मुझे कुछ पता नहीं है।"

विसरा रिपोर्ट में मिला सल्फो सलफ्यूरान नामक रसायन

एसपी आनन्द कुलकर्णी ने बताया कि पीड़िता के बयान के साथ विसरा रिपोर्ट भी आ गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों को खरपतवार नाशक दवा सल्फो सल्फ्यूरान को पानी में मिलाकर आरोपियों द्वारा पिलाया गया था। इसे पानी में मिलाने पर पानी का न रंग बदलता है न गंध आती है।

पानी में गंध या स्वाद के बारे में सवाल पर पीड़िता ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को बताया, "पानी का न रंग बदला था न ही गंध आ रही थी। जिस हैंडपंप से पानी लाया गया था, वह पास में ही लगा है और उसका पानी पहले से ही खराब है। इसलिए हमें किसी तरह का शक नही हुआ,और हमनें पानी पी लिया।"

आपको बता दें कि उन्नाव हत्याकांड में जीवित बची लड़की का इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहाँ पीड़िता की हालत में सुधार होने पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 164 के तहत बंद कमरे में पीड़िता के कलम बंद बयान दर्ज किए। इसके पहले प्रशासनिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विवेचक एसओ असोहा ओमप्रकाश रजक ने 161 के तहत किशोरी के बयान दर्ज किए, जो कि आगे दर्ज मामलें में शामिल किए जाएंगे।

गौरतलब है कि उन्नाव जिले के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गाँव में 17 फरवरी को गाँव से कुछ दूर सरसों के खेत में तीन लड़कियां देर शाम बेहोशी की हालत में मिली थी। इसके बाद परिजनों ने तीनों लड़कियों को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दो लड़कियों को मृत घोषित कर दिया जबकि तीसरी लड़की को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया जहाँ से देर रात डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया था।

घटना के संबंध में जीवित बची लड़की का बयान बेहद ही महत्वपूर्ण है। पीड़िता का बयान आरोपी विनय के द्वारा पुलिस कस्टडी में दिए गए बयान और पुलिस की विवेचना से मेल खाता है। इस हत्याकांड के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी विनय और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया था, जिसमें आरोपियों ने जहर खुरानी की बात स्वीकार की थी।

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